Jagdish v. Land Acquisition Officer District Bahraich/Shravasti and others
ARPL/49/2025 · 2025-12-03
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 186037 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 186037 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPEAL UNDER SECTION 37 OF ARBITRATION AND CONCILIATION ACT 1996 No. - 49 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. अपीलकतार् के िवDZान अिधवǘा तुषार गुĚता तथा राčय सरकार के िवDZान ĥथायी अिधवǘा ũी सुनील कु मार खरे तथा िवपWी संćया 2एवं 3के िवDZान अिधवǘा ũी िदपांशु दास को सुना।
2. मĘयĥथता एवं सुलह अिधिनयम 1996 की धारा 37 के अंतगर्त Šĥतुत इस अपील के माĘयम से अपीलकतार् ने जनपद ęयायाधीश, ũावĥती DZारा Šकीणर् िसिवल वाद संćया 60 वषर् 2024 मȅ पािरत आदेश िदनांक 09.10.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा अपीलकतार् DZारा अिधिनयम की धारा 34 के अंतगर्त Šĥतुत Šाथर्ना-पś धारा 34 (3) मĘयĥथता एवं सुलह अिधिनयम 1996 के आलोक मȅ कालबािधत होने के आधार पर िनरĥत कर िदया।
3. मĘयĥथता अवाडर् िदनांक 09.06.2022 को Šĥतुत ɷआ। अपीलकतार् के Šाथर्ना-पś पर िदनांक 09.06.2023 को संशोिधत िकया गया। उǘ अवाडर् के िवɳǪ अिधिनयम की धारा 34 के अंतगर्त Šाथर्ना-पś िदनांक 22.12.2024 को Šĥतुत िकया गया। धारा 34 (3) मĘयĥथता एवं सुलह अिधिनयम, 1996 के Šावधान िनĞन Šकार हȈः- (3) अपाĥत करने के िलए कोई आवेदन, उस तारीख से, िजसको आवेदन करने वाले पWकार माĘयĥथम् पंचाट ŠाĚत िकया था, या यिद अनुरोध धारा 33 के अधीन िकया गया है तो उस तारीख से, िजसको माĘयĥथम् अिधकरण DZारा अनुरोध का िनपटारा िकया गया था, तीन मास के अवसान के पdzात् नहȂ िकया जाएगा : परęतु यह िक जहां ęयायालय का यह समाधान हो जाता है िक आवेदक उǘ तीन मास की अविध के भीतर आवेदन करने से पयार्Ěत कारणȋ से िनवािरत िकया गया था तो वह तीस िदन की अितिरǘ अविध मȅ आवेदन Ŏहण कर सके गा िकęतु इसके पdzात् नहȂ। Versus Counsel for Appellant(s) : Tushar Gupta, Mohd. Kashif Rafi, Rachna Gupta Counsel for Respondent(s) :
Jagdish .....Appellant(s) Land Acquisition Officer District Bahraich/Shravasti And Others .....Respondent(s)
4. मिह्शा एंड मिह्शा फाइनȅिशयल सिवसेज िलिमटेड बनाम महेशभाई टीनाभाई राठौí और अęय 2022 4 एससीसी 162 मȅ माननीय उċचतम ęयायालय ने अवधािरत िकया है िक यिद अिधिनयम की धारा 34 के अंतगर्त Šाथर्ना-पś तीन महीने की पिरसीमा अविध के पdzात् Šĥतुत िकया जाता है तो ęयायालय उिचत कारण दशार्ए जाने पर माś 30 िदन की अविध तक देरी को Wमा कर सकती है। इसके उपरांत Šाथर्ना-पś Šĥतुत करने मȅ ɷई देरी को Wमा करने का ęयायालय को कोई अिधकार ŠाĚत नहȂ है।
5.
इस Šकार से लगभग दो वषर् के िवलंब से Šĥतुत िकए गए Šाथर्ना-पś को िनरĥत करने मȅ जनपद ęयायाधीश ने कोई śुिट अथवा अवैधािनकता कािरत नहȂ की है। यह अपील बलहीन है एवं अंगीकरण के ĥतर पर िनरĥत की जाती है। December 3, 2025 Sumit ARPL No. 49 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench