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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 28274 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 0129/2025, अęतगăत धारा 69 भारतीय ęयाय संिहता एवं धारा 5(एल), 6 पॉĆसो एĆट, थाना भोजपुर, िजला गािजयाबाद मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3.आवेदक के िवDZान अिधवǘा DZारा पूरकशपथ-पś दािखल िकया गया, इसे पśावली पर रखा जाय।
4. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक इस मामलȅ के सś परीWण मȅ अिभयोजन साWी सं० 1/पीिíता DZारा अपने बयान मȅ यह कथन िकया गया िक "हािजर अदालत अिभयुǘ से िपछलȅ दो वषă से Šेम संबंध था। हािजर अदालत अिभयुǘ सािबर का िदनांक 05.06.2025 को मुिĥलम िरित िरवाज के अनुसार िनकाह हो चुका है तथा िदनांक 19.06.2025 को उपिनबंधक कायाăलय कै राना जनपद शामली मȅ हमारे मĘय िववाह का पंजीकर करा िलया गया है। अिभयुǘ ने मेरे मुझे कभी भी शादी का झांसा देकर मेरे साथ शारीिरक संबंध नहȂ बनाये। मȈ व सािबर एक साथ Šेमपूवăक साथ-साथ रह रहे थे।" इस आधार पर अिभयोजन साWी सं० 1/पीिíता को पWŝोही घोिषत िकया गया है। इसिलए, आवेदक को जमानत पर मुǘ कर िदया जाय। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȍ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 19.07.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है। इसिलए आवेदक Versus Counsel for Applicant(s) : Mohd. Naushad Ahmad Khan, Veerendra Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sabir .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
को जमानत पर छोí िदया जाय।
5. िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने अिभयुǘ के जमानत का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक अिभयुǘ DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंभीर Šकृ ित का है, इसिलए अिभयुǘ को जमानत पर न छोíा जाय।
6.
उभय पW के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय एवं पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की संतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ।
2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा।
4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, िवचारण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। October 29, 2025 CP.sahani BAIL No. 28274 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad