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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 189160 (ALL)
STATE OF UP v. MONTI @ GOVIND AND 2 OTHERS
GOVA/105/2025 · 2025-02-05
body2025
[ 2025 DAILYLAW 189160 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:16981-DB Court No. - 45 Case :- GOVERNMENT APPEAL No. - 105 of 2025 Appellant :- State of U.P. Respondent :- Monti @ Govind And 2 Others Counsel for Appellant :- Ashutosh Kumar Sand Hon'ble Saumitra Dayal Singh,J. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. (माननीय न्यायमूर्ति$ डा० गौ$म चौधरी द्वारा पारिर$ न्याय-पत्र)
1. यह अपील उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से वि@द्वान अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय सं० 13, मेरठ द्वारा मु०अ०सं० 1187/2018, धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 376, 120 बी भा०दं०वि@०, थाना सरधना, जिMला मेरठ से उद्भू$ सत्र परीक्षण संख्या 291/2019 (उत्तर प्रदेश राज्य बनाम मोन्टी उर्फU गोवि@न्द) ए@ं मु०अ०सं० 1187/2018, धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 120 बी भा०द०वि@० से उद्भू$ सत्र परीक्षण सं० 113/2020 (उत्तर प्रदेश राज्य बनाम 1. वि@क्की उर्फU वि@क्रां$, 2. रमेश), थाना सरधना, जिMला मेरठ में विदनांक 27.09.2024 को पारिर$ विनणUय/आदेश के वि@रूद्ध योजिM$ विकया गया है।
2.
@ाद के $थ्य संक्षेप में यह है विक अभिभयोग/अभिभयोMन साक्षी सं०-1 द्वारा एक लिललिb$ $हरीर प्रदशU क-1 थानाध्यक्ष, थाना सरधना, जिMला मेरठ को इस कथन के साथ प्रस्$ु$ की गयी विक प्राथf की पुत्री /पीविg$ा, उम्र करीब 17 @र्षU, विदनांक 23.10.2018 को समय करीब 11 बMे विदन गां@ में ही लगे दे@ी के मेले में गयी थी। @ह चॉकलेट कलर की टी-शटU काले रंग का लो@र @ नीले रंग की चुन्नी पहने थी। Mब @ह मेले से @ापस नहीं लौटी $ो Mानकारी की गई। Mानकारी करने पर गां@ के सुदेश पुत्र रामे सिंसह ने ब$ाया विक @ह कालन्द @ाले रM@ाहये के विकनारे स्थिस्थ$ कोल्हू मे गन्ने लगा रहा था, उसने पीविgq$ा को नीले रंग की हीरो होन्डा मोटर साईविकल पर बैठे Mा$े हुये देbा है। @ह दो लgको के बीच बैठी थी, मोटर साईविकल चलाने @ाला लgका हेलमेट लगाये था। जिMसे @ह पहचान नहीं पाया, Mबविक विपछला लgका गां@ का ही वि@क्की उर्फU वि@क्रान्$ पुत्र प्रेम पाल था। वि@क्रान्$ का बgा भाई मोन्टी उर्फU गोवि@न्द भी करीब दो महीने पहले मेरे घर में रावित्र के समय अ@ैध रूप से घुस आया था। जिMसमें
प्राथf ने मुल्हेंडा चौकी पर इस मामले की $हरीर दी थी। रमेश पुत्र बह्म सिंसह उर्फU विबरमू पूणU रूप से सहयोगी है। मुझे पूणU वि@श्वास है विक इन्होने ही मेरी पुत्री को बहला-र्फु सला कर कही ले गये है, अभी $क हम अपने स्$र से $लाश कर$े रहे है, परं$ु @े लोग सहयोग नही कर रहे है। अब आपसे प्राथUना है विक मेरी पुत्री को @ापस कर दोविर्षयो के वि@रूद्ध कानूनी कायU@ाही की Mा@े।
3. अभिभयोगी द्वारा प्रस्$ु$ उक्त लिललिb$ $हरीर प्रदशU क-1 के आधार पर थाना सरधना, जिMला मेरठ में विदनांक 28.10.2018 को समय 15.10 बMे अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द, वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ रमेश के वि@रुद्ध मु०अ०सं० 1187/2018 पंMीकृ $ विकया गया, जिMससे संबंधिध$ धिचक एर्फ०आई०आर०, प्रदशU क-2 काटी गयी, जिMसकी प्रवि@वि{ संबंधिध$ Mी०डी० प्रदशU क-3 में हुई।
4.
प्रकरण में वि@@ेचना के दौरान वि@@ेचक द्वारा प्रकरण से संबद्ध साक्षीगण का अभिभकथन अन्$गU$ धारा 161 दं०प्र०सं० में अंविक$ विकये गये ए@ं पीविg$ा का सुपुदUगीनामा प्रदशU क-5 बनाया गया। वि@@ेचक द्वारा वि@@ेचना के दौरान नक्शा-नMरी प्रदशU क-4 बनाया गया। पुलिलस वि@@ेचक द्वारा वि@@ेचना संपन्न कर$े हुए ए@ं अपराध में अभिभयुक्तगण की संलिलप्त$ा के संबंध में पयाUप्त साक्ष्य पा$े हुए मु०अ०सं० 1187/2018 अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 376, 120 बी भा०दं०वि@० के अन्$गU$ अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द के वि@रुद्ध आरोप -पत्र (प्रदशU क-४) $था इसी प्रकरण में अभिभयुक्त वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ के वि@रूद्ध आरोप - पत्र अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 120 बी भा०दं०वि@० ए@ं अभिभयुक्त रमेश के वि@रूद्ध आरोप-पत्र अन्$गU$ धारा 363, 366, 120 बी भा०दं०वि@० (प्रदशU क-9 संबंधिध$ न्यायालय में प्रेविर्ष$ विकया गया।
5. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम मोन्टी उर्फU गोवि@न्द मु०अ०सं० 1187/2018 प्रकरण में सक्षम वि@द्वान न्यायालय मुख्य अपर न्याधियक मजिMस्ट्रेट, न्यायालय सं० 6, मेरठ द्वारा अपराध का प्रसंज्ञान लिलया गया $था प्रकरण सत्र न्यायालय में वि@चारणीय होने के कारण अभिभयुक्तगण को अभिभलेb की प्रधि$याँ धारा 207 दं०प्र०सं० के प्रा@धान के अनुसार उपलब्ध करा$े हुए प्रकरण को सत्र न्यायालय को वि@चारण हे$ु विदनांक 28.05.2019 के आदेश द्वारा सुपुदU विकया गया।
6. यह प्रकरण जिMला ए@ं सत्र न्यायाधीश द्वारा वि@भिभन्न न्यायालयों को वि@चारण हे$ु हस्$ा$ंरिर$ विकया गया, $त्पश्चा$् यह प्रकरण जिMला ए@ं सत्र न्यायाधीश द्वारा अपने 2 of 25
आदेश विदनांविक$ 17.01.2024 के द्वारा न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय सं० 13, मेरठ को वि@चारण हे$ु हस्$ा$ंरिर$ विकया गया।
7. न्यायालय द्वारा अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द के वि@रुद्ध अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 376, 120 बी भा०दं०वि@० का पयाUप्त आधार पा$े हुए उपरोक्त धाराओं में विदनांक 19.07.2019 में आरोप वि@रधिच$ विकया $था अभिभयुक्त वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ के वि@रुद्ध अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 120 बी भा०दं०वि@० ए@ं अभिभयुक्त रमेश के वि@रूद्ध अन्$गU$ धारा 363, 366, 120 बी भा०दं०वि@० का पयाUप्त आधार पा$े हुए उपरोक्त धाराओं में विदनांक 24.02.2020 को आरोप वि@रधिच$ विकया गया।
8.
अभिभयोMन पक्ष की ओर से अभिभयुक्त पर लगाये गये आरोपों को जिसद्ध करने के लिलए मौलिbक साक्ष्य में विनम्न साक्षीगण को सशपथ परीधिक्ष$ कराया गया।
9. अभिभयोMन साक्षी सं०-01/ अभिभयोगी ने न्यायालय के समक्ष अपनी मुख्य परीक्षा में मुख्य$ः अपने धारा 161 दं०प्र०सं० की पुनरा@ृलित्त/साविब$ की गयी $था साक्षी ने हाजिMर अदाल$ मुस्थिल्Mमान वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ रमेश को देbकर कहा विक यह @ही मुस्थिल्Mम है मैं इन्हे Mान$ा हूँ। एक मुस्थिल्Mम मोन्टी Mेल में है, सभी मुस्थिल्Mमान मेरे गाँ@ के है।
10.
अभिभयुक्त रमेश की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी, जिMरह में उक्त साक्षी ने मुख्य$ः कथन विकया विक घटना के समय मैं महेन्द्र के यहाँ मMदूरी कर रहा था। मेरे पांच लgके $ीन लgविकया, आठ बच्चे है। मुझे प$ा नहीं विक मेरी शादी कौन से @र्षU में हुई थी। मुझे नहीं प$ा विक मेरी सबसे बgी लgकी विकस @र्षU में विकस धि$भिथ को पैदा हुई थी। शादी के एक @र्षU बाद पैदा हुई थी। मेरे साथ स$पाल, बॉबी, उपदेश, रामकु मार, धमU@ीर, धम•न्द्र लgकी ढूंढने पैदल गये थे। हम लडकी को ढूंढने मेले में, पप्पू प्रधान के पास, कालन्द के कोल्हू पर गये थे। गाँ@ के सुदेश के छोटे लgके ने ब$ाया था विक $ुम्हारी लgकी मोटर साईविकल पर बैठ कर गयी है। मेरी बgी लडकी की शादी को 6 साल हो गये है। मेरे लgके की शादी भी $भी हुई थी। $ीसरे बच्चे की शादी 2020 में हुई है। एक साल हो गया है। $ीसरी बच्ची पीविg$ा है। दे@ी का मेला गाँ@ से 20 मीटर की दूरी पर लग$ा है। Mो मेरे घर से 500 मीटर दूर है। मेरी लgकी मेला देbने घर से अके ली गयी थी। मेरे छोटे लgके ने मुझे पीविg$ा के अके ले Mाने @ाली बा$ ब$ाई थी। मेरे घर में पत्नी @ बच्चे रह$े हैं। मेरी लgकी पैदल गयी थी। इस घटना 3 of 25 से लगभग एक डेढ महीने पहले गाँ@ आया था। विर्फर घटना के बाद भी गां@ में आया था। इस घटना के संबंध में दरोगा Mी ने मेरे बयान लिलये थे। घटना के बाद Mो 28 $ारीb को दरोगा Mी ने मेरे बयान लिलये थे। दरोगा Mी ने मेरे बयान चौकी पर लिलये थे। मैंने दरोगा Mी को घटनास्थल विदbाया था, Mहाँ से मेरी लgकी गयी थी। घटनास्थल दरोगा Mी को मैंने 24 $ारीb को विदbाया था। घटनास्थल का मुआयना दरोगाMी @ एक जिसपाही के साथ मैं और मेरा बेटा भी था। Mहाँ मेरी लgकी गाजिMयाबाद में रहना ब$ाया है। @ह स्थान मैने दरोगाMी को नहीं विदbाया था। लgकी 4 $ारीb को थाने 04.11.2018 को हमारे सुपुदU की थी। सुपुदUगी पर मेरे साईन नही हुए थे। सुपुदUगी में लेने के बाद से पुलिलस मेरी लgकी को कभी नहीं ले गयी थी। राMकु मार के सामने स$पाल उर्फU छोटे ने चुना@ लडा था। उसमें स$पाल हार गया था। अभिभ० रमेश मेरी विबरादरी का है $था पारिर@ारिरक है। यह कहना गल$ है विक उस विदन रमेश बीमारी के कारण मेले
में आ गया हो। यह कहना गल$ है विक स$पाल उर्फU छोटे के वि@रूद्ध प्रधानी के चुना@ में रहने के कारण स$पाल उर्फU छोटे के कहने से रमेश का झूठा नाम लिलb@ा विदया हो। यह कहना भी गल$ है विक एर्फ.आई.आर में लडकी की उम्र 17 साल मुकदमे को रंग$ देने के लिलए लिलbायी हो। मैंने अपनी लgकी की शादी विदनांक 17.05.2019 में कर दी थी। 11.
अभिभयुक्तगण मोन्टी @ वि@क्की की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक मुझे अपनी लgकी की Mन्मधि$भिथ का नहीं प$ा। लgकी की उम्र मैंने 17 साल अपने आधार पर लिलb@ाई थी। मैं घटना के समय गाजिMयाबाद था। मुझे घटना @ाले विदन ही 2 बMे मेरी पत्नी ने बेटे को घटना के बार में ब$ाया था और बेटे ने मुझे ब$ाया था। मेरी पुत्री घर से Mाने के बाद मुझे पहली बार विदनांक 04.11 को विमली थी। लडकी मुझे थाने पर विमली थी। गां@ के बीसों आदमी मेरे साथ थे। जिMनमें बॉबी राMकु मार आविद थे। विर्फर मैं अपनी लgकी को लेकर घर चला गया था। मैंने दरोगाMी को @ह स्थान विदbा विदया था Mहाँ से मेरी लgकी गई थी। सुदेश के ब$ाने के बाद हम $ुरन्$ ही पुलिलस चौकी पर चले गये थे। ये कहना सही है विक मैने घटना नही देbी Mैसे मुझे ब$ाया गया @ैसा मैंने बयान विदया है। यह कहना गल$ है विक मैं आM गां@ की रंजिMश के कारण मोन्टी , वि@क्की के लिbलार्फ झूठी ग@ाही दे रहा हूँ। मुस्थिल्Mमान वि@क्की @ मोन्टी के घर @ मेरे घर के बीच में एक सgक है। ये कहना गल$ है विक सgक पर कू gqा डालने की @Mह से कई बार वि@क्की @ मोन्टी से हमारा झगgा हुआ हो। इसी के कारण इनके नाम मुकदमे में लिलb@ाये हो। ये कहना गल$ है विक ये मेरी लgकी को न ले गये हो और गां@ की रंजिMश के कारण इनके झूठे नाम लिलb@ाये हो और आM झूठी ग@ाही दे रहा हूँ। 4 of 25
12. अभिभयुक्तगण के वि@रूद्ध आरोप जिसद्ध विकये Mाने हे$ु अभिभयोMन पक्ष की ओर से प्रस्$ु$ साक्षी अभिभयोMन साक्षी सं०-2/ HC अनूप नादर ने अपनी मुख्य परीक्षा में कथन विकया विक विदनांक 28.10.2018 को थाना सरधना पर ब$ौर C/C $ैना$ था। उस विदन मैने @ादी की टाईपशुदा $हरीर पर बोलकर कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा धिचक $ैयार कराई थी। जिMसका मु०अ००सं० 1187/2018 धारा 363, 366, 120 बी भा०दं०वि@० बनाम वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ पुत्र प्रेमपाल @ अन्य के वि@रूद्ध थाने पर पंMीकृ $ विकया था। जिMसका bुलासा Mी.डी. नं० 31/15.10 में उसी विदन विकया था। उक्त धिचक पत्रा@ली पर कागM सं० 4 अ/1 $ा 4 अ/2 मौMूद है। भिशनाख्$ कर$ा हूं। इस पर प्रदशU क-2 डाला गया। कागM सं० 53/3 को देbकर साक्षी ने कहा विक यह @ही Mी.डी.
31/15.10 है, जिMसमें इस मुकदमें का मेरे द्वारा bुलासा विकया गया था। भिशनाख्$ कर$ा हूँ। इस पर प्रदशU क-3 डाला गया।
13. अभिभयुक्त रमेश की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक थाना सरधना पर मैं अगस्$ 2017 से 2021 $क $ैना$ रहा था। थाने पर $हरीर लेकर पीविg$ा के विप$ा आये थे @ह थाने पर अके ले ही आये थे। @ह थाने पर 15.10 बMे विदनांक 28.10.2018 को आये थे। मैने $हरीर के आधार पर विबना विकसी के आदेश के मुकदमा कायम करा विदया था। मुझे यह Mनकारी नही है विक उस विदन मुकदमा दMU हो$े समय कोई थाना प्रभारी थाने पर मौMूद था या नहीं। ऐसा नहीं है विक थाने पर थाना प्रभारी के आदेश से ही मुकदमा पंMीकृ $ हो$ा है। उस विदन थाने पर कौन विद@स अधिधकारी था मेरी Mानकारी में नहीं है। क्योंविक मामला बहु$ पुराना है। पत्रा@ली पर प्रदशU क-3 को देbकर कहा विक यह असल Mी.डी. है असल Mी.डी. पर हस्$ाक्षर हो$े है। प्रदशU क-3 पर मेरे हस्$ाक्षर नहीं है। जिMस समय मुकदमा दMU हुआ उस समय थाने पर computer operator HM day officer सं$री पहरा मौMूद थे। आM कोई मौMूद नहीं था, आM की Mानकारी नही है। सोनू शमाU computer operator ने @ही टाईप विकया था Mो मैने बोला था। @ादी के थाने पर आने के दस विमनट बाद लिलbाई थी। स्@यं @हां की आ$े ही टाईप कराना शुरु कर विदया था। टाईप कराने में 10 विमनट का समय लगा था। एर्फ. आई.आर. टाईप कराने के बाद Mी.डी. में $सकरा डाला गया था। Mी.डी. की मूल प्रधि$ पत्रा@ली पर मौMूद है Mो प्रदशU क-3 है। यह कहना गल$ है विक प्रदशU क-3 Mी.डी.
की मूल प्रधि$ न हो। यह कहना सही है विक प्रदशU क -3 पर मेरे हस्$ाक्षर नहीं है। यह कहना गल$ है विक हाथ से लिलbे कागM को $हरीर कह$े है। यह कहना गल$ है विक मैंने स्@यं नरेश को बुलाकर उसे टाईप कराने के लिलये मMमून बनाकर विदया हो और इसलिलए विबना विकसी अधिधकारी को संज्ञान में लाये। यह मुकदमा मैंने दMU विकया है और मुस्थिल्Mमान रमेश का नाम Mानबूझकर बढाया हो। 5 of 25
14. अभिभयुक्तगण मोन्टी @ वि@क्की की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक मैंने पहले एर्फ.आई.आर दMU की थी। उसके बाद Mी.डी. कायमी की गयी थी। एर्फ.आई.आर. लिलbने में दस विमनट का समय लगा था। एर्फ. आई. आर लिलbने के बाद Mी.डी. लिलbी थी। यह कहना सही है विक एक समय में एक ही टाईप की Mा सक$ी है या नहीं। यह कहना सही है विक मुकदमा कायमी का समय 15.10 बMे @ Mी.डी. कायमी का समय भी 15.10 बMे अंविक$ है। प्रश्नः दोनो कागM प्रदशU क-2 @ प्रदशU क-3 एक साथ कै से टाईप विकये Mा सक$े है। उत्तरः एर्फ.आई.आर @ Mी.डी. अलग अलग folder में टाईप की Mा$ी है। दोनो folder एक ही कम्पयूटर से बनाये Mा$े है। दोनों folder को computer operator एक बार में प्रयोग करके टाईप नही कर सक$ा। मुझे यह Mानकारी है विक मुकदमा पंMीकृ $ होने के बाद 24 घंटे में एर्फ.आई.आर में प्रेविर्ष$ करनी हो$ी है। प्रदशU क-2 $ीन विदन बाद न्यायालय में प्रेविर्ष$ की गयी है। थाना कायाUलय से मूल एर्फ.आई.आर मय $हरीर सी.ओ. कायाUलय में भेM दी Mा$ी है। वि@लम्ब का कारण मैं नहीं ब$ा सक$ा। यह कहना गल$ है विक मुकदमा @ादी को मेरे द्वारा थाना कायाUलय से ही $हरीर टाईप करके दी गयी हो। यह कहना गल$ है विक मेरे द्वारा @ादी के प्रभा@ में आकर $हरीर बढ़ा चढ़ाकर लिलbाई हो।
15. अभिभयुक्तगण के वि@रूद्ध आरोप जिसद्ध विकये Mाने हे$ु अभिभयोMन की ओर से अभिभयोMन साक्षी सं०- 3.
एस०आई० राMकु मार को परीधिक्ष$ कराया गया, जिMसने अपनी मुख्य परीक्षा में सशपथ कथन विकया है विक विदनांक 28.10.2018 को में थाना सरधना पर इसी पद पर $ैना$ था। उस विदन थाना कायाUलय से मुझे CC1187/18 की वि@@ेचना मेरे सुपुदU हुई थी। मैंने नकल धिचक, नकल रपट ब्यान एर्फ.आई.आर लेbक, ब्यान @ादी $था @ादी की विनशानदेही पर विनरीक्षण घटनास्थल कर नक्शा नMरी बनाया था। यह सभी कायU मैने विदनांक 29.10.2018 को विकये थे। नक्शा नMरी पत्रा@ली पर कागM सं० 6 अ/1 मौMूद है। मेरे हस्$लेb में है भिशनाख्$ कर$ा हूँ। इस पर प्रदशU क-4 डाला गया। विदनांक 04.11.2018 को C.D.II में ब्यान पीधिड$ा की बरामदगी कर ब्यान मविहला एस.आई. से 161 दं.प्र.सं. के ब्यान अंविक$ कराकर C.D. में अंविक$ विकये। विदनांक 05.11.2018 को पचाU III में पीविg$ा के मैधिडकल की नकल कर आयु हे$ु प्राथविमक वि@द्यालय ।। कालन्दी स०पुर प्राथUना पत्र प्रेविर्ष$ विकया। विदनांक 10.11.2018 को पचाU IV में नकल M@ाब वि@द्यालय अंविक$ कर बयान 6 of 25
प्रधानाध्यापक अंविक$ विकये। विदनांक 19.11.2018 को पचाU V में 164 दं०प्र०सं० के ब्यान अंविक$ कराये। विदनांक 21.11.2018 को पचाU VI के ब्यान 164 का अ@लोकन कर सी.डी. अंविक$ कर धारा 328, 344, 376, 354 क भा०दं०वि@० की @ृधिद्ध की गयी। उक्त वि@@ेचना के उपरान्$ मेरा स्थानान्$रण अन्य थाने में हो गया था।
16. अभिभयुक्तगण मोन्टी @ वि@क्की की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक मुकदमा कायम होने के $ुरन्$ बाद वि@@ेचना मुझे विमली थी। मैंने सी.डी.
में वि@@ेचना आरम्भ @ समाप्त करने का समय अंविक$ नहीं विकया है। मेरे द्वारा पीविg$ा की आयु के संबंध में वि@द्यालय से प्रमाण पत्र प्राप्त विकया था, जिMसके अनुसार पीविg$ा बालिलग थी। मैं पीविgq$ा को बरामद करने गाजिMयाबाद स्टेशन नहीं गया था। थाने पर एस०आई० वि@मल सैनी पीविg$ा को लाये थे। मेरे द्वारा पीविg$ा का ब्यान 161 दं०प्र०सं० लेने से पू@U मविहला थाने लाया था। कोई एस०आई० उपलब्ध न होने के कारण थाना सदर में एस०आई० पिंपकी गोस्@ामी से 161 का बयान अंविक$ कराया था। बयान बरामदगी @ाले विदन ही कराया था। उसी विदन पीविg$ा को उसके परिर@ार को सुपुदU कर विदया था। मेरे द्वारा वि@@ेचना के समय अभिभयुक्त के मोबाईल नम्बर की लोके शन विनकल@ाने के लिलये दी थी। Mो मुझे प्राप्त नहीं हुई थी। प्राविप्त के लिलये remainder मैंने नहीं विदया था। मेरे द्वारा विकसी भी अभिभयुक्त का ब्यान नहीं लिलया था। घटना स्थल मस्थिन्दर Mो प्रदशU क -4 में विदbाया गया है @ह आबादी से विक$नी दूरी पर था मैं अब नहीं ब$ा सक$ा। मेरे द्वारा प्रदशU क-4 में के @ल मस्थिन्दर दशाUया है। उसके आस पास क्या क्या है मैंने नहीं दशाUया है। यह कहना गल$ है विक मैंने प्रदशU क-4 थाने पर बैठकर $ैयार विकया हो इसी कारण मस्थिन्दर के आस पास क्या-क्या है, प्रदशU क-4 में नहीं दशाUया है। घटनास्थल पर मेरे साथ पीविg$ा नही गयी थी @ादी गया था। मैने पीविg$ा के घर के आस पास रहने @ाले विकसी भी व्यविक्त से पूछ$ाछ नहीं की थी। मेरे द्वारा गाँ@ के विकसी से भी यह पूछ$ाछ नहीं की थी विक पीविg$ा स्@यं घर छोg कर गयी है या उसे कोई ले गया है। मेरे द्वारा घटनास्थल से गा०बाद $क के रास्$े से विकसी भी सी.सी.टी.@ी.
कै मरे की छानबीन कर कोई र्फोटेM नहीं ली थी। पीविg$ा का 161 @ 164 दं०प्र०सं० के ब्यानों का मैंने अ@लोकन विकया था। पीविg$ा ने Mहाँ अपने साथ रेप होना ब$ाया था उस स्थान पर मैं पीविg$ा को लेकर नहीं गया था और न ही रेप के संबंध में मैंने कोई वि@@ेचना की थी। क्योंविक 164 दं०प्र०सं० का बयान कराने के बाद मेरा ट्रांस्र्फर हो गया था। यह वि@@ेचना मेरे पास विदनांक 28.10.2018 से विदनांक 25.11.2018 $क रही थी। अभिभयुक्त वि@क्की @ मोन्टी जिMस जिMस स्थान पर घटना के समय काम कर$े थे, मैने उनके कायUस्थल या उसके आस पास Mाकर कोई पूछ$ाछ नहीं की थी। पीविg$ा को बेहोश करने @ाली विमठाई विकस स्थान से bरीदी गयी थी मैने उस दुकान की भी पूछ$ाछ नहीं की थी। 7 of 25
यह कहना सही है विक मैने @ादी @ पीविg$ा के ब$ाये अनुसार ही अपनी वि@@ेचना की थी।
17. अभिभयुक्त रमेश की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक मैने @ादी @ पीधिड$ा के अला@ा विकसी और व्यविक्त से रमेश के उस अपराध में शाविमल होने के वि@र्षय में वि@@ेचना नही की थी। मैने रमेश की बीमारी के सम्बन्ध में भी विकसी से कोई पूछ$ाछ नहीं की थी। यह कहना गल$ है विक रमेश की बीमारी के कारण मैंने विकसी अन्य व्यविक्त से रमेश के बारे में पूछ$ाछ नहीं की हो। यह कहना गल$ है विक रमेश इस र्षड्यंत्र में शाविमल न हो।
18.
अभिभयोMन की ओर से अभिभयोMन साक्षी सं०- 4/पीविg$ा को परीधिक्ष$ कराया गया है, जिMसने अपनी मुख्य परीक्षा में यह कथन विकया है विक विदनांक 23.10.2018 को गां@ में दे@ी मेला लगा हुआ था। मैं मेला देbने गयी थी। मेले में मुझे रमेश विमला। रमेश ने मुझे ब$ाया विक गाजिMयाबाद में $ेरे पापा की $विबय$ bराब है। मेले में मोन्टी, वि@क्की विमले। रमेश ने कहा विक ये गाजिMयाबाद Mा रहे है। इनके साथ चली Mा। मोन्टी बाईक से Mा रहा था। मुझे बीच में बैठाया और वि@क्की पीछे बैठा था। मेले से सरधना से आगे Mाकर मुझे विमठाई का एक पीस लिbलाया। मीठा bाकर मेरी आंbे बन्द होने लगी और चक्कर आने लगे। विर्फर मैं बेहोश हो गयी। Mब मुझे होश आया मैंने bुद को एक कमरे में बन्द देbा। मेरे हाथ पैर बंधे हुए थे। गोवि@न्द, वि@क्की विमलकर मेरे साथ बलात्कार कर$े थे। 12 विदन मुझे @हाँ बन्द रbा। गोवि@न्द के पापा रा$ को 11 बMे सरधना थाने के पास छोg गये। सुबह मेरे मम्मी-पापा @ भाई मुझे @हाँ से ले गये। ग@ाह को पत्रा@ली पर दालिbल कागM सं० 9 अ/1 विदbाया गया जिMसे देbकर साक्षी द्वारा यह कहा गया है विक यह @हीं सुपुदUगीनामा है, जिMस पर मेरे हस्$ाक्षर है। जिMसकी मैं भिशनाख्$ कर$ी हूँ। जिMस पर प्रदशU क-5 डाला गया। ग@ाह को पत्रा@ली पर दालिbल कागM सं० 4 अ/2 विदbाया गया जिMसे देbकर ग@ाह ने कहा विक यह @ही प्राथUना पत्र है, जिMसे मैंने बोल बोल कर लिलbाया था। जिMस पर मेरे हस्$ाक्षर है जिMनकी में भिशनाख्$ कर$ी हूँ। जिMस पर प्रदशU क-6 डाला गया। ग@ाह ने हाजिMर अदाल$ मुस्थिल्Mम रमेश, वि@क्रान्$ उर्फU वि@क्की को पहचाना और कहा विक मोन्टी उर्फU गोवि@न्द हाजिMर अदाल$ नहीं है। मैं अभिभयुक्तगण को Mान$ी हूँ। मेरे गां@ के है। वि@क्रां$ और गोवि@न्द ने मेरे साथ बलात्कार विकया था। मेरा पुलिलस ने मेधिडकल कराया था। मेरे मजिMस्ट्रेट के समाने बयान हुए थे। न्यायालय की अनुमधि$ से बयान 164 दं०प्र०सं० का सीलबन्द लिलर्फार्फा 9- क bोला गया। जिMसे देbकर ग@ाह ने कहा विक यह @ही बयान है Mो मैंने मजिMस्ट्रेट के सामने विदया था। जिMसपर मेरा र्फोटो @ हस्$ाक्षर है। जिMसकी में भिशनाख्$ कर$ी हूं। जिMस पर प्रदशU क-7 डाला गया। 8 of 25
19.
अभिभयुक्तगण मोन्टी @ वि@क्की की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक मैं घटना @ाले विदन अपने घर से 9 बMे चली थी। मैं साgे नौ बMे मेले में पहुँच गयी थी। मुझे विक०मी० $ो नहीं प$ा लेविकन मेला गाँ@ के बाहर ही लगा था। मैं मेले में अके ली गयी थी। मेरे साथ कोई बहन भाई नहीं था। मेले में अके ली गयी थी। यह कहना गल$ है विक घटना @ाले विदन मेरे विप$ा गाँ@ में मौMूद हो। मैं घटनास्थल से गाजिMयाबाद लगभग देढ-दो बMे पहुँच गयी थी। मैं सीधे गाजिMयाबाद गयी थी और कही नही गयी थी। Mब मैं गाजिMयाबाद गयी थी उस समय मेरे पास कोई सामान नहीं था। मुझे विमठाई लिbलाने @ाली बा$ प$ा है मुझे विमठाई लिbलाई थी। मेले से Mाने के 30 विमनट बाद मुझे विमठाई लिbलाई थी। घटना के 2-3 विदन बाद मजिMस्ट्रेट के समक्ष बयान हुए थे। मैं कक्षा 5 $क पढ़ी हूँ। मुझे स्कू ल का नाम प$ा नहीं है। स्कू ल गाँ@ में ही है। सरकारी स्कू ल है। मैं Mहाँ रूकी थी उस Mगह का मुझे प$ा नहीं है। Mहाँ मैं रूकी थी @ह कमरा था। उस मकान में एक ही कमरा था मुझे नहीं प$ा कमरे के अंदर रसोई नही थी। @ाशरूम कमरे से अटैच था। यह बा$ गल$ है विक हम bाना bाने बाहर Mा$े थे। मैने 12 विदन $क @ही कपgे पहने थे। उस कमरे में लिbgकी नहीं थी। उस कमरे में अन्दर बाहर की विकसी के आने की कोई आ@ाM नही आ$ी थी। घटना के समय मेरे पास मोबाईल नहीं था। ग@ाह ने कहा विक Mब मोन्टी के पापा @हाँ से लाये $ो मुझे कु छ होश नहीं था। मोन्टी के पापा बार@ें विदन लाये थे। Mब मोन्टी के पापा आये $ो गेट बन्द था। उन्होने गेट हाथ मारकर bुल@ाया था। गेट मोन्टी ने bोला था। मोन्टी हमारे साथ नहीं आया था। Mीने से उ$रे थे। कमरा पहली मंजिMल पर था। Mीना बाहर से था। यह सुनसान Mगह थी। गाgी @ाgी नहीं चल रही थी। मोन्टी के पापा अके ले लेकर आये थे। @ो विकस @ाहन से मुझे लाये थे, मुझे नहीं प$ा। Mब @ो मुझे @ापस ला रहे थे $ो bgbg की आ@ाM हो रही थी। मुझे सरधना की चौकी के पास छोg गये थे। मेरे मेधिडकल के दौरान डाक्टर ने मुझसे पूछ$ाछ की थी। डाक्टर ने मुझसे चोट के बारे में
पूछा था। मैंने डाक्टर को यह ब$ाया था विक रमेश ने मुझे कहा था विक $ेरे पापा की $विबय$ bराब है , दो लgके मोन्टी @ वि@क्की आयेंगे उनके साथ घर चली Mाना। मैंने न्यायालय में यह बा$ मुख्य परीक्षा में कहा है विक गोवि@न्द @ वि@क्की मेरे साथ बलात्कार कर$े थे , मेरा वि@क्की का बलात्कार @ाला बयान सही है। मैने मजिMस्ट्रेट को Mो बयान विदया था, @ह सही है और आM का बयान भी सही है। मेरा बयान मेरठ में हुआ था। मेरठ कचहरी में हुआ था। दरोगा Mी ने मेरा ब्यान थाने पर लिलया था। प्रश्नः आपका बयान दरोगाMी ने कचहरी में विकस Mगह लिलया था। उत्तरः मुझे याद नही है। 9 of 25 प्रश्नः आपके साथ ब्यान विदलाने कौन-कौन आया था। उत्तरः मम्मी पापा भैया भाभी आये थे। गाजिMयाबाद पुलिलस मुझे नहीं विमली थी। मैं गाजिMयाबाद नही गयी। दरोगा Mी ने ब्यान लेने पर कु छ कागMों पर साईन कराये थे। जिMस कागM पर मैंने साईन विकये थे उन पर मेरे बयान लिलये थे। मोन्टी हमारा पgोसी है हमारे घर आ$ा Mा$ा था। Mब @ो घर पर आ$ा था $ब हमारी बोलचाल हो$ी थी। मोन्टी एक रा$ हमारे घर कू दा था। हमने पुलिलस को रिरपोटU की थी। जिMस विदन मोन्टी घर में कू दा था सब सो रहे थे। के @ल मम्मी Mाग रही थी। मुझे नहीं प$ा विक मोन्टी को यह बा$ प$ा थी विक में कहाँ सो$ी हूँ। यह कहना गल$ है विक मेरा @ मोन्टी की र्फोन पर लगा$ार बा$ हो$ी है। यह कहना गल$ है विक मैं वि@क्की से प्यार कर$ी थी। Mब मोन्टी घर में कू दा था $ब पुलिलस सुबह आयी थी। उस रा$ घटना विक रिरपोटU हुई थी। मुझे नहीं प$ा विक उस रिरपोटU की कापी इस मुकदमें में दरोगा Mी को दी थी या नहीं। यह कहना गल$ है उस घटना की रिरपोटU न हुई हो। यह बा$ सही है विक इस पत्रा@ली पर रिरपोटU की कापी
नही है। साक्षी को आM बचा@ पक्ष द्वारा र्फै हरिरस्$ से 16 र्फोटो विदbाये गये। ग@ाह ने इन र्फोटो को देbकर कहा विक मुझे Mान से मारने की धमकी देकर ये र्फोटो खिंbच@ाये थे। अभिभयुक्तगण Mहाँ मुझे ले गये थे ये र्फोटो यहाँ bीचे थे। र्फोटो सं० 1 $ा 4 में अलग ड्रेस है। र्फोटो सं० 5 में अलग ड्रेस है। विर्फर 6 $ा 14 में एक ड्रेस है और 15 @ 16 में अलग ड्रेस है। र्फोटो सं० 4 को ग@ाह ने देbकर कहा विक ऐसा र्फोटो न लिbच@ाने पर Mान से मारने की धमकी दी थी। यह कहना गल$ है विक र्फोटो सं० 15 @ 16 हमारे घर की हो। साक्षी को न्यायालय में आशुलिलविपक के कम्प्यूटर पर बचा@ पक्ष द्वारा साक्ष्य में प्रस्$ु$ पेन ड्राई@ चलाकर विदbाई गयी जिMसे देbकर साक्षी ने वि@धिडयो अपना होना ब$ाया और यह कहा विक मोन्टी @ वि@क्की ने मुझे डरा धमकाकर वि@धिडयो बनायी थी। Mहाँ मुझे रbा था, @ही रा$ को मुझे बाहर ले Mाकर डराकर यह वि@धिडयो बनायी थी। Mहां पर मुझे रbा था @हाँ से मुझे कही और Mगह ले गये थे @हाँ पर वि@धिडयो बनायी थी। रा$ को लेकर गये थे $ारीb मुझे याद नहीं है। Mहाँ पर मेरी वि@धिडयो बनी थी @हाँ गाgी चल रही थी और लोग आ Mा रहे थे। कमरे से वि@धिडयो बनाये Mाने @ाले स्थान पर पैदल ले गये थे। Mाने में 10 विमनट लगे थे। वि@धिडयो में और Mो र्फोटो दालिbल विकये है उनमें कपडे अलग-अलग है। जिM$नी देर वि@धिडयो बनी थी इ$नी देर @हाँ रुके थे। वि@धिडयो @ाले स्थान से कमरे $क पैदल गये थे। यह कहना सही है विक मैं आM Mो ब्यान दे रही हूँ @ह कानूनी मशवि@रे से दे रही हूं। यह कहना गल$ है विक वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ मकान नं० 279 राधा गाडUन म@ाना रोड गंगानगर में रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम कर$ा हो। मुझे नहीं प$ा विक मोन्टी उर्फU गोवि@न्द नौकरी कर$ा था या
नहीं। 10 of 25 20. अभिभयुक्त रमेश की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में कथन विकया है विक मेरे विप$ा ने मेरी उम्र 17 साल लिलbायी है आधार काडU में 20 @र्षU है। मैंने अपने बयानों में अपनी उम्र सही ब$ाई है। मुझे रा$ को 11 बMे प्रेमपाल थाने पर छोgा गया था। यह कहना गल$ है विक मुझे $हसील सरधना से पुलिलस @ालों ने ले Mाकर थाने पर दालिbल विकया हो। दे@ी का मेला हमारे गाँ@ में हर साल लग$ा है। ये मेरा गाँ@ के बाहर लग$ा है। लगभग । विक०मी० दूर लग$ा है। मैं उस रोM सुबह के 9.30 बMे गयी थी। मेले में 10 विमनट में पहुँच गयी थी। मैं अके ली गयी थी। उस समय मेरे पास मोबाईल नही था। मैले में उस समय बहु$ भीड थी। मेरे पापा गाजिMयाबाद में दूध की डेरी का काम कर$े थे। @हाँ पर मेरे पापा और भैया रह$े थे। मैं मेला देbने के लिलये 200/- रुपये लेकर गयी थी। मैने घटना घटने $क पैसे अपने पास ही रbे थे। Mब मैं मेला में पहुँची थी उसके थोgी देर बाद रमेश विमला था। यह कहना गल$ है विक मेले में मुझे रमेश न विमला हो। यह कहना गल$ है विक हमारे रमेश से अच्छे सम्बन्ध न होने के कारण उसका गल$ नाम लिलया हो। यह कहना गल$ है विक हमने गाँ@ की चुना@ी रंजिMश के कारण रमेश का नाम गल$ लिलbाया हो।
21. अभिभयुक्तगण के वि@रुद्ध आरोप जिसद्ध विकये Mाने हे$ु अभिभयोMन की ओर से अभिभयोMन साक्षी सं०- 5/डा० सारिरका को परीधिक्ष$ कराया गया, जिMनके द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में सशपथ कथन विकया है विक विदनांक 05.11.2018 को मैं सी.एच.सी.
सरधना में ही विनयुक्त थी। उस विदन पीविg$ा को लेडी कांस्टेबल 3069 रेनू $ेवि@धि$या के द्वारा धिचविकत्सीय परीक्षण के लिलए लाया गया। परीक्षण के दौरान पीविg$ा के शरीर पर चोट का विनशान नहीं पाया गया था। आं$रिरक परीक्षण में भी घोट का कोई विनशान नही था। योनी से bून का रिरसा@ नहीं हो रहा था। पीविg$ा नहा चुकी थी और कपgे भी बदल लिलये थे। मैंने दो @ेMाईना स्लाईड स्@ैब स्थिस्टक से बनायी @ @ेMाईना से एक स्@ैब भी लिलया और spermatozoa (शुक्राणु) Mाँच के लिलए एर्फ.एस.एल @ bून का सैंपल एर्फ.एस.एल. के लिलये भेMा।
22. अभिभयुक्तगण मोन्टी @ वि@क्की की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में कथन विकया है विक मेरे द्वारा Mो मMरूब की स्लाईड प्रयोगशाला भेMी गयी थी। उसकी रिरपोटU मुझे प्राप्त नहीं हुई थी। पत्रा@ली पर भी रिरपोटU नहीं है। यह कहना सही है विक Mोर Mबरदस्$ी में चोट आनी चाविहए थी। पीविg$ा के शरीर पर आन्$रिरक @ बाह्य कोई चोट नहीं पायी गयी थी। यह कहना सही है विक मMरूब के साथ कोई बलात्कार Mैसी symptoms नहीं पाये गये थे। यह कहना सही है विक मMरूब के कपgो पर कोई दागधब्बे के विनशान नहीं थे। 11 of 25
23. अभिभयुक्त रमेश की ओर से वि@द्वान अधिध@क्ता को जिMरह का अ@सर विदया गया, परन्$ु कोई उपस्थिस्थ$ नही। इसलिलए अभिभयुक्त रमेश के वि@द्वान अधिध@क्ता का जिMरह का अ@सर समाप्त विकया गया है।
24. अभिभयोMन की प्राथUना पर अभिभयोMन साक्षी सं०- 5 . डा० सारिरका सिंसह को न्यायालय के आदेश विदनांविक$ 17.08.2022 द्वारा पुनः आहु$ कर विदनांक 02.09.2022 को मुख्य परीक्षा अंविक$ कराया गयी है। उक्त साक्षी द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में कथन विकया गया विक ग@ाह को पत्रा@ली पर दालिbल कागM सं० 11 अ/1 $ा 11 अ/12 विदbाया गया $ो ग@ाह ने कहा विक यह @ही मेधिडकल रिरपोटU है, Mो मैंने अपने हस्$लेb @ हस्$ाक्षर में $ैयार की थी, जिMस पर पीविg$ा का विनशानी अँगूठा लगा है। जिMसकी मैं भिशनाख्$ कर$ी हूँ। जिMस पर प्रदशU क-10 डाला गया।
25.
अभिभयुक्त रमेश की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में कथन विकया है विक यह कहना सही है विक Mो स्लाईड मैने $ैयार की थी और एर्फ.एस.एल को भेMने हे$ु पुलिलस @ालों को दे दी थी, उसकी कोई रिरपोटU पत्रा@ली पर नहीं है। मैने मMरूबा की दो @ैMाइनल स्लाईड, एक @ैMाईनल स्@ैब और दो @ायल ब्लड सैम्पल के लिलये थे। उपरोक्त सभी चीMें एर्फ .एस.एल. को भेMने हे$ु पुलिलस के सुपुदU विकये थे। मैंने यह सैंपल लेडी का० 3069 रेणु $े@धि$या को सौंपे थे, सील बन्द करके । इन सैम्पलों के प्राविप्त के हस्$ाक्षर पत्रा@ली पर मौMूद रिरपोटU पर नहीं है। यह सही है विक मैने स्लाईड का० रेणु को एर्फ.एस.एल भेMने के लिलये सौंप दी थी और सौंपने के हस्$ाक्षर करा लिलये थे। उसने अपने हस्$ाक्षरों के नीचे $ारीb नहीं डाली। मुझे नहीं प$ा विक एर्फ.एस.एल की रिरपोटU पत्रा@ली पर है या नहीं। यह कहना गल$ है विक मैंने स्लाईड, लेडी का० को एर्फ.एस.एल भेMने के लिलये न दी हो।
26. अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ वि@क्की की ओर से वि@द्वान अधिध@क्ता को जिMरह का अ@सर विदया गया था। जिMरह हे$ु कोई उपस्थिस्थ$ नहीं हुआ। इसलिलए अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ वि@क्की के वि@द्वान अधिध@क्ता का जिMरह का अ@सर समाप्त विकया गया।
27. अभिभयोMन की प्राथUना पर अभिभयोMन साक्षी सं०- 5 . डा० सारिरका सिंसह को न्यायालय के आदेश विदनांविक$ 19.06.2024 द्वारा पुनः आहु$ कर विदनांक 09.08.2024 को मुख्य परीक्षा अंविक$ की गयी। उक्त साक्षी द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में कथन विकया गया विक ग@ाह ने पत्रा@ली पर दालिbल कागM सं० 28 b/4 को 12 of 25
देbकर कहा विक इस वि@धिध वि@ज्ञान प्रयोगशाला रिरपोटU में कोई शुक्राणु नहीं पाया गया। एर्फ.एस.एल रिरपोटU पर प्रदशU क -11 डाला गया।
28. अभिभयुक्तगण की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी। उक्त साक्षी ने अपनी जिMरह में मुख्य$ः कथन विकया है विक ब्लड सैम्पल की रिरपोटU मुझे अभी $क प्राप्त नहीं हुई है न ही मैंने पत्रा@ली पर देbी है।
29. अभिभयुक्तगण के वि@रूद्ध आरोप जिसद्ध विकये Mाने हे$ु अभिभयोMन की ओर से अभिभयोMन साक्षी सं० 6 के रूप में साक्षी एस०आई० नरेश कु मार को परीधिक्ष$ कराया गया, जिMनके द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में अभिभकथन को औपचारिरक रूप से बbूबी साविब$ विकया।
30.
अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ के वि@द्वान अधिध@क्ता की ओर से उक्त साक्षी से जिMरह की गयी $ो उक्त साक्षी ने अपनी की गयी जिMरह में मुख्य$ः अपने अभिभकथन का साविब$ विकया गया।
31. अभिभयोMन पक्ष का साक्ष्य समाप्त होने के उपरान्$ अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द के बयान धारा 313 दं०प्र०सं० अंविक$ विकये गये, जिMसमें अभिभयुक्त ने संक्षेप में कथन विकया है विक @ह घटना के समय विदनांक 23.10.2018 को ICICI बैंक में 11 बMे अपनी ड्यूटी पर था। अभिभयोMन साक्ष्यों ने झूठी ग@ाही दी है मेरे लिbलार्फ झूठा @ रंजिMशन मुकदमा चलाया है। मुझे इस @ाद में झूठा र्फं साया गया है। मुझे कोई सर्फाई साक्ष्य नहीं देना है, ना ही मुझे कु छ और कहना है।
32. अभिभयोMन पक्ष का साक्ष्य समाप्त होने के उपरान्$ अभिभयुक्त वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ के बयान 313 दं०प्र०सं० अंविक$ विकये गये, जिMसमें अभिभयुक्त ने संक्षेप में कथन विकया है विक घटना के विदनांक @ समय को @ह समय सी-279, राधा गाडUन, गंगानगर मेरठ में रहकर अध्यन कर रहा था और दोपहर से बच्चों को ट्यूशन पढा$ा था। अभिभयोMन साक्ष्यों ने झूठी ग@ाही दी है मेरे लिbलार्फ झूठा @ रंजिMशन मुकद मा चलाया है। मुझे इस @ाद में झूठा र्फं साया गया है। 13 of 25
33. अभिभयोMन पक्ष का साक्ष्य समाप्त होने के उपरान्$ अभिभयुक्त रमेश के बयान 313 दं०प्र०सं० अंविक$ विकये गये, जिMसमें अभिभयुक्त ने संक्षेप में कथन विकया है विक उसका उक्त घटना से कोई सम्बन्ध नहीं है। अभिभयुक्त रमेश की पीधिड$ा से विदनांक 23.10.20218 को कोई मुलाका$ नही हुई थी। अभिभयोMन साक्ष्यों ने झूठी ग@ाही दी है मेरे लिbलार्फ झूठा @ रंजिMशन मुकद मा चलाया है। मुझे इस बाद में झूठा र्फं साया गया है।
34. अभिभयुक्तगण के बयान अन्$गU$ धारा 313 दं०प्र०सं० में अंविक$ विकये Mाने के पश्वा$ अभिभयुक्तगण द्वारा अपनी सर्फाई साक्ष्य में साक्षीगण बचा@ साक्षी सं० -
1. राMकु मार, बचा@ साक्षी सं०- 2 सुदेशपाल, बचा@ साक्षी सं०- 3 न@ीन @ बचा@ साक्षी सं०- 4 सुभार्ष को परीधिक्ष$ कराये गये।
35. अभिभयुक्त रमेश द्वारा अपने बचा@ में परीधिक्ष$ कराये गये साक्षी बचा@ साक्षी सं०-1.
राMकु मार द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा के दौरान मुख्य$ः कथन विकया है विक अभिभयोMन पक्ष द्वारा राMनीधि$क रंजिMश के कारण अभिभयुक्त रमेश को इस प्रकरण में झूठा नाविम$ विकया गया है।
36. अभिभयोMन की ओर से सहायक जिMला शासकीय अधिध@क्ता (दास्थि©डक) द्वारा उक्त बचा@ साक्षी सं०- 1 राMकु मार से जिMरह की गयी, जिMसने अपनी प्रधि$परीक्षा के दौरान कथन विकया है विक आM मुझे न्यायालय में रमेश बुलाकर लाया है। रमेश ने मुझे ब$ाया था विक अदाल$ ने ग@ाही के लिलये बुलाया है। यह घटना सन 2017 में चुना@ हुए थे, उसके बाद की है। यह चुना@ के करीब 3 महीने के बाद की घटना होगी। Mो बा$ आM मैंने न्यायालय में ब$ायी है @ह बा$ आM से पहले न $ो मेरे से विकसी ने पूछी न मैंने विकसी को ब$ायी है। रमेश मेरा भ$ीMा लग$ा है। नरेश @ादी भी मेरा भ$ीMा लग$ा है। घटना @ाले विदन रमेश बgौ$ गया हुआ था क्योंविक रमेश को टी०बी० थी। दरोगा बार बार इसके घर पर आ रहा था। दरोगा Mी ने मेरे से कु छ नहीं पूछा इसलिलए मैंने दरोगा Mी को यह बा$ नहीं ब$ायी थी। मेरा घर रमेश के घर से 10 मीटर की दूरी पर है। नरेश का घर भी मेरे घर से इ$नी दूरी पर है।
37. अभिभयुक्तगण वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ मोन्टी उर्फU गोवि@न्द द्वारा बचा@ साक्षी सं०- 2.
सुदेशपाल ने अपनी मुख्य परीक्षा के दौरान कथन विकया है विक मैं अपने गां@ के वि@क्रां$ उर्फU वि@क्की @ मोन्टी को मैं भली प्रकार Mान$ा हूँ। यह मेरे ही गां@ के है, वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ हाजिMर अदाल$ $था इस प्रकरण के @ादी मुकदमा को भी भली 14 of 25
प्रकार से Mान$ा हूँ। विदनांक 23.10.2018 को समय करीब 12.30 बMे विदन में गां@ के बाहर कोल्हू पर गन्ने लगा रहा था, $भी मेरे बच्चे मेरा bाना लेकर आये $ब मैं सgक के विकनारे लगे नल पर हाथ धो रहा था, $ो मैने देbा विक @ादी मुकदमा की लडकी जिMसने अपना मुँह लपेट रbा था $ेM कदमों से नहर की $रर्फ को Mा रही थी। मैंने पीविg$ा से पूछा विक कहाँ Mा रही हो $भी मोटर साईविकल पर एक लgका आया Mो हमारे गां@ का नही था, पीविg$ा ने मुझे ब$ाया विक यह मेरी मौसी का लडका है, मैं इसके साथ अपनी मौसी के घर Mा रही हूँ। उसके बाद पीधिड$ा मोटर साईविकल पर बैठकर उस लgके के साथ चली गयी और मैं bाना bाकर अपने कायU में लग गया। अगले विदन मुझे प$ा चला विक पीविg$ा घर @ाविपस नहीं आयी है। कु छ विदनों बाद पीधिड$ा के विप$ा @ादी मुकदमा ने मेरे ही गां@ के वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ , मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ एक अज्ञा$ व्यविक्त के वि@रूद्ध रिरपोटU लिलbायी है। मैने @ादी मुकदमा को इन लोगो द्वारा लgकी को ले Mाने @ाली बा$ नही ब$ायी थी। दरोगाMी ने मुझसे पूछ$ाछ की थी। मैंने उन्हे ब$ाया था विक पीविg$ा ने मुझे ब$ाया था विक @ह अपनी मौसी के लgके के साथ Mा रही है। मैंने इस संबंध में एक शपथ पत्र भी वि@@ेचना अधिधकारी को विदया था। @ादी मुकदमा @ प्रेमपाल का मकान आमने सामने है। रिरपोटU लिलbे Mाने के दो ढाई महीने पहले कू gा डालने को लेकर इन दोनो की आपस में कहा सुनी हुई थी। उस समय गां@ @ालों ने इनका र्फै सला करा विदया था। इन दोनो का आपस में चुना@ी रंजिMश भी थी। इस रंजिMश के कारण @ादी मुकदमा द्वारा झूठा मुकदमा पंMीकृ $ कराया है। घटना के समय प्रेमपाल के दोनो लgके वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ मोन्टी गां@ में नहीं रह$े थे। मोन्टी उर्फU गोवि@न्द नोएडा बैंक में नौकरी कर$ा था @ वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ मेरठ गंगानगर में रहकर बच्चों का ट्यूशन पढ़ा$ा था।
38.
अभिभयोMन की ओर से सहायक जिMला शासकीय अधिध@क्ता (दास्थि©डक) द्वारा उक्त सर्फाई साक्षी बचा@ साक्षी सं०- 2 सुदेशपाल से जिMरह की गयी। जिMसने अपनी प्रधि$परीक्षा के दौरान कथन विकया है विक @ादी मुकदमा मेरा रिरश्$ेदार है @ प्रेमपाल भी मेरा रिरश्$ेदार है। मैं प्रेमपाल के परिर@ार में व्याहा हूँ @ @ादी मुकदमा के परिर@ार में भी ब्याहा हूं। @ादी मुकदमा @ प्रेमपाल दोनो एक ही परिर@ार के है। @ादी मुकदमा का मकान मेरे मकान से आधा विक०मी० दूर है और प्रेमपाल का मकान @ादी मुकदमा के मकान के सामने है। आM मैं न्यायालय में प्रेमपाल के कहने पर आया हूँ। मुझे नहीं प$ा @ादी मुकदमा @ प्रेमपाल के बीच में भाईयों-भाईयों का रिरश्$ा है या कोई और रिरश्$ा है। मैं इनके परिर@ार में ब्याहा Mरूर हूँ , लेविकन मुझे प्रेमपाल @ @ादी मुकदमा के बारे में Mानकारी नहीं है। मैं @ादी मुकदमा की लडकी को Mान$ा हूँ। मुझे पीधिड$ा के घर @ाविपस न आने की Mानकारी अगले विदन प$ा चली थी। @ादी मुकदमा @ उसके परिर@ार @ाले कोल्हू पर पीविg$ा को यहां देbने की Mानकारी लेने आये थे। मैंने @ादी मुकदमा के परिर@ार @ालों को विकसी के साथ मोटर साईविकल पर Mाने @ाली 15 of 25
बा$ ब$ा दी थी। मुझे नहीं प$ा विक @ादी मुकदमा @ प्रेमपाल में क्या पाटfबाMी थी। यह कहना गल$ है विक मै आM न्यायालय में अभिभयुक्त के विप$ा द्वारा बुलाये Mाने पर झूठी ग@ाही दे रहा हूं।
39. अभिभयुक्त वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ द्वारा अपनी सर्फाई में परीधिक्ष$ सर्फाई साक्षी बचा@ साक्षी सं०- 3.
न@ीन ने अपनी मुख्य परीक्षा कथन विकया है विक मेरे मकान में Mून 2017 को वि@क्रां$ विकराये पर रहने के लिलये आया था Mो मेरे मकान में @र्षU 2019 $क विकराये पर रहा था। Mून 2019 को वि@क्रान्$ ने हमारा मकान bाली कर विदया था। वि@क्रान्$ हमारे घर रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम कर$ा था। विदनांक 23.10.2018 को सुबह से शाम $क वि@क्रां$ घर पर ही था और विदन में लगभग 11 बMे से 12.30 बMे $क मेरे साथ ही रहा। हम दोनो ने दोपहर का भोMन लगभग 1.30 पी०एम० पर एक साथ विकया था और शाम को 5 बMे एक साथ हम घूमने गये थे। मुझे बाद में प$ा चला था विक वि@क्रान्$ के गां@ के विकसी व्यविक्त ने वि@क्रान्$ @ उसके भाई के वि@रूद्ध विदनांक 23.10.2018 को घटना ब$ाकर मुकदमा लिलbाया था। आM मैं माननीय न्यायालय में Mो ब्यान दे रहा हूँ @ह स्@ेछा से विबना विकसी दबा@ @ लोभ लालच के सही बा$ माननीय न्यायालय में ब$ा रहा हूँ।
40.
अभिभयोMन की ओर से सहायक जिMला शासकीय अधिध@क्ता (दास्थि©डक) द्वारा उक्त सर्फाई साक्षी बचा@ साक्षी सं०- 3 न@ीन से जिMरह की गयी। जिMसने अपनी प्रधि$परीक्षा के दौरान कथन विकया है विक वि@क्रान्$ कालन्दी गां@ थाना सरधना का रहने @ाला है। वि@क्रां$ को हमने अपने मकान को प्रथम मंजिMल पर अंकन 2500/- रूपये महीना विकराये पर विदया था। मैं आM विकरायानामा माननीय न्यायालय में लेकर नही आया हूँ $था न ही मैने विकरयानामा पत्रा@ली पर दालिbल नहीं विकया है। यह भोMन वि@क्रान्$ ने मेरे साथ मेरे घर पर ही विकया था। घूमने हम पाकU में गये थे। मुझे इस मुकदमे की $ारीb नहीं प$ा न ही में @ादी मुकदमा का नाम ब$ा सक$ा हूँ। मुकदमा पंMीकृ $ होने के 2-3 विदन बाद मुझे वि@क्रान्$ ने ब$ाया था विक मेरे @ मेरे भाई @ गां@ के अन्य व्यविक्त के वि@रूद्ध मुकदमा पंMीकृ $ हुआ है। मेरे पास कोई समन नहीं गया है। मुझे वि@क्रां$ ने ब$ाया विक कोटU में ग@ाही देनी है। मैं स्@यं आया हूँ। 22 $ारीb को मैंने क्या-क्या विकया था मैं ब$ा सक$ा हूँ। हमारा व्यापार लिbलौनो की सप्लाई का है। वि@क्रां$ मेरे साथ समान सप्लाई करने गया था। मैंने यह बा$ पुलिलस को भी ब$ायी थी यविद पुलिलस ने मेरा कोई ब्यान वि@@ेचना में सम्मलिल$ नहीं विकया $ो मैं इसकी कोई @Mह नहीं ब$ा सक$ा। यह कहना गल$ है विक मुझे उपरोक्त सभी बा$े वि@क्रां$ ने ग@ाही देने से पहले ब$ायी हो $था मैं उसी के ब$ाये अनुसार माननीय न्यायालय में ग@ाही दे रहा हूं। 16 of 25
41.
अभिभयुक्त रमेश द्वारा अपनी सर्फाई में परीधिक्ष$ सर्फाई साक्षी बचा@ साक्षी सं०- 4 सुभार्ष ने अपनी मुख्य परीक्षा के दौरान कथन विकया है विक मैं सन् 1994 से ही बgौ$ में रह$ा हूँ। @हीं पर अपना ठेला लगा कर छोले कु लचे का काम कर$ा हूँ। हाजिMर अदाल$ मुस्थिल्Mम मेरा भाई है। आM से करीब 5 साल पहले टी०बी० के रोग से पीविg$ हो गया था। इसका इलाM सरूरपुर पर सरकारी अस्प$ाल में चल$ा है। यह $ब से अक्सर मेरे पास ही रह$ा था क्योंविक बीमारी से उसकी टहल कर$ा था। द@ाई लेकर यह 20 $ारीb को मेरे पास आ Mा$ा था $था 25 विदन बाद यह विर्फर द@ाई लेने Mा$ा था। हमारे गां@ की लgकी पीविg$ा के साथ Mो घटना घविट$ हुई थी, उन विदनों रमेश मेरे पास ही मेरे मकान पर बgौ$ में था। उसका नाम इस मुकदमें में प्रधानी के चुना@ की रंजिMश के कारण छोटे उर्फU सं$पाल के कहने पर झूठा लिलbा विदया था।
42. अभिभयोMन की ओर से सहायक जिMला शासकीय अधिध@क्ता (दास्थि©डक) द्वारा उक्त सर्फाई साक्षी बचा@ साक्षी सं०-4 सुभार्ष से जिMरह की गयी। जिMसने अपनी प्रधि$परीक्षा के दौरान कथन विकया है राMनीधि$क रंजिMश के कारण अभिभयुक्त को इस मामले में नाविम$ विकया गया है। मुझे मुकदमा दMU होने के लगभग 20 विदन बाद मुकदमें की Mानकारी नही हुई। मैंने विकसी पुलिलस @ाले को ब$ाने का प्रयास नहीं विकया,क्योंविक विकसी ने पूछा नही था। यह कहना गल$ है विक रमेश मेरा भाई है, इसलिलए मैं झूठी ग@ाही दे रहा हूँ।
43.
वि@चारण न्यायालय द्वारा विदनांक 16.01.2024 को पीविg$ा की आयु के सम्बन्ध में वि@द्यालय प्राथविमक वि@द्यालय कालन्दी-2 वि@कास क्षेत्र सरूरपुर bुदU, मेरठ से साक्षी कोटU साक्षी (सी०डब्लू०)- 1 प्रधानाध्यपक योगेश कु मार को आहु$ विकये Mाने हे$ु आदेश पारिर$ विकया गया। उक्त आदेश के अनुपालन में इस न्यायालय द्वारा उक्त वि@द्यालय के प्रधानाध्यापक की साक्ष्य विदनांक 20.03.2024 को अंविक$ की गयी। उक्त कोटU साक्षी (सी०डब्लू०)- 1 योगेश कु मार द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में मुख्य$ः कथन विकया गया है विक मैं माननीय न्यायालय के द्वारा Mारी समन पर आM न्यायालय में ग@ाही देने आया हूँ। हमारे स्कू ल में पीविg$ा ने 15 Mुलाई 2003 को कक्षा एक में प्र@ेश लिलया था। दालिbले के समय उसके मा$ा-विप$ा के द्वारा पीविg$ा की Mन्मधि$भिथ विदनांक 05.03.1998 ब$ायी गयी थी। पीविg$ा हमारे स्कू ल में कक्षा-5 $क पढ़ी थी। कक्षा-5 की परीक्षा उसके द्वारा 30.06.2009 को उत्तीणU की गयी थी। इस सम्बन्ध में हमारे स्कू ल के द्वारा समस्$ सूचना पुलिलस @ालो को लिललिb$ में दे दी गयी थी। ग@ाह ने पत्रा@ली पर दालिbल कागM सं० 12 अ/2 को देbकर कहा विक यह @ही आख्या है, Mो मेरे लेb @ हस्$ाक्षर में है। जिMसकी मैं $स्दीक कर$ा हूँ। जिMस पर 17 of 25
प्रदशU-1 डाला गया। आM मैं अपने साथ अपने स्कू ल से वि@द्यालय प्र@ेश पंजिMका मूल साथ लेकर आया हूँ। उस मूल की छायाप्रधि$ मैं आM न्यायालय में प्रमाभिण$ कर दालिbल कर रहा हूँ। जिMसकी मैं $स्दीक कर$ा हूँ, जिMस पर प्रदशU-2 डाला गया। प्र@ेश पंजिMका में पीविg$ा का एस०आर० सं० 1823 अंविक$ है।
44. अभिभयुक्तगण की ओर से उक्त साक्षी कोटU साक्षी (सी०डब्लू०)- 1 से अ@सर विदये Mाने के पश्चा$ भी जिMरह नहीं की गयी, $दोपरां$ वि@चारण न्यायालय द्वारा जिMरह का अ@सर समाप्त विकया गया।
45. प्रकरण में अभिभयोMन की ओर से मुख्य$ः अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द, वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ रमेश पर आक्षेप यह है विक अभिभयोगी की लgकी/पीविg$ा का आपराधिधक र्षड्यंत्र रचकर वि@@ाह या संभोग आविद करने को वि@@श करने हे$ु पीधिड$ा का अपहरण/व्यपहरण विकया गया, अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ ने @ादी मुकदमा की लgकी पीविg$ा को विमठाई bाने को दी जिMससे पीविg$ा नशे की हाल$ में होकर बेहोश हो गयी @ पीविg$ा को 12 विदन $क गाजिMयाबाद में बंधक बनाकर रbकर सदोर्ष परिररोध कारिर$ विकया गया ए@ं अ@ांछनीय शारीरिरक संस्पशU विकया @ अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द ने @ादी मुकदमा की लgकी पीविg$ा के साथ उसकी इच्छा के वि@रूद्ध बलात्संग विकया गया।
46.
अभिभयोMन की ओर से वि@द्वान सहायक जिMला शासकीय अधिध@क्ता र्फौMदारी की ओर से यह $कU विदया गया विक अभिभयोMन की $रर्फ से परीधिक्ष$ कराये गये साक्षीगण अभिभयोMन साक्षी सं०-1/अभिभयोMगी/पीधिड$ा के विप$ा, अभिभयोMन साक्षी सं० 2/एच०सी० अनूप नादर, अभिभयोMन साक्षी सं० 3/एस०आई० राMकु मार, अभिभयोMन साक्षी सं० 4/पीधिड$ा, अभिभयोMन साक्षी सं० 5/ डा० सारिरका सिंसह, अभिभयोMन साक्षी सं० 6/एस०आई० नरेश कु मार ने वि@चारण न्यायालय के समक्ष विदये गये बयानों में अभिभयोMन कथानक का समथUन विकया है $था लिललिb$ $हरीर प्रदशU क-1, प्रथम सूचना रिरपोटU प्रदशU क -2, संबंधिध$ Mी०डी० प्रदशU क-3, मौका नक्शा-नMरी प्रदशU क-4, सुपुदUगीनामा प्रदशU क-5, प्राथUना पत्र प्रदशU क-6 पीधिड$ा के बयान अन्$गU$ धारा 164 दं०प्र०सं० प्रदशU क-7, आरोप पत्र प्रदशU क-8 @ प्रदशU क-9, मेधिडको लीगल आख्या प्रदशU क-10 @ वि@धिध वि@ज्ञान प्रयोगशाला रिरपोटU प्रदशU क-11 $था साक्षीगण के बयान से इस $थ्य की पुवि{ हो$ी है विक अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द, वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ रमेश ने @ादी मुकदमा की लgकी पीविg$ा का आपराधिधक र्षड्यंत्र रचकर वि@@ाह या संभोग आविद करने को वि@@श 18 of 25
करने हे$ु पीधिड$ा का अपहरण/व्यपहरण विकया। पीविg$ा को 12 विदन $क गाजिMयाबाद में बंधक बनाकर रbकर सदोर्ष परिररोध ए@ं अ@ांछनीय शारीरिरक संस्पशU विकया गया , अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द ने अभिभयोगी की लgकी/पीविg$ा के साथ उसकी इच्छा के वि@रूद्ध बलात्संग विकया। वि@@ेचना अधिधकारी द्वारा ग@ाहान के बयान अंविक$ कर उक्त $थ्य का उल्लेb विकया है $था अभिभयोMन ने सभी प्रलेbीय साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष वि@धिध अनुसार प्रमाभिण$ विकया है, जिMससे अभिभयोMन कथानक की पुवि{ हो$ी है। अभिभयोMन द्वारा अभिभयुक्तगण को दस्थि©ड$ करने की प्राथUना की गयी है।
47.
बचा@ पक्ष की ओर से वि@द्वान अधिध@क्तागण द्वारा उपरोक्त $थ्यों का वि@रोध कर$े हुए यह $कU प्रस्$ु$ विकया है विक अभिभयुक्त विनद¬र्ष है , उनके द्वारा ऐसा कोई अपराध कारिर$ नहीं विकया गया है। उनको उपरोक्त @ाद में झूठा र्फं साया गया है। अभिभयुक्त के वि@रुद्ध उपरोक्त मुकदमा झूठा पंMीकृ $ कराया गया है। प्रथम सूचना रिरपोटU वि@लंब से पंMीकृ $ कराई गयी है, जिMसका कोई स्प{ीकरण अभिभयोMन द्वारा नहीं विदया गया है। बचा@ पक्ष के वि@द्वान अधिध@क्ता द्वारा यह $कU भी न्यायालय के समक्ष विदया गया विक अभिभयोMन द्वारा परिरधिक्ष$ $थ्य के साक्षी अभिभयोMन साक्षी-1/ पीविg$ा के विप$ा घटना का प्रत्यक्षदशf साक्षी नहीं है। अभिभयोMन साक्षी- 4/पीविg$ा के न्यायालय के समक्ष विदये गये बयानों में वि@रोधाभास है , जिMसके कारण उसके बयान घटना के संबंध में वि@श्वसनीय नहीं है। अभिभयुक्त के वि@द्वान अधिध@क्ता द्वारा यह $कU भी न्यायालय के समक्ष विदया गया विक पीविg$ा का बलात्संग के सम्बन्ध में धारा 164 दं०प्र०सं० का बयान @ न्यायालय के समक्ष विदये गये बयान में वि@रोधाभास है, जिMस कारण पीविg$ा का बयान घटना के सम्बन्ध में वि@श्वसनीय नहीं है। पीविg$ा की धिचविकत्सीय आख्या से भी उसके साथ बलात्संग विकये Mाने की पुवि{ नहीं हो$ी। इसके अधि$रिरक्त अभिभयुक्तगण के वि@द्वान अधिध@क्ता द्वारा $कU विदया गया विक पीधिड$ा की बरामदगी अभिभयुक्तगण से नहीं हुई है $था पीविg$ा के धारा 164 दं०प्र०सं० के बयान अत्याधिधक वि@लम्ब से दMU कराये गये है, Mोविक अभिभयोMन कथानक को संदेहस्पद $था संविदग्ध बना$े हैं। अ$ः अभिभयोMन पक्ष अभिभयुक्तगण के वि@रुद्ध उपरोक्त आरोपों को सन्देह से परे साविब$ करने में असर्फल रहा है, जिMस कारण अभिभयुक्तगण दोर्षमुक्त होने योग्य है। अभिभयुक्तगण के वि@द्वान अधिध@क्ता द्वारा अपने $क® के समथUन में इलाहाबाद उच्च न्यायालय @ मा० उच्च$म न्यायालय द्वारा कई वि@धिध-व्य@स्थाएं का उल्लेb विकया गया।
48.
प्रश्नग$ प्रकरण में अभिभयोMन साक्षीगण ए@ं अभिभयुक्तगण के अभिभकथनों $था पत्रा@ली पर उपलब्ध कथन @ साक्ष्यों के आधार पर वि@चारण न्यायालय इस विनष्कर्षU पहुंचा विक अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द को सत्र परीक्षण सं० 291/ 2019, मु०अ०सं० 1187/2018, अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 376, 19 of 25
120 बी भा०दं०वि@०, थाना सरधना, जिMला मेरठ $था अभिभयुक्त वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ को सत्र परीक्षण सं० 113/2020, अपराध सं०- 1187/2018 अन्$गU$ धारा 363, 366, 328, 344, 354 क, 120 बी भा०दं०वि@०, थाना सरधना, जिMला मेरठ @ अभिभयुक्त रमेश को सत्र परीक्षण सं० 113/2020, अपराध सं० 1187/2018 अन्$गU$ धारा 363, 366, 120 बी भा०दं०वि@०, थाना सरधना, जिMला मेरठ के अपराध अभिभयोMन पक्ष संदेह से परे साविब$ करने में वि@र्फल रहा, जिMसके आधार पर वि@चारण न्यायालय द्वारा उपरोक्त अभिभयुक्तगण को उक्त आरोपों से दोर्षमुक्त कर विदया गया।
49.
अपीलाथfगण/अभिभयुक्तगण के दोर्षमुविक्त के प्रश्नग$ विनणUय/आदेश को चुनौ$ी दे$े हुए वि@द्वान अपर शासकीय अधिध@क्ता अधिध@क्ता श्री नागेन्द्र कु मार श्री@ास्$@ ने यह $कU प्रस्$ु$ विकया विकः- (क) वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने अभिभयुक्त-प्रधि$@ाविदयों को यह कह$े हुए दोर्षमुक्त कर विदया है विक, अभिभयोMन पक्ष अपने मामले को सभी उधिच$ संदेहों से परे साविब$ करने में वि@र्फल रहा है और इस प्रकार अभिभयुक्त-प्रधि$@ादी दोर्षमुक्त विकए Mाने के हकदार हैं। (b) वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने अभिभयोMन पक्ष के साक्ष्य का उधिच$ मूल्यांकन नहीं विकया है और के @ल अनुमानों और अनुमानों के आधार पर मामले का विनणUय विकया है। (ग) वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ग@ाहों के साक्ष्य का मूल्यांकन कर$े समय अपने न्याधियक मस्थिस्$ष्क का उधिच$ उपयोग करने में वि@र्फल रहा है। (घ) अभिभयोMन पक्ष ने अपने मामले को विकसी भी उधिच$ संदेह से परे पूरी $रह साविब$ कर विदया है, लेविकन वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने अभिभयुक्त-प्रधि$@ाविदयों को दोर्षमुक्त कर$े समय अभिभयोMन साक्षीगण के बयानों को पूरी $रह से नMरअंदाM कर विदया है। (च) प्रथम सूचना रिरपोटU दMU करने में कु छ वि@लंब होने के आधार पर वि@द्वान वि@चारण न्यायालय द्वारा अभिभयुक्त प्रधि$@ाविदयों को लाभ देना न्यायोधिच$ नहीं है, Mबविक के @ल कु छ वि@लंब होने के आधार पर, जिMसका स्प{ीकरण विकया गया है, अभिभयोMन पक्ष के मामले पर अवि@श्वास नहीं विकया Mा सक$ा। (छ) सुसंग$ $थ्य यह है विक Mांच अधिधकारी द्वारा Mांच के दौरान की गई कोई भी चूक अभिभयुक्त को कोई लाभ नहीं पहुंचा$ी है और साथ ही अभिभयोMन पक्ष के समथUन में साक्ष्य की प्रामाभिणक$ा को भी प्रभावि@$ नहीं कर$ी है। 20 of 25 (M) वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने मौलिbक साक्ष्य के साथ-साथ पीविg$ा के बयानों पर वि@चार न करके स्प{ त्रुविट की है , Mो स्प{ रूप से घटना को सही ढंग से दशाU$ा है, लेविकन वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने उस पर भरोसा नहीं विकया और विनष्पक्ष विनणUय सुनाने में अ@ैध रूप से कायU विकया। (झ) वि@द्वान वि@चारण न्यायालय ने अभिभयोMन पक्ष के साक्षीगण की ग@ाही पर अवि@श्वास करके और बचा@ पक्ष के बयान को महत्@ देकर घोर त्रुविट की है , इसलिलए अभिभयुक्त प्रधि$@ाविदयों को दोर्षमुक्त करने का विनणUय और आदेश पूरी $रह से अ@ैध है। (ट) अभिभयुक्त प्रधि$@ाविदयों को दोर्षमुक्त करने का विनणUय और आदेश पूरी $रह से अ@ैध, वि@कृ $ और अभिभलेb पर मौMूद साक्ष्य के वि@रुद्ध है, इसलिलए इसे रद्द विकया Mाना चाविहए। (ठ) अभिभयुक्त/प्रधि$@ाविदयों को दोर्षमुक्त करने का विनणUय/आदेश, अभिभलेb पर उपलब्ध $थ्य ए@ं साक्ष्य दोनों के वि@रुद्ध है , इसलिलए इसे रद्द विकया
Mाना चाविहए। मामले के विकसी भी दृवि{कोण से, अभिभयुक्त-प्रधि$@ाविदयों को दोर्षमुक्त करने का वि@@ाविद$ विनणUय और आदेश कानून की दृवि{ में विटकने योग्य नहीं है और इसलिलए इसे इस माननीय न्यायालय द्वारा रद्द विकया Mाना चाविहए। 50.
हमने उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से वि@द्वान अपर शासकीय अधिध@क्ता श्री नागेन्द्र कु मार श्री@ास्$@ को सुना $था वि@चारण न्यायालय के मूल पत्रा@ली सविह$ पत्रा@ली पर उपलब्ध सामग्री का परिरशीलन विकया, $दोपरां$ इस न्यायालय का अभिभम$ है विकः- (क) अभिभयोMन साक्षी सं०-4/पीविg$ा द्वारा धारा 161 दं०प्र०सं० ए@ं न्यायालय के समक्ष विदये गये धारा 164 दं०प्र०सं० के बयानों में वि@रोधाभास है $था पीविg$ा के धारा 164 दं०प्र०सं० का बयान अत्याधिधक वि@लम्ब से दMU कराया गया है, Mो विक अभिभयोMन कथानक को संदेहस्पद बना$े हैं। (b) अ@लोकनीय $थ्य यह भी है विक पीविg$ा द्वारा संबंधिध$ र्फोटोग्राफ्स सं०- 1 $ा 16 में पीविg$ा अभिभयुक्त मोन्टी उर्फU गोवि@न्द के साथ अलग-अलग ड्रेस में है, Mो विक पीविg$ा के उक्त संबध में विदये गये बयान विक “12 विदन @हीं कपgे पहने थे", को संविदग्ध @ अवि@श्ननीय बना$े है $था पत्रा@ली के अ@लोकन से यह भी दर्शिश$ है विक पीविg$ा की बरादमगी, अभिभयुक्तगण वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ मोन्टी उर्फU गोवि@न्द से नहीं हुई थी, क्योंविक अभिभयोMन साक्षी सं० 3/उ०विन० राMकु मार द्वारा अपने प्रधि$परीक्षा में यह कथन विकया गया विक "थाने पर उ०विन० वि@मल सैनी द्वारा पीविg$ा द्वारा लाया गया था।" 21 of 25 (ग) यहां $कU सगं$ $थ्य यह भी है विक अभिभयोMन साक्षी सं० 3/उ०विन० राMकु मार द्वारा जिMरह में यह कथन विकया गया विक "मेरे द्वारा वि@@ेचना के समय अभिभयुक्त के मोबाइल नंबर का लोके शन विनकल@ाने के लिलये दी थी, Mो मुझे प्राप्त नहीं हुई थी। प्राविप्त के लिलए रिरमाइंडर मैंने नहीं विदया था” $था "पीविg$ा ने Mहां अपने साथ रेप होना ब$ाया था उस स्थान पर मैं पीविg$ा को लेकर नहीं गया था और न ही रेप के संबंध में मैंने कोई वि@@ेचना की थी।” ए@ं "पीविg$ा को बेहोश करने @ाली विमठाई विकस स्थान से bरीदी गयी थी, मैंने उस दुकान की भी पूछ$ाछ नहीं की थी।" उक्त क्रम में Mब उक्त वि@@ेचना अधिधकारी के स्थानान्$रण के उपरां$ इस प्रकरण की वि@@ेचना नये वि@@@ेचना अधिधकारी/अभिभयोMन साक्षी सं० 6/ उ०विन० नरेश कु मार को प्राप्त हुई $था इनके द्वारा अपने जिMरह में कथन विकया विक "पू@U वि@@ेचक द्वारा Mो मोबाइल की सी.डी.आर/मोबाइल धारक के नाम प$े के संबंध में श्रीमान @रिरष्ठ पुलिलस अधीक्षक मेरठ को विदनांक 29.10.2018 को Mो प्रा०पत्र विदbाया, उसके बारे में मुझे कोई Mानकरी नहीं है।” $था "विकसी भी ग@ाह के बयान मैंने नहीं लिलये थे। पू@U वि@@ेचक एस०आई० राMकु मार के भी बयान नहीं लिलये थे।" इन $थ्यों से परिरलधिक्ष$ हो रहा है विक यविद उपरोक्त $थ्यों
के संबंध में वि@@ेचना @ उसका समा@ेशन विकया गया हो$ा $ो @ह घटना के समथUन में एक आलंब/वि@श्वसनीय साक्ष्य का कायU कर सक$ा था, पिंक$ु अभिभलेb पर उपरोक्त साक्ष्यों की अभा@/अनुपस्थिस्थ$ के कारण अभिभयोMन कथानक बलहीन परिरलधिक्ष$ हो रहा है। (घ) अभिभयोMन साक्षी सं०-4/पीविg$ा की धिचविकत्सीय आख्या से भी उसके साथ बलात्संग विकये Mाने की पुवि{ नहीं हो रही है $था इसकी परिरपुवि{ अभिभयोMन साक्षी सं०- 5 /डा० सारिरका सिंसह के बयान से भी हो रही है, जिMनके द्वारा सत्र परीक्षण के दौरान यह कथन विकया गया विक "यह सही है विक Mोर Mबरदस्$ी में चोट आनी चाविहए थी। पीविg$ा के शरीर पर आं$रिरक @ बाह्य कोई चोट नहीं पायी गयी थी। यह कहना सही है विक मMरूब के साथ कोई बलात्कार Mैसी symptoms नहीं पाये गये थे $था यह कहना सही है विक मMरूब के कपgो पर कोई दाग-धब्बे के विनशान नहीं थे।" (च) यहां यह भी वि@चारणीय $थ्य है विक धारा 363 भा०दं०सं० के गठन के लिलये यह आ@श्यक $त्@ है विक भार$ में से या विकसी वि@धिधपूणU संरक्षक$ा में से विबना वि@धिधपूणU संरक्षक की अनुमधि$ के विकसी अप्राप्त@य को, यविद @ह नर हो, $ो सोलह @र्षU से कम आयु @ाले को, या यविद @ह नारी हो, $ो अठारह @र्षU से कम आयु @ाली को ले Mाना या बहका कर ले Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है। धारा 366 भा०दं०सं० के लिलए अभिभयुक्त द्वारा पीविg$ा का वि@@ाह करने के लिलए या अयुक्त सम्भोग करने के लिलए वि@@श कर उसका अपहरण या व्यपहरण विकया Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है। धारा 376 भा०दं०सं० के अपराध के गठन हे$ु धारा 375 भा०दं०सं० में उजिल्ललिb$ प्रकार से ए@ं धारा 375 भा०दं०सं० में उजिल्ललिb$ 22 of 25 परिरस्थिस्थधि$यों में अभिभयुक्त द्वारा पीविg$ा से बालात्संग विकया Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है, धारा 328 भा०द०सं० अपराध के गठन के लिलए अभिभयुक्तगण द्वारा विकसी व्यविक्त को उपहधि$ कारिर$ विकया Mाना , अपराध करने के लिलए या सुकर बनाने
के आशय से कोई वि@र्ष, Mविgमाकारी, नशा करने @ाली या अस्@ास्थयकर और्षधिध विदया Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है , धारा 344 भा०द०सं० अपराध के गठन के लिलए अभिभयुक्तगण द्वारा पीविg$ा का सदोर्ष परिररोध दस या अधिधक विदनों के लिलये विकया Mाने का अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है, धारा 354 क भा०द०सं० अपराध के गठन के लिलए अभिभयुक्तगण द्वारा पीविg$ा का लैंविगग उत्पीडन विकया Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है @ धारा 120 बी भा०दं०सं० अपराध के गठन के लिलए अभिभयुक्तगण द्वारा अपराधिधक र्षgयंत्र रचा Mाना अभिभयोMन साक्ष्य से पु{ होना आ@श्यक है। (छ) अ@धायU $थ्य यह भी है विक क्या अभिभयुक्तगण मोन्टी उर्फU गोवि@न्द @ वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ द्वारा अभिभयोगी की लgकी/पीविg$ा को विमठाई bाने को दी, जिMससे पीविg$ा बेहोश हो गयी। उक्त संबंध में अभिभयोMन की ओर से परीधिक्ष$ साक्षी अभिभयोMन साक्षी सं०- ० 4/पीधिड$ा द्वारा अपनी मुख्य परीक्षा में अभिभयुक्तगण वि@क्की उर्फU वि@क्रां$ @ मोन्टी उर्फU गोवि@न्द द्वारा उसको ले Mा$े समय सरधना से आगे Mाकर उसे विमठाई लिbलाए Mाने के पश्चा$ बेहोश होने का कथन विकया गया है। पीविg$ा द्वारा अपनी प्रधि$परीक्षा में कथन विकया गया विक घटना के समय मेरे पास मोबाईल नहीं था, साक्षी ने यह भी कहा विक Mब मोन्टी के पापा @हाँ से लाये $ो मुझे कु छ होश नहीं था $था मोन्टी के पापा 12 @ें विदन लाये थे। इससे पीधिड$ा को विमठाई में नशीला पदाथU लिbलाये Mाने के कथन अवि@श्वसनीय प्र$ी$ हो$ा है। इसके अधि$रिरक्त अभिभयोMन द्वारा पीधिड$ा के धिचविकत्सीय परीक्षण करने @ाली साक्षी अभिभयोMन साक्षी सं०- 5/डा० सारिरका सिंसह द्वारा भी इस संबंध में कोई कथन नहीं विकया गया है विक जिMससे यह वि@विद$ हो$ा हो विक पीधिड$ा को कोई नशीला पदाथU लिbलाया गया हो $था अभिभयोMन द्वारा पीधिड$ा के रक्त में नशीले पदाथU के अ@शेर्ष पाये Mाने के संबंध में पत्रा@ली पर कोई संबंधिध$ दस्$ा@ेM उपलब्ध नहीं है। यहां यह भी वि@चारणीय $थ्य है विक वि@@ेचक अभिभयोMन साक्षी सं०- 3 द्वारा अपनी
जिMरह में स्@ीकार विकया गया है विक उसके द्वारा गाजिMयाबाद के रास्$े से विकसी भी कै मरे की छानबीन कर कोई भी र्फोटो/ सी०सी०टी०@ी० र्फू टेM नहीं ली गयी, Mो विक पीधिड$ा के उक्त कथन के संबंध में वि@श्वसनीय साक्ष्य हो सक$ी थी। इस प्रकार उपरोक्त वि@श्लेर्षण से यह वि@विद$ हो$ा है विक पीधिड$ा का उक्त संबंध में विदया गया बयान ठोस @ वि@श्वसनीय नहीं है। (M) इस प्रकार पत्रा@ली पर उपलब्ध साक्ष्य के वि@श्लेर्षण से वि@विद$ हो$ा है विक अभिभयोMन पक्ष, अभिभयोMन कथानक $था अभिभयुक्तगण पर लगे आरोपों को युविक्त- युक्त संदेह से परे साविब$ करने में असर्फल रहा $था पत्रा@ली पर उपलब्ध समस्$ साक्षीगण के साक्ष्य ए@ं दस्$ा@ेMी साक्ष्य के परिरशीलनोपरां$ उपरोक्त अभिभयुक्तगण के 23 of 25 वि@रूद्ध अभिभयोMन पक्ष, अपना अभिभयोMन कथानक साविब$ करने में असर्फल रहा है $था अभिभयुक्तगण पर उपरोक्त अपराध कारिर$ विकये Mाने का आरोप साविब$ करने में असर्फल रहा है। यहां उल्लेbनीय $थ्य यह भी है विक अभिभयोMन पक्ष को स्@यं अपने पैरो पर bgा होना हो$ा है, क्योंविक दास्थि©डक न्याय-शास्त्र के अनुसार अभिभयोMन पर अभिभयुक्त के वि@रूद्ध युविक्त-युक्त संदेह से परे आरोप जिसद्ध करने का भार हो$ा है, जिMसे प्रत्यक्ष या परिरस्थिस्थधि$Mन्य साक्ष्यों द्वारा जिसद्ध विकया Mाना हो$ा है , पिंक$ु अभिभयोMन पक्ष द्वारा ऐसा कोई भी प्रत्यक्ष या परिरस्थिस्थधि$Mन्य, पुवि{कारक साक्ष्य प्रस्$ु$ नहीं विकया गया Mो अकाट्य रूप से अभिभयुक्तगण के वि@रूद्ध आरोप जिसद्ध कर$ा हो। 51. $द्नुसार, पत्रा@ली पर उपलब्ध उपरोक्त संपूणU साक्ष्यों पर वि@चार -वि@मशU करने के मद्देनMर, वि@चारण न्यायालय द्वारा विनकाला गया विनष्कर्षU विक अभिभयोMन पक्ष उधिच$ संदेह से परे आरोपी के अपराध को साविब$ करने में वि@र्फल रहा है, स्प{ रूप से एक स्@ीकायU दृवि{कोण परिरलधिक्ष$ है।
52.
वि@धिध में स्थाविप$ है विक आम $ौर पर दोर्षमुक्त करने के र्फै सले में हस्$क्षेप नहीं विकया Mाएगा, Mब $क विक प्रश्नग$ विनणUय/आदेश में कोई वि@कृ धि$ या अ@ैध$ा नहीं विदbाई Mा$ी है। मा० उच्च$म न्यायालय ने बाबू साहेबगौgा रुद्रगौदर बनाम कनाUटक राज्य, 2024 एससीसी ऑनलाइन एससी 561 के मामले में वि@चारण न्यायालय द्वारा दोर्षमुक्त विकए Mाने के मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा हस्$क्षेप के दायरे पर वि@चार विकया है। र्फै सले के पैरा 39 और 40 @$Uमान उद्देश्यों के लिलए प्रासंविगक हैं और इन्हें आगे पुन: प्रस्$ु$ विकया Mा रहा है:-
"39. इस प्रकार, यह संदेह से परे है विक अभिभयुक्त के पक्ष में वि@चारण न्यायालय द्वारा दMU विकए गए दोर्षमुक्त विकए Mाने के र्फै सले को पलटने/बदलने के लिलए अपीलीय अदाल$ द्वारा हस्$क्षेप के दायरे को विनम्नलिललिb$ जिसद्धां$ों के चार कोणो के भी$र प्रयोग विकया Mाना चाविहए:- (क) यह विक दोर्षमुक्त विकए Mाने का र्फै सला स्प{ रूप से वि@कृ $ है। (b) यह विक अभिभलेb पर मौMूद भौधि$क साक्ष्य पर वि@चार करने की गल$ व्याख्या/चूक पर आधारिर$ है। (ग) यह विक कोई दो उधिच$ दृवि{कोण संभ@ नहीं हैं और के @ल अभिभलेb पर उपलब्ध साक्ष्य से अभिभयुक्त के अपराध के अनुरूप दृवि{कोण ही संभ@ है। 24 of 25
40. अपीलीय अदाल$ को यविद दोर्षमुक्त करने @ाले वि@चारण न्यायालय द्वारा विदए गए दोर्षमुक्त करने के र्फै सले को पलटने/बदलने का वि@चार है, $ो उसे उपरोक्त कारकों पर प्रासंविगक विनष्कर्षU दMU करने होंगे।”
53.
इस मामले में प्रस्$ु$ साक्ष्य के मूल्यांकन पर, हमें र्फै सले में कोई वि@कृ धि$ नहीं विमली, जिMससे वि@चारण न्यायालय द्वारा विदए गए विनष्कर्ष® में हस्$क्षेप विकया Mाए, क्योंविक संबंधिध$ न्यायाधीश द्वारा विनकाले गए विनष्कर्षU अभिभलेb पर रbे गए साक्ष्य के मद्देनMर स्प{ रूप से स्@ीकायU हैं। सबू$ों की कोई गल$ व्याख्या या चूक भी नहीं की गई है। यह नहीं कहा Mा सक$ा है विक अभिभलेb पर मौMूद सबू$ों से के @ल अभिभयुक्त के अपराध के अनुरूप दृवि{कोण ही संभ@ है। हम पा$े हैं विक इस दास्थि©डक अपील में हमारे सामने न $ो कोई वि@चारणीय मुद्दा उठाया गया है और न ही दोर्षमुक्त करने के र्फै सले में कोई वि@कृ धि$/त्रुविट विदbाई गई है, Mो इस न्यायालय को दोर्षमुक्त करने के र्फै सले को चुनौ$ी देने की अनुमधि$ दे सके ।
54. $द्नुसार, यह अपील दालिbल करने के लिलए अनुमधि$ (Leave to Appeal) संबंधी आ@ेदन पत्र विनरस्$ विकया Mा$ा है $था प्रश्नग$ विनणUय/आदेश विदनापिंक$ 27.09.2024 की पुवि{ की Mा$ी है।
55. चूपिंक, यह अपील दालिbल करने के लिलए अनुमधि$ (Leave to Appeal) आ@ेदन पत्र विनरस्$ विकया कर विदया गया है, इसलिलए इसके साथ ही दायर दास्थि©डक अपील स्@$ः विनरस्$ समझा Mाय।
56. कायाUलय को विनद•भिश$ विकया Mा$ा है विक इस वि¿णUय की प्रधि$लिलविप के साथ वि@चारण न्यायालय का अभिभलेb @ापस भेM विदया Mाय। Order Date :- 6.2.2025 CP.sahani (Dr. Gautam Chowdhary, J.) (S.D. Singh, J.) 25 of 25 Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad