Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30441 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 0316/2025, अन्तगर्त धारा 64(1), 351(3) भारतीय न्याय संिहता, थाना जानी, िजला मेरठ में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् अितिवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक ्ऺबंधक/िरसेप्शिनस्ट के बयान के अवलोकन से यह स्प्ि है िक आवेदक और ्ऺथम सूचक दोनों ने दोपहर 1:25 बजे होटल में चेक-इन िकया और शाम 4:50 बजे चेक-आउट िकया और चेक-आउट के बाद, ्ऺथम सूचक ने वतर्मान मामले में आरोिपत कोई िशकायत नहीं की है तथा जाँच अिधकारी ने आवेदक और अिभयोिगनी के मोबाइल फोन के कॉल िडटेल िरपोटर् के अवलोकन से यह स्प्ि है िक िदनांक 06.06.2025 को आवेदक ने अिभयोिगनी को दोपहर 12:36:44 बजे और िफर 16:47:12 और 16:47:47 पर कॉल िकया और इसके बाद अिभयोिगनी ने आवेदक को कॉल िकया। िदनांक 28.07.2025 को, जाँच के दौरान, जाँच अिधकारी ने संबंिधत होटल के एक कमर्चारी का बयान भी दजर् िकया है, िजसमें उसने बताया है िक चेक-आउट के बाद, आवेदक और ्ऺथम सूचनाकतार् बहुत खुश थे और एक-दूसरे की संगित का आनंद ले रहे थे तथा किथत पीिड़ता के िचिकत्सीय परी्षण आख्या के अनुसार अिभयोजन कथानक का समथर्न नहीं हो रहा है। इससे अिभयोजन कहानी संिदग्ध पिरलि्षत हो रही है। यहाँ यह उल्लेख करना उिचत है िक अिभयोिगनी लगभग 30 वषर् की एक तलाकशुदा मिहला है, िजसकी लगभग 14 वषर् की एक पु्ऴी है तथा वह के वल धन ऐंठने के िलए झूठी ्ऺाथिमकी और िशकायत दजर् कराने का आदी है और इसी ्वम में, िदनांक Versus Counsel for Applicant(s) : Nipun Singh, Vivek Chaturvedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vipul Jain .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 06.06.2025 की उ्व किथत घटना के बाद, आवेदक को 40 लाख रुपये की अितिर्व मांग करके ब्लैकमेल करना शुरू कर िदया और उ्व मांग पूरी करने से इनकार करने के पिरणामस्वरूप वतर्मान वाद में अिभयु्व नािमत कर िदया गया। किथत पीिड़ता ्षारा अवैध धन ऐंठने के आशय से िमथ्या तथ्यों के आधार पर इसी ्ऺिकृ त के आ्षेप आरोिपत कर कई ्िि्वयों के िवरू्ध अिभयोग पंिजकृ त कराया जा चुका है। इसकी पिरपुि्ि पूरकशपथ प्ऴ में अनुलग्नक 1 पर उल्लेिखत कई अिभयोगों से भी हो रही है, जो किथत पीिड़ता ्षारा दजर् करायी गयी है। यहाँ यह उल्लेख करना भी उिचत है िक ्ऺथम सूचक के वल धन ऐंठने के िलए झूठी ्ऺाथिमकी और िशकायतें दजर्
कराने की आदी है। वतर्मान ्ऺाथिमकी, ्ऺथम सूचक ्षारा दजर् कराई गई लगातार िशकायतों की एक ्शृंखला मा्ऴ है। यह िक आवेदक का दो मामलों में आपरािधक इितहास है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 31.07.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3.
BAIL No. 30441 of 2025 2
आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 16, 2025 CP.sahani BAIL No. 30441 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad