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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 186358 (ALL)

JIYA LAL SINGH @ SATYENDRA KUMAR AND 3 OTHERS v. SMT. GUDIYA YADAV

/7066/2025 · 2025-12-09

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 7066 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकताăगण के िवDZान अिधवǘा ũी पाल िसह यादव को सुना तथा पśावली का अवलोकन िकया गया। 2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताăगण ने सĚतम अपर जनपद ęयायाधीश, सीतापुर DZारा Šकीणă वाद संćया 103 सन् 2025 मȅ पािरत आदेश िदनांक 6/11/2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा पुनरीWण Šĥतुत करने मȅ ɷए िवलंब को मषăण हेतु यािचकाकताăगण DZारा पिरसीमा अिधिनयम की धारा 5 के अंतगăत िदया गया Šाथăना पś िनरĥत िकया गया। 3. उपरोǘ पुनरीWण यािचकाकताăगण ने िसिवल जज (अवर खंड) सीतापुर DZारा मूलवाद संćया 238 सन् 2021 मȅ पािरत आदेश िदनांक 23/5/2024 के िवɳǪ Šĥतुत िकया था, िजसके DZारा यािचकाकताăगण का Šाथăना पś अंतगăत आदेश िनयम 7 Dzवहार ŠिŌया संिहता िनरĥत िकया गया। उपरोǘ मूलवाद िवपWी ने यािचकाकताăगण सिहत छः Šितवादीगण के िवɳǪ Šĥतुत िकया था, िकतु दो Šितवादीगण-Šितवादी संćया पांच राके श कु मार तथा Šितवादी संćया छः नंदराम को इस यािचका मȅ पWकार नहȂ बनाया गया है। यिद उपरोǘ Šितवादीगण यािचका Šĥतुत करने मȅ सिĞमिलत नहȂ होना चाहते थे तो भी वे इस Šकरण मȅ आवģयक पWकार हȈ तथा उęहȅ िवपWी बनाना चािहए था। 4. तदनुसार यािचका पWȋ के कु संयोजन के कारण ɮिषत है। 5. उपरोǘ वाद िवपWी ने इस ĥथायी िनषेधाXा के अनुतोष हेतु Šĥतुत िकया था तथा उसने कहा िक Šितवादीगण वािदनी के सहन व मकान की दीवार िगराने की कोिशश कर रहे हȈ एवं उęहȅ ऐसा करने से रोक िदया जाए। Šितवादीगण ने आदेश 7 िनयम 11 Dzवहार ŠिŌया Versus Counsel for Petitioner(s) : Pal Singh Yadav, Ashish Kumar Singh, Prathama Singh Counsel for Respondent(s) : Jiya Lal Singh @ Satyendra Kumar And 3 Others .....Petitioner(s) Smt. Gudiya Yadav .....Respondent(s) संिहता के अęतगăत Šाथăना पś Šĥतुत करके कहा िक वािदनी के पित वािदनी को दावा दायर करने से मना कर रहे हȈ परęतु वािदनी इतनी उǩंड मिहला है िक िकसी का कहना नहȂ मानती है। 6. Šाथăना पś मȅ कहा गया है िक वािदनी को Šģनगत भूिम पर ĥवािमĕव का अिधकार नहȂ है। भूिम के संबंध मȅ उǥर Šदेश राजĥव संिहता की धारा 67 का िनषेधाĕमक आदेश पािरत िकया जा चुका है, िजस कारण से वाद पोषणीय नहȂ है। यह Šाथăना पś िवDZान िसिवल जज (अवर खंड) सीतापुर मȅ आदेश िदनांक 23/5/2024 के माĘयम से िनरĥत िकया, िजसमȅ यह कहा गया िक आदेश 7 िनयम 11 के अंतगăत ęयायालय को माś वाद पś का अवलोकन करना होता है। वािदनी ने अपने मकान एवं सहन हेतु िनषेधाXा के अनुतोष हेतु वाद योिजत िकया है। Šģनगत भूिम पर वािदनी का ĥवािमĕव है अथवा नहȂ है, इसका िनĥतारण माś वाद पś के अवलोकन से िकया जाना संभव नहȂ है। तदनुसार, िवचारण ęयायालय ने आदेश 7 िनयम 11 Dzवहार ŠिŌया संिहता के अंतगăत Šाथăना पś िदनांक 23/5/2024 को िनरĥत कर िदया। 7. उǘ आदेश के िवɳǪ पुनरीWण िवलंब मषăण Šाथăना पś के साथ िदनांक 29/5/2025 को Šĥतुत िकया गया है, िजसमȅ यह कहा गया है िक पुनरीWणकताă को कानून की जानकारी नहȂ है एवं पूवă अिधवǘा ने िनगरानी Šĥतुत करने की समयाविध के बारे मȅ नहȂ बताया। पुनरीWणकताă ने जानबूझकर कोई गलती व लापरवाही नहȂ की है तथा यह भी कहा गया है िक पुनरीWणकताă एक गरीब मèɮर Dzिǘ है तथा ɳपयȋ की Dzवĥथा करने के पdzात वह पुनरीWण Šĥतुत करेगा। उपरोǘ Šाथăना पś के िवɳǪ आपिǥ Šĥतुत करके यह कहा गया है िक पुनरीWणकताăगण गरीब मजɮर नहȂ हȈ एवं उनके पास तीन एकí कृ िष भूिम एवं समĥत सुख सुिवधाएं हȈ। 8. पुनरीWण ęयायालय ने यह कहा िक माś पूवă अिधवǘा DZारा पुनरीWण की समयाविध के बारे मȅ न बताया जाना िवलंब Wमा करने हेतु पयाăĚत आधार नहȂ है। पुनरीWण ęयायालय ने पथपित सुĜबा रेǠी (मृतक) एलआरएस और अęय बनाम िवशेष उप कलेĆटर (एल०ए) 2024 आई.एन.एस.सी. 286 तथा बसवराज एवं अęय बनाम िवशेष भूिम अिधŎहण अिधकारी (2013) 14 एस.सी.सी. पृǹ 81 के Šकरण मȅ िदए गए िनणăयȋ का आũय िलया। 9. उǘ आदेश की वैधता को चुनौती देते ɷए यािचकाकताăगण के िवDZान अिधवǘा ने कहा िक िवलंब Wमा करने का Šाथăना पś उदार ɯिǸकोण के साथ िनणȃत करना चािहए। िवDZान अिधवǘा ने यह भी कहा िक आलोċय आदेश DZारा धारा 5 पिरसीमा अिधिनयम का Šाथăना पś िनरĥत करने के उपरांत पśावली पुनरीWण के अंगीकरण पर सुनवाई हेतु सś ęयायालय को भेज दी गई है, जबिक िवलंब Wमा Šाथăना पś अĥवीकार करने के पdzात पुनरीWण के अंगीकरण पर सुनवाई का कोई औिचĕय नहȂ बचा है। A227 No. 7066 of 2025 2 10. यह िविध का सुĥथािपत िसǪांत है िक िविधक Šािवधानȋ का Xान न होना िवलंब Wमा करने हेतु समुिचत आधार Šदान नहȂ करता है। यािचकाकताăगण ने ĥवयं ही आदेश 7 िनयम 11 Dzवहार ŠिŌया संिहता के अंतगăत Šाथăना पś Šĥतुत िकया था, जो सुनवाई के पdzात िवचारण ęयायालय ने िदनांक 23/05/2024 को िनरĥत िकया। यािचकाकताăगण ने यह नहȂ कहा है िक उसे इस आदेश की जानकारी नहȂ है तथा उसने यह भी नहȂ कहा है िक वह आदेश से Dzिथत था एवं उसको चुनौती देना चाहता था, िकतु माś पिरसीमा अविध की जानकारी न होने के कारण पुनरीWण Šĥतुत करने मȅ िवलंब ɷआ। धारा 5 पिरसीमा अिधिनयम के Šाथăना पś के कथनȋ के अनुसार माś नया अिधवǘा िनयुǘ करने पर यािचकाकताăगण को आदेश िदनांक 23/05/2024 के िवɳǪ पुनरीWण Šĥतुत करने की सलाह िमली। माś नया अिधवǘा िनयुǘ करने पर नई सलाह िमलना पुनरीWण Šĥतुत करने मȅ ɷए लगभग नौ माह के िवलंब को Wमा करने का समुिचत आधार नहȂ है। 11. गुण-दोष के आधार पर भी ऐसा Šतीत होता है िक आदेश 7 िनयम 11, Dzवहार ŠिŌया संिहता के अंतगăत Šाथăना पś मȅ यािचकाकताăगण-Šितवादीगण ने वाद पś से िभęन तĖय कहते ɷए वाद पś िनरĥतीकरण की Šाथăना की थी। िवDZान िवचार ęयायालय ने उǘ Šाथăना पś को िनĥतािरत करते ɷए आदेश 7 िनयम 11, Dzवहार ŠिŌया संिहता के Šावधान का उġलेख िकया है, िजसके अनुसार उǘ Šावधान मȅ वाद पś माś तभी िनरĥत िकया जा सकता है जब वाद पś के कथनȋ के आधार पर ही वाद पś िनरĥत िकए जाने योĈय है तथा उǘ Šाथăना पś का िनĥतारण करने मȅ Šितवादी गण DZारा वाद पś के िवरोध मȅ कहे गए नए तĖयȋ का संXान नहȂ िलया जा सकता है। 12. जब गुण-दोष का परीWण करने पर भी Šथम-ɯǸया यह Šतीत हो िक िवचारण ęयायालय ने कोई अवैधािनकता कािरत नहȂ की है एवं िनगरानी के अंगीकरण करने का कोई उिचत आधार नहȂ है तो ऐसे मȅ पुनरीWण Šĥतुत करने मȅ ɷए िवलंब Wमा करने को अĥवीकार करने के आदेश िदनांक 6/11/2025 मȅ हĥतWेप करने का कोई भी औिचĕय नहȂ बनता है। 13. तदनुसार, यािचका बलहीन है एवं िनरĥत की जाती है। 14. धारा 5 पिरसीमा अिधिनयम के अंतगăत Šाथăना पś के िनरĥतीकरण के उपरांत पुनरीWण के अंगीकरण पर सुनवाई का कोई औिचĕय नहȂ है तथा पुनरीWण पśावली अिभलेखागार को भेजी जाए। December 9, 2025 Himanshu A227 No. 7066 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench