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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 188187 (ALL)

AMIT v. STATE OF U.P.

BAIL/37318/2025 · 2025-10-28

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 37318 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिWत वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 505/2025 अęतगăत धारा 69 बी.एन.एस., थाना सूरजपुर, िजला गौतमबुǪ नगर मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा, पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। सूचना िरपोटă लगभग एक माह से अिधक की देरी से दजă करायी गयी है, िजसका कोई ĥपǸीकरण Šथम सूचना िरपोटă मȅ अंिकत नहȂ है। वादी मुकदमा DZारा पुिलस चौकी पर एक Šाथăना पś िदया गया है िजसमȅ कहा गया िकः वह िदनांक 26-07-2025 को िबना बताये घर से चली गयी थी, Ćयोिक उसका पित िवनोद यादव आये िदन उसे परेशान करता था और आये िदन उसे घर से बाहर िनकालने की बात करता था इसिलए वह िबना बताये घर से चली गयी िजसके बाद िदनांक 31.07.2025 को सकु शल वापस आ गयी। पीिíता बािलग है वह अपनी मजȃ से अपने पित िवनोद यादव के साथ नहȂ रहना चाहती है। वह अपने बċचे देव यादव को भी अपने साथ लेकर गयी थी जबिक उसके पित िवनोद यादव ने यह आरोप लगाया था िक वह अिभयुǘ के साथ गयी है, जबिक अिभयुǘ से कोई लेना देना नहȂ है। घटना का काई िवǶसनीय ŠĕयWदशȃ व ĥवतंś साWी नहȂ है जो भी िदखाये गये है। पीिíता एक शादीशुदा मिहला है तो आवेदक DZारा पीिíता को झांसा देकर संबंध बनाने की बात पूणăतः गलत है और पीिíता पूणă ɴप से बािलग है वह अपना भला-बुरा भली भांित समझती है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȋ को ĥवीकार करने के िलए भी Versus Counsel for Applicant(s) : Saurabh Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Nand Lal Yadav, Sunil Kumar Amit .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 12.09.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। 4. पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȌ का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंĞभीर Šकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोíा जाये। 5. आवेदक के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय Šģनगत Šकरण मȅ पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है। 6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की सęतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ। 2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा। 4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। October 29, 2025 S.Mishra BAIL No. 37318 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad