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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 42595 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 169/2024 अन्तगर्त धारा 363/ 376 भा.दं.सं. एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट, थाना गुलावठी, िजला बुलन्दशहर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा अवगत कराया गया िक उन्हें ्ऺाप्त अनुदेश के अनुसार िवप्षी सं० 4 को नोिटस, िनष्पािदत/तामील कराया जा चुका है।
4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। किथत पीिड़ता के धारा 164 सीआरपीसी के बयान में कथन िकया िक मैं पंकज को दो साल से जानती हूं मैं और पंकज एकदूसरे से प्यार करते हैं मेरे घर वाले तैयार नहीं थे मेरी और पंकज की शादी के िलये क्यों िक़ पंकज मेरे गांव का है इस िलये मै िबना बताये घर से चली गयी थी िफर चार िदन हम पंजाब मे कमरे मे रहें िफर मेरे मम्मी और पापा का फोन आया िक तुम एक बार घर आ जाओ िफर तुम िजससे चाहोगी उससे शादी करवा देंगे िफर हापुड मे पुिलस वाल ने पकड िलया मैं अपनी मजर् से पंकज के साथ गयी थी पंकज ने मुझे बहलाया फु सलाया नही है कज ने मेरे साथ कोई जबरदस्ती नहीं की है जो भी हुआ मेरी मजर् से हुआ। मुझे पंकज को बचाना है। मैं उससे प्यार करती हूं। मुझे मम्मी और पापा के साथ ही रहना है लेिकन मैं पंकज को बचाना चाहती हूं।
5.
उ्व बयान अवलोकन से यह स्प्ि है िक आवेदक ्षारा पीिड़ता के साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं की है। उ्व बयान से यह भी स्प्ि होता है िक पीिड़ता एक सहमत प्षकार है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर Versus Counsel for Applicant(s) : Pragati, Shaili Ganguly, Virendra Kumar Gupta Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pankaj .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 28.05.2024 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
7. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य ्ऺश्नगत ्ऺकरण में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
8. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
1. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
1. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
1.
आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
1. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 16, 2025 S.Mishra BAIL No. 42595 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad