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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 13129 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 250/2024 अęतगăत धारा 137(2), 70(2), 64(2)एम भारतीय ęयाय संिहता व धारा 5L-5G-5(J)(ii)/6 पॉĆसो एĆट, थाना िमजाăपुर, िजला शाहजहांपुर मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा, पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है। यहां Šासंिगक तĖय यह है िक इस मामलȅ के सś परीWण मȅ अिभयोजन साWी सं० 2/पीिíता DZारा यह कथन िकया गया िक "जब मȈ घû वापस आ गयी तब मुझे जानकराी ɷई िक मेरे िपता जी ने िरशव कु मार, िशवम व आकाश के िखलाफ मुकदमा दजă करवा िदया है। यह कहना सही है िक िरशव कु मार व िशवम कु मार व आकाश मुझे बला फु सलाकर पानीपत नहȂ ले गए थे व ना ही मेरे साथ कोई गलत काम (बलाĕकार) िकया था।" इससे आधार पर अिभयोजन साWी सं० 2/पीिíता को पWŝोह हो घोिषत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक सहअिभयुǘ िरषव की जमानत भी ęयायालय DZारा ĥवीकार की जा चुकी है। इसिलए आवेदक जमानत पर मुǘ िकये जाने योĈय है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण ęयायालय के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȍ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 19.11.2024 से कारागार मȅ िनɳǪ है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Durga Kumari Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Pawankumar Dubey Shivam .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
4. पिरवादी के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने अिभयुǘ के िवDZान अिधवǘा के तकȍ का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक अिभयुǘ DZारा कािरत अपराध गंभीर Šकृ ित का है, इसिलए अिभयुǘ को जमानत पर न छोíा जाय।
5.
उभय पW के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय मȅ पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की संतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं उसी धनरािश के दो Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ।
2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा।
4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, परीWण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। October 29, 2025 BAIL No. 13129 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.)
CP.sahani BAIL No. 13129 of 2025 3 Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad