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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 188615 (ALL)

SHIVENDRA @ RAVI and ANR. v. STATE OF U.P. and ANR.

/2166/2020 · 2025-12-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 2166 of 2020 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण िशवेęŝ उफă रिव एवं अęय की ओर से धारा 482 दं०Š०सं० के अęतगăत यह आवेदन पś, पिरवाद सं. 2557/2019 अęतगăत धारा 498 ए/ 323/ 506 भा०दं०िव० एवं धारा 3/4 दहेज Šितषेध अिधिनयम, थाना ठाकु रगंज, िजला सीतापुर के िवDZान िवशेष ए.सी.जे.एम, लखनऊ, DZारा पािरत ŠसंXान/तलबी आदेश िद० 17.01.2018 के िवɳǪ दायर िकया गया। 2. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा, पिरवादी के िवDZान अिधवǘा इęŝ Šताप िसह के सहयोगी अिधवǘा अǶनी कु मार यादव एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा के तकȍ को ũवणोपराęत, पśावली के पिरशीलन से ęयायालय ने पाया िक पिरवाद मȅ लगाए गए आरोप एक संXेय अपराध के कािरत होने का खुलासा करते हȈ और वह आरोप 200 व 202 दं.Š.सं. के बयान से पिरलिWत होता है। उन आरोपȋ को इस ęयायालय DZारा धारा 482 दं०Š०सं० के तहत अपनी शिǘ का Šयोग करते ɷए, बयान और आरोपȋ की शुǪता और िवǶसनीयता का आकलन करने की आवģयकता नहȂ है। इस ĥतर पर आवेदक/अिभयुǘ के िववािदत बचाव पर िवचार नहȂ िकया जा सकता है। तėनुसार उपरोǘ वाद की कायăवाही को रǩ करने की Šाथăना और पिरणामी कायăवाही अĥवीकृ त की जाती है। 4. इस ĥतर पर, आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा का अनुरोध है िक आवेदक को अभी तक उपरोǘ मामले मȅ िगरफ् तार नहȂ िकया गया है और पुिलस आवेदकगण को िगरफ् तार करने के Šयास मȅ है, और संबंिधत अवर ęयायालय DZारा आवेदकगण के िखलाफ दĔडाĕमक ŠिŌया Versus Counsel for Applicant(s) : Dharm Raj Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Indra Pratap Singh, Sandeep Kumar Shivendra @ Ravi And Anr. .....Applicant(s) State Of U.P. And Anr. .....Opposite Party(s) जारी की जा सकती है, इसिलए आवेदकगण के जमानत आवेदन पś पर िवचार करने के िलए संबंिधत अवर ęयायालय को िनदȆश जारी कर िदया जाय। 5. माननीय उċचतम ęयायालय DZारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के Šकरण को आदेश िद० 7-10-2021 DZारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदȆश देते ɷए िनĥतािरत िकया जा चुका है, इसके पdzात् अब संबंिधत अवर ęयायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंिśत करने वाले वैधािनक Šािवधानȋ को Šभािवत िकए िबना, इस ęयायालय DZारा कोई िविशǸ िनदȆश जारी करने की आवģयकता नहȂ है, Ćयȋिक यह अपेWा की जाती है िक संबंिधत िवचारण ęयायालय आवेदक के जमानत Šाथăना पś को िनĥतािरत करते समय माननीय उċचतम ęयायालय DZारा पहले से जारी आवģयक िदशा-िनदȆशȋ को Ęयान मȅ रखेगा। 6. उपरोǘ िटĚपिणयȋ के साथ, यह आवेदन पś अिęतम ɴप से िनĥतािरत िकया जाता है। December 9, 2025 S.Mishra A482 No. 2166 of 2020 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench