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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 1331 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 128/2023, अन्तगर्त धारा 376, 366, 344 भा०दं०िव० एवं धारा 3/5(1) िविध िवरू्ध धमर् पिरवतर्न पिरषेध अिधिनयम, थाना फतेहाबाद, िजला आगरा में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्शी जयराम पाण्डेय को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। ्ऺथम सूचना िरपोटर् िवलंिबत है, इसका कोई समुिचत स्प्िीकरण नहीं िदया गया है। ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक किथत पीिड़ता बािलग है तथा उसका आवेदक के साथ ्ऺेम -संबंध था तथा अपनी मजर् से आवेदक के पास आयी थी व िववाह भी कर िलया। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक वह सहमत प्षकार है। इसकी पिरपु्िी किथत पीिड़ता के धारा 161 व 164 दं०्ऺ०सं० के बयान से भी हो रही है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक ्षारा किथत पीिड़ता का धमर् पिरवतर्न नहीं कराया गया है और न ही धमर् पिरवतर्न के िलए कोई दबाव बनाया गया है। आवेदक को इस मामलें में रंिजशन नािमत िकया गया है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक डेढ़ वषर् से अिधक समय से कारागार में िनरू्ध है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 23.06.2023 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Manish Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Naseeb Alam .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
4.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा अिभयोगी की पु्ऴ को उसकी िविधक संर्षता में से ्िपहरण िकया गया तथा दस िदवस से अिधक समय के िलए सदोष पिररोध िकया गया तथा पीिड़ता के साथ बलात्संग कािरत िकया गया। आगे यह भी कहा गया िक अिभयु्व ्षारा बलात्संग के साथ ही साथ पीिड़ता का जबरदस्ती धमर् पिरवतर्न कराकर दूसरा धमर् अपनाया गया। पीिड़ता ्षारा इसकी पिरपुि्ि अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० एवं 164 दं०्ऺ०सं० के बयान में भी िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक मामलें के स्ऴ परी्षण में पीिड़ता ्षारा अपने परी्षण में अिभयु्व के िवरू्ध िविश्ि अिभकथन िकय गया है। आवेदक ्षारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य ्ऺकृ ित का है। इसिलए, अिभयु्व को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता ्षारा घटना की पिरपुि्ि अपने धारा 161 दं०्ऺ०सं० एवं 164 दं०्ऺ०सं० के बयान एवं िवचारण में भी िकया गया है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए यह जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन प्ऴ अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है।
October 17, 2025 CP.sahani BAIL No. 1331 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad