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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 191844 (ALL)

SARAFRAJ v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/36374/2025 · 2025-10-16

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 36374 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 61/2025 अन्तगर्त धारा 123/ 64(1)/ 319(2) बी.एन.एस. एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट, थाना अंकु र िवहार, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एस.पी. िम्शा ्षारा अपना वकालतनामा दािखल िकया गया, उसे प्ऴावली पर रखा जाए। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक के िखलाफ चार िदन की देरी से एक झूठी ्ऺथम सूचना िरपोटर् दजर् करायी गयी है, देरी का कोई कारण नहीं िदया गया। है। िचिकत्सीय िरपोटर् के अनुसार पीिड़ता की उ्ा लगभग 19 वषर् है। आवेदक के िखलाफ दजर् िरपोटर् में अपराध की घटना का कोई भी समय अिकत नहीं िकया गया है। मुकदमा वादी (पी०डब्लू०1) ने अपने बयानों में कहा है िक मैंने कोई घटना नही देखी है। मेरी बेटी घर से नाराज होकर अपनी नानी मेरी मम्मी के घर िबना बताये चली गयी थी, मेरी बेटी ने मुझे सरफराज िनवासी कािसन िवहार लोनी, गािजयाबाद का रहने वाला है, फोन पर बुलाने की बात नहीं बतायी गयी और ना ही सरफराज ्षारा आटो में बैठाकर डी०एल०एफ० वाले ठेके के पास होटल में ले जाकर पेप्पी िपलाकर बेहोश होने वाली बात नहीं बतायी थी तथा ना ही सरफराज ने होटल में गलत काम करने की बात बतायी थी। मैं थाना अंकु र िवहार िदनांक 06.02.2025 को अपनी बेटी की गुमशुदगी की िरपोटर् दजर् कराने गयी, तहरीर मुझे पढ़कर नहीं सुनायी थी। घटना की बाबत पुिलस ने मेरा कोई बयान नहीं िलया था। पीिडता पी०डब्लू० 2 ने अपने बयान में कहा है िक घटना िदनांक 05.02.2025 की है उस िदन मेरी माता से लडाई हो गयी थी, और मैं नाराज होकर नानी के यहां Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar Tiwari Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sarafraj .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) चली गयी थी जब मैने नानी से मना िकया था िक मम्मी को मेरे यहां रूकने को नहीं बतायी सुबह को मैं स्वंय चली जाऊं गी जब मैं सुबह घर पहुंची तो पता चला िक मेरे को तलाश करने के चलते लोगो के कहने पर अम्मी में थाने में िरपोटर् िलखा दी थी। क्योिक पुिलस वालो ने मम्मी से कहा था िक जब आपकी बेटी िमल जाये तो उसे थाने लेकर आईयेगा, थाने में पुिलस वालो ने मुझसे पूछताछ की थी, मैने पुिलस को अपनी नानी के यहां जाने की बात बता दी थी, पुिलस ने मेरा अकारण मेिडकल भी कराया और मुझे मिजस््िेट साहब के सामने पेश िकया जहां उन्होने अिभयु्व सरफराज के िवरू्ध बयान देने की बात की थी, और यह भी कहा था िक यिद तुमने सरफराज के िवरू्ध गवाही नही दी तो तुम्हारी माता को जेल भेज देगे क्योिक तुम्हारी मम्मी ने झूठी िरपोटर् िलखायी है और पुिलस को परेशान िकया है। आवेदक के िखलाफ उ्व किथत फजर् घटना के संदभर् में पिब्लक का कोई भी स्वतं्ऴ जनसा्षी नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 11.02.2025 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 5. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य ्ऺश्नगत ्ऺकरण में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. BAIL No. 36374 of 2025 2 आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 17, 2025 S.Mishra BAIL No. 36374 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad