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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 187332 (ALL)

LALJI MISHRA v. STATE OF U.P. and ANR.

/3052/2020 · 2025-12-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 3052 of 2020 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण मोमीन खान उफă मोिबन खान एवं अęय की ओर से धारा 482 दं०Š०सं० के अęतगăत यह आवेदन पś, मु०अ०सं० 195 सन 2016 अęतगăत धारा 419/ 420 भा०दं०िव०, थाना राजेसुġतानपुर, िजला अĞबेडकरनगर के ए.सी.जे.एम, अĞबेडकर नगर, DZारा पािरत ŠसंXान/तलबी आदेश िद० 08.03.2019 के िवɳǪ दायर िकया गया। 2. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा िववेक कु मार िśपाठी एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा के तकȍ को ũवणोपराęत, पśावली के पिरशीलन से ęयायालय ने पाया िक Šथम सूचना िरपोटă मȅ लगाए गए आरोप एक संXेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हȈ और वह आरोप, की गयी िववेचना के उपराęत लगाए गए हȈ। उन आरोपȋ को इस ęयायालय DZारा धारा 482 दं०Š०सं० के तहत अपनी शिǘ का Šयोग करते ɷए, जॉच के दौरान एकś की गयी सामŎी के आरोपȋ की शुǪता और िवǶसनीयता का आकलन करने की आवģयकता नहȂ है। इस ĥतर पर आवेदक/अिभयुǘ के िववािदत बचाव पर िवचार नहȂ िकया जा सकता है। तėनुसार आरोप पś या उपरोǘ वाद की कायăवाही को रǩ करने की Šाथăना और पिरणामी कायăवाही अĥवीकृ त की जाती है। 4. इस ĥतर पर, आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा का अनुरोध है िक आवेदक को अभी तक उपरोǘ मामले मȅ िगरफ् तार नहȂ िकया गया है और पुिलस आवेदकगण को िगरफ् तार करने के Šयास मȅ है, और संबंिधत अवर ęयायालय DZारा आवेदकगण के िखलाफ दĔडाĕमक ŠिŌया जारी की जा सकती है, इसिलए आवेदकगण के जमानत आवेदन पś पर िवचार करने के िलए Versus Counsel for Applicant(s) : Manish Kumar Tripathi, Rajiv Raman Srivastava, Vivek Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Amit Mishra, Piyush Mishra, Shaktipal Rajpal Lalji Mishra .....Applicant(s) State Of U.P. And Anr. .....Opposite Party(s) संबंिधत अवर ęयायालय को िनदȆश जारी कर िदया जाय। 5. माननीय उċचतम ęयायालय DZारा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के Šकरण को आदेश िद० 7-10-2021 DZारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदȆश देते ɷए िनĥतािरत िकया जा चुका है, इसके पdzात् अब संबंिधत अवर ęयायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंिśत करने वाले वैधािनक Šािवधानȋ को Šभािवत िकए िबना, इस ęयायालय DZारा कोई िविशǸ िनदȆश जारी करने की आवģयकता नहȂ है, Ćयȋिक यह अपेWा की जाती है िक संबंिधत िवचारण ęयायालय आवेदक के जमानत Šाथăना पś को िनĥतािरत करते समय माननीय उċचतम ęयायालय DZारा पहले से जारी आवģयक िदशा-िनदȆशȋ को Ęयान मȅ रखेगा। 6. उपरोǘ िटĚपिणयȋ के साथ, यह आवेदन पś अिęतम ɴप से िनĥतािरत िकया जाता है। December 9, 2025 S.Mishra A482 No. 3052 of 2020 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench