Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8839 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 128/2022, अन्तगर्त धारा 363/ 324/ 376डी/ 450 भा.दं.सं. एवं धारा 06 पाक्सो एक्ट, थाना मुस्करा, िजला हमीरपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी चन्दन िसह को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. यह आवेदक का ि्षतीय जमानत आवेदन प्ऴ है ्ऺथम जमानत आवेदन प्ऴ इसी न्यायपीठ ्षारा िदनांक 17.08.2023 को िनरस्त कर िदया गया था।
3.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक ्षारा किथत पीिडता का ्िपहरण नहीं िकया गया है और न ही उसके साथ जबरदस्ती दुराचार िकया गया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, िजसका कोई स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक को मामले में के वल संशय के आधार पर नािमत िकया गया है। किथत पीिड़ता ्षारा अपने दारा 161 दं०्ऺ०सं० के बयान में यह कथन िकया गया है िक "िद० 22.07.2022 को गहरौली गांव, िफर वहां से खडेही लोधन गांव में ले गये िफर हमीरपुर गये उसके बाद कानपुर गये, िफर ्िेन पकड़कर िदल्ली िखचरा गांव में ले गये" िकतु किथत घटना िबना किथत पीिड़ता के होना संभव ्ऺतीत नहीं हो रहा है। उनका यह भी कथन है िक किथत पीिड़ता ्षारा अपने बयान में यह कथन िकया गया िक 'अिभयु्व ्षारा उसके ऊपर गमर् दाल फें क िदया गया, तब मकान मािलक ्षारा मेरा जला हाथ देखा गया, तब उनके ्षारा इलाज करवाया गया', जबिक मकान मािलक ्षारा अपने बयान में यह कथन िकया गया िक "मैंने उसे िकराये पर कमरा िदया था और वह अिशका लड़की से बातचीत मेरी होती थी तो वह िजतेन््श को अपना भाई बताती थी। एक िदन Versus Counsel for Applicant(s) : Azad Khan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Jitendra @ Kallu .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
वह खाना बना रही थी तो अचानक कु कर का ढक्कन खुल गया था िजससे उसका हाथ जल गया था और उसका इलाज िजतेन््श ही ले जाकर कराया था, मैंने नहीं कराया था" उ्व तथ्यों से स्प्ि है िक किथत पीिड़ता के बयान की पिरपुि्ि नहीं हो रही है एवं किथत पीिड़ता सहमत प्षकार है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 17.09.2022 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा सूची से हटकर यह कहा गया िक उ्व वाद समानता के आधार पर देख िलया जाए। जबिक प्ऴावली अवलोकन करने के बाद उ्व वाद से संबंिधत िजस सहअिभयु्व से समानता के आधार पर आवेदक के िव्षान अिधव्वा समानता की जमानत क्लेम कर रहे थे उसी के जमानत आवेदन प्ऴ में पािरत आदेश में यह उिल्लिखत है िक तथाकिथत घटना कािरत करने की मुख्य भूिमका आवेदक जीतेन््श उफर् कल्लू की ही है। अिभयु्व ्षारा अिभयु्व ्षारा आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, तथाकिथत घटना में आवेदक की मुख्य भूिमका स्प्ि की गयी है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। October 14, 2025 S.Mishra BAIL No. 8839 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad