MOHAMMAD RAFIQ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 5 OTHERS
/1342/2025 · 2025-11-20
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[ 2025 DAILYLAW 186239 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL REVISION No. - 1342 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J.
1. Heard learned counsel for the revisionist and Mrs. Shikha Sinha, learned counsel appearing for the State. 2. Instant revision has been filed challenging the order dated 28.08.2025 passed by the Principal Judge, Family Court, Balrampur in Criminal Misc. Case No. 143 of 2022 (Mhd. Rafiq vs. Smt. Shahajahan Begam and others) under Section 127 CrPC dated 18.05.2022, registered as Case No. M 143/2022. Relevant portion of the application reads as under:-
"महोदय, आपिǥकताăगण का सादर कथन िनĞनिलिखत हैः- धारा-1 यह िक वादी ने Šाथăना पś की धारा 1 मȅ गलत एवं ţामक कथन िकया है वषă 1987 मȅ शादी होना ĥवीकार है परęतु मो० शफीक उफă राजू की उŤ वतăमान समय मȅ 26 साल होगी तथा सािहल की उŤ वतăमान समय मȅ 18 वषă होगी और िसराजुिęनशां की उŤ वतăमान समय मȅ 20 वषă होगी और बनारसी की उŤ वतăमान समय मȅ 13 वषă होगी। उġलेखनीय है िक िदनांक 19.9.2011 Šĕयेक Dzिǘ को 500/- ɳपया Šितमाह आदेश की ितिथ से देना है और जब तक बािलग नहȂ हो जाते है तब तक की देनदारी बनती है तथा पुśी िसराजुिęनशां की शादी होने तक और उसके शादी के Dzय की िजĞमेदारी िपता मो० रफीक की है और सभी अDzसक बċचे तथा पुśी व Šािथनी शाहजहां के भरण पोषण की िजĞमेदारी आवेदक की बनती है। धारा-2 यह िक आवेदक ने Šाथăना पś के धारा 2 मȅ गलत कथन िकया है गलत ढंग से चािरिśक लांछन लगाया है Šािथनी आवेदक के सभी बċचȋ का देख रेख की है और आज भी बċचे Šािथनी के साथ ही है यिद Šािथनी का चाल चलन ठीक न होता तो बċचे अवģय िवरोध करते। धारा-3 यह िक आवेदक के Šाथăना पś के धारा 3 मȅ गलत कथन िकया है अवयĥक का सही उŤ िलखकर ही वाद दायर िकया गया है। Versus Counsel for Revisionist(s) : Sanat Kumar Ojha, Saniya Ansari Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Mohammad Rafiq .....Revisionist(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko.
Prin. Secy. Home Lko. And 5 Others .....Opposite Party(s)
धारा-4 यह िक आवेदक के Šाथăना पś की धारा 4 मȅ गलत कथन िकया है िनणăय चाहे एक पWीय हो या गुण दोष पर उसकी मूġय वही है जब तक वह िनरĥत नहȂ कर िदया जाता है। धारा-5 यह िक आवेदक ने Šाथăना पś की धारा 5 मȅ गलत कथन िकया है चूंिक माननीय ęयायालय का िनणăय िदनांक 19.9.2021 का है इसिलए Dzसक् बċचȋ का भी जो धनरािश Dzĥकता की ितिथ तब बताया है उसे पाने के अिधकारी है तथा पुśी िववाह होने तक भरण पोषण पाने के अिदकारी है तथा पुśी की शादी Dzय भी ŠाĚत करने की अिधकारी है। धारा-6 यह िक आवेदक ने Šाथăना पś की धारा 6-7 मȅ ţामक कथन िकया है माननीय उċच ęयायालय के समW जो यािचका दािखल िकया गया था तथा 125 सीआर पी सी मȅ वाद दायर करते समय Šािथनी ने उŤ सही िलखा है आवेदक ने गलत तĖय के आधार पर यह वाद दायर िकया है। धारा-7 यह िक आवेदक ने Šाथăना पś के धारा 8 मȅ ţामक कथन िकया है 11 साल की अविध Dzतीत होने के बाद 500/- ɳपया Šितमाह का भरण पोषण अपयाăĚत है और भरण पोषण की धनरािश बîाया जाना आवģयक है। अतः ũीमान जी से सादर Šाथăना है िक आवेदक का Šाथăना पś िनरĥत िकया जावे। िदनांक 18-5-22 आपिǥकśी शाहजहां पĕनी मो० रफीक पुśी गुलाम रसूल िनवािसनी नहर बालागंज थाना को० देहात िजला बलरामपुर"
3. In response to the aforesaid facts particularly approximate age of the opposite party No(s). 3 to 6, children born out of wedlock of the revisionist and opposite party No. 2, the opposite party No. 2 pleaded and proved before the Family Court the correct age of the opposite party No(s). 3 to 6.
The same is evident from para 8.4 of the order in issue which reads as under:-
"Šाथȃ/वादी की ओर से 20 ख/2 एन०सी०आर० संćया 229/1999 की छायाŠित दािखल की गई है, जो 19.11.1999 को ɷई घटना की िरपोटă दजă कराई गई है िजसमȅ मो० रफीक DZारा यह कथन िकया गया है िक उसके दो बċचे भी हȈ और यह भी कहा गया है िक बहला-फु सलाकर उसके पĕनी दोनȋ बċचȋ को, िजनका नाम सु्ęनत जहां और मो० शफीक, िजनकी उŎ Ōमशः 1 वषă और 4 वषă है, उसकी पĕनी लेकर चली गई। िवपWी संćया 1 की ओर से िवपWी संćया 2 लगायत 5 के आधार काडă की छायाŠित दािखल की गई है, िजसमȅ अशरफ ɷसैन पुś रफीक की जęमितिथ 01.01.2009, मो० शफीक पुś मो० रफीक की जęमितिथ 08.08.1998, सुęनत जहां पुśी मो० रफीक की जęमितिथ 01.01.2006, सािहल अहमद पुś मो० रफीक की जęमितिथ 01.01.1998 है तथा रशीद की जęमितिथ 01.01.2006अंिकत है। इस Šकार से 2010 को Šाथăना-पś Šĥतुतीकरण के समय मो० शफीक 12 साल, अशरफ 1 साल, सुęनत जहां 4 साल, सािहल 12 साल, रसीद 4 साल होती है। Šािथनी शाहजहां बेगम DZारा Šाथăना पś Šĥतुतीकरण मȅ मो० शफीक उफă राजू की उŤ 14 वषă अंिकत िकया था, िसराजुलिनशा उफă सुęनत जहां की उŤ 10 वषă, सािहल की उŤ 8 वषă और बनारसी की उŤ 2 वषă अंिकत िकया था। चूंिक 1999 मȅ दािखल CRLR No. 1342 of 2025 2
एन०सी०आर० मȅ मो० शफीक 4 वषă व सुęनत जहां को 1 वषă बताया गया, जो िक सबसे बíे दोनȋ सęतानȅ थी, इस Šकार 2010 मȅ Šाथăना पś Šĥतुत िकये जाने की ितिथ पर उनकी उŤ Ōमश 15 वषă 12 वषă होगी। इस Šकार ĥपǸ है िक जबिक दोनȋ के मĘय वाद नहȂ था तब उŤ बताई गई है। अतः इस आधार पर यह उपधारणा करना बलवती होती है िक Šाथăना-पś एम 107/2010 के Šĥतुतीकरण पर राजू उफă शफीक की उŤ 15 वषă (Šाथăना पś मȅ 14 वषă) िसराजुिęनशा की उŤ 12 वषă (Šाथăना पś मȅ 10 वषă) अंिकत है। जो यह ĥपǸ करता है िक Šाथăना पś की Šĥतुतीकरण के समय सभी अवयĥक थे। तदनुसार यह िबęɭ अवधािरत िकया जाता है।"
4.
The above observations made by the Family Court in para 8.4, quoted above, have not been impeached by the revisionist before this Court. No evidence was placed before the Family Court by the revisionist in this regard nor has been placed before this Court. 5. In view of the aforesaid, the Family Court has not committed any error while deciding the Issue No. 3, according to which, the minors would be entitled to the amount of maintenance till attaining the age of majority. The decision on the issue No.3 reads as under:-
"िबęɭ संćया 3:- अनुतोष? िबęɭ संćया 1 के िनĥतारण से ĥपǸ है िक िवपWीगण मुकदमा संćया एम 107/2010 अęतगăत धारा 125 दं०Š०सं० के Šĥतुत िकये जाने के समय वयĥक नहȂ थे। िबęɭ संćया 2 से ĥपǸ है िक आवेदक यह सािबत करने मȅ असमथă रहा िक िवपWी संćया 1 जारता का जीवन Dzतीत कर रही है। िसराजुिęनशा की शादी हो चुकी है। अęय बċचे वयĥकता की ितिथ से भरण पोषण पाने के अिधकारी नहȂ हȈ, िकęतु िवपWी संćया 1 िनणăय/आदेश िदनांक 19.09.2011के अनुसार भरण पोषण पाने की अिधकािरणी है। तदनुसार यह िबęɭ िनणȃत िकया जाता है।"
6. For the reasons aforesaid, this Court finds no force in the revision and accordingly it is dismissed. November 20, 2025 Vinay/- CRLR No. 1342 of 2025 3 (Saurabh Lavania,J.) Digitally signed by :- VINAY KUMAR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench