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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 1885 (ALL)

DINANATH TIWARI v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/42093/2025 · 2026-03-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 42093 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिWत वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś, आवेदक दीनानाथ ितवारी की ओर से मु.अ.सं० 69/2025 अęतगăत धारा 64(1)/ 61(2)(क)/ 127(2)/ 351(2)/ 352 बी.एन.एस. एवं धारा 3/4 पॉĆसो एĆट 3/5(1) उǥर Šदेश िविध िवɳǪ धमă संपिरवतăन Šितषेध अिधिनयम एवं धारा 66ई आई.टी. एĆट एवं धारा 16/17 पॉĆसो एĆट, थाना पिdzम शरीरा, िजला कौशाĞबी मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। मामले के अिभयोजन साWी सं. 02 पीिडता ने अपने बयान मȅ कथन िकया िक दीनानाथ को पािरवािरक रंिजश के कारण मुिġजमान बनाया गया था। इęहोने मेरा वीिíयो वायरल नहȂ िकया ता। इस Šकार मामले की उǘ साWी पWŝोही हो गयी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 08.08.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। 4. िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȌ का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंĞभीर Šकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोíा जाये। 5. आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय Šģनगत Šकरण मȅ पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना Versus Counsel for Applicant(s) : Agnihotri Kumar Tripathi, Nishith Tripathi, Sarvesh Kumar Dubey Counsel for Opposite Party(s) : Akhilesh Kumar Singh, G.A., Virendra Singh Dinanath Tiwari .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है। 6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की सęतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ। 2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा। 4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। March 19, 2026 S.Mishra BAIL No. 42093 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad