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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 191291 (ALL)

SHIVA v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/14425/2025 · 2025-10-09

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 14425 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 331/2024 अन्तगर्त धारा 70(2)/ 351(3) बी.एन.एस. एवं धारा 5जी/6 पाक्सो एक्ट एवं धारा 67 आई.टी एक्ट, थाना नरसैना, िजला बुलंदशहर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा ्षारा ्ऺत्युतर शपथ प्ऴ दािखल िकया गया, उसे प्ऴावली पर रखा जाए। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। मामले के अिभयोजन सा्षी सं. 02 पीिडता ने अपने बयान में कथन िकया िक घटना कािरत करने वालो को मैंने नहीं पहचाना था। कलुआ और िशवा को मैं जानती हूं। वह मेरे गांव के रहने वाले है। मैंने डाक्टर साहब को बयान दरोगा जी के कहने पर िदया था। िवकास भवन सी०डब्लू०सी० में बयान मैंने दरोगा जी के कहने पर िदये थे। मैंने दरोगा जी को घटना कािरत करने वाली बात में िशवा या सिचन का नाम नहीं बताया था। कचहरी में जज साहब को बयान मैंने दरोगा जी के कहने पर िदया था। सिचन और िशवा का नाम मुझे दरोगा जी ने बताया था। मैंने अपने दादा को इनके नाम नहीं बताये थे। इस ्ऺकार मामले की उ्व सा्षी प्ष्शोही हो गयी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 07.12.2024 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. Versus Counsel for Applicant(s) : Akhilesh Srivastava, Saksham Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shiva .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य ्ऺश्नगत ्ऺकरण में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 10, 2025 S.Mishra BAIL No. 14425 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad