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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34016 of 2024
WITH CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 27221 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान मामलें में दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत आवेदन प्ऴ सं० 27221 वषर् 2024 अंतगर्त धारा 376 भा०दं०सं० के अंतगर्त योिजत िकया गया था, िकतु िववेचना के दौरान धारा 5J(2)6 पाक्सो एक्ट की बढ़ो्तरी करते हुए आरोप प्ऴ ्ऺस्तुत िकया गया, तदोपरांत अितिर्व धारा 5J(2)6 पाक्सो एक्ट में भी दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत आवेदन प्ऴ सं० 34016 वषर् 2024 योिजत िकया गया है। इसिलए, उपरो्व उभय दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत आवेदन प्ऴों की सुनवाई एक साथ की जा रही है।
2. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत आवेदन प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 202/2024, अन्तगर्त धारा 376 भा०दं०िव० एवं धारा 5J (2)/6 पाक्सो एक्ट, थाना पिनयरा, िजला महराजगंज में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयिकशन चौरिसया व भगवती ्ऺसाद ि्षवेदी को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। Versus Counsel for Applicant(s) : Dinesh Kumar Pandey, Piyush Patel, Pradeep Kumar, Rasmi Khilwani Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Versus Counsel for Applicant(s) : Dinesh Kumar Pandey, Piyush Patel, Pradeep Kumar, Rasmi Khilwani Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vishal Rajbhar .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) Vishal Rajbhar .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
4. अिभयोजन कहानी सं्षेप में यह है िक, िदनांक 15.06.2024 को लगभग 17.18 बजे, अिभयोिगनी ्षारा इस आशय की ्ऺथम सूचना िरपोटर् दजर् कराई गई है िक उसकी पु्ऴी के साथ िवशाल राजभर ्षारा अवैध संबंध बनाया गया, िजसके कारण उसकी पु्ऴी गभर्वती हो गयी तथा िवशाल राजभर के िवरू्ध उिचत कायर्वाही की याचना की गयी।
5.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। अिभयोजन प्ष के अनुसार, अिभयोिगनी की पु्ऴी के साथ आवेदक ने लगातार शारीिरक संबंध बनाए। उपरो्व शारीिरक संबंध के कारण पीिड़ता चांदनी गभर्वती हो गई, िकतु ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक घटना के तीन िदवस उपरांत संबंिधत पुिलस ्षारा पीिड़ता को िदनांक 18.06.2024 को लगभग 12.30 बजे िजला अस्पताल, महाराजगंज में मेिडकल परी्षण के िलए पेश िकया, जहां उसने आंतिरक, बा्ि और फोरेंिसक परी्षण के िलए मना कर िदया गया। पीिड़ता का धारा 161 दं०्ऺ०सं० के तहत बयान दजर् िकया है, िजसमें उसने अिभयोजन प्ष के मामलें का समथर्न िकया है तथा धारा 164 दं०्ऺ०स का बयान ि्षभाषीय िवशेष िश्षक के माध्यम से अंिकत कराया गया है, लेिकन अिभयोजन प्ष के मामलें में अिधक िवरोधाभास है। आगे यह भी कहा गया िक मामलें के स्ऴ परी्षण में अिभयोजन सा्षी सं०1/अिभयोिगनी ्षारा अपने बयान में यह कथन िकया गया िक "मेरी लड़की चांदनी मेरा कहना मानती हैं। जैसा-जैसा मैं कहती हूं वैसा वैसा करती है मेरी लड़की मेरे पास मेरे घर पर है। स्कू ल में नाबािलग वाला कागज दरोगा जी बनवाएं थे। उसी कागज के िहसाब से मैने आज मुख्य परी्ष में लड़की की उ्ा कम बतायी है।" इससे पिरलि्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता ्षारा अपने मां के कहने पर उपरो्व बयान िकया गया तथा इस मामलें को रंग देने के आशय से किथत पीिड़ता की उ्ा भी कम करायी गयी है, जबिक मेिडकल िरपोटर् में िचपकाई गई पीिड़ता की तस्वीर और धारा 161 दं०्ऺ०सं० के तहत पीिड़ता के बयान और शै्षिणक िरकॉडर् के अवलोकन से यह ्ऺतीत होता है िक पीिड़ता स्वस्थ और सामान्य मिहला है। यिद वह सामान्य मिहला नहीं है, तो स्वाभािवक रूप से वह सामान्य स्कू ल में नहीं पढ़ती तथा जाँच अिधकारी ने स्वीकार िकया िक उन्होंने पीिड़ता अथार्त् चांदनी का बयान धारा 161 दं०्ऺ०सं० के तहत दजर् िकया था, जो पीिड़ता ने बताया है, अतः यह स्प्ि है िक पीिड़ता बताने में समथर् है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर
अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 16.06.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 6. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा पीिड़ता को अके ला पाकर उसके जबरदस्ती शारीिरक संबंध स्थािपत िकया गया, िजससे वह गभर्वती हो गयी तथा पीिड़ता की भाषा एवं सुनने की ्षमता असामान्य है, िजसके कारण उसका धारा 164 दं०्ऺ०सं० का बयान ि्षभािषय िवशेष िश्षक के माध्यम से अंिकत िकया गया, िजसमें उसके ्षारा अिभयु्व के िवरू्ध िविश्ि अिभकथन िकया गया है। इससे पिरलि्षत है िक अिभयु्व ्षारा पीिड़ता के असामान्य शारीिरक ्षमता एवं मौके के लाभ लेते हुए उसके साथ उ्व अपराध कािरत िकया गया है, िजसके कारण वह BAIL No. 34016 of 2024 2
गभर्वती भी हो गयी है। आगे यह भी कहा गया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
7. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता को अके ला पाकर आवेदक/अिभयु्व ्षारा उसके साथ जबरदस्ती शारीिरक संबंध स्थािपत िकया गया, िजससे वह गभर्वती हो गयी तथा पीिड़ता की भाषा एवं सुनने की ्षमता असामान्य है, िजसके कारण उसका धारा 164 दं०्ऺ०सं० का बयान ि्षभािषय िवशेष िश्षक के माध्यम से अंिकत िकया गया, िजसमें उसके ्षारा अिभयु्व के िवरु्ध िविश्ि अिभकथन िकया गया है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
8. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 9, 2025 CP.sahani BAIL No. 34016 of 2024 3 (Dr.
Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad