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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 184546 (ALL)

SHAMSUDDIN AHMAD KHAN v. U.P. SUNNI CENTRAL WAQF BOARD LKO. THRU. CHAIRMAN AND ANOTHER

/6936/2025 · 2025-12-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6936 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने पूरक शपथ-पś Šĥतुत िकया तथा िवपWी संćया-2 के िवDZान अिधवǘा ने वकालतनामा Šĥतुत िकया िजęहȅ अिभलेख पर िलया जाए। 2. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी सैयद आöताब अहमद, िवपWी संćया 1-उǥर Šदेश सुęनी सȅŖल वĆफ बोडă के िवDZान अिधवǘा ũी मो० हमèा शमीम तथा िवपWी संćया 2-वĆफ सुहानी बेगम के िवDZान अिधवǘा ũी मो० सईद को सुना। 3. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताă ने उǥर Šदेश सुęनी सȅŖल वĆफ बोडă DZारा पािरत आदेश िदनांक 12.07.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा यािचकाकताă को वĆफ संćया 54 (Ex-II) वĆफ सुहानी बेगम के मुतवġली पद से हटा िदया है। यािचकाकताă ने उपरोǘ आदेश के िवɳǪ वĆफ ęयायािधकरण, लखनऊ मȅ वĆफ अधीिनयम की धारा 64(4) के अंतगăत अपील Šĥतुत की है, िजस पर कोई अंतिरम आदेश पािरत नहȂ ɷआ। इस बीच वĆफ ęयायािधकरण का कोरम अपूणă हो गया तथा ऐसी पिरिĥथित मȅ यािचकाकताă ने संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत यह यािचका Šĥतुत की है। 4. िवपWीगण के िवDZान अिधवǘागण ने कहा िक चूंिक यह ęयायालय Šकरण के तĖयाĕमक पहलुɛ पर िवचार करना Šĥतािवत नहȂ कर रही है तो ऐसी पिरिĥथित मȅ वह िविधक िबɭɛ पर िनĥतारण हेतु मौिखक तकă Šĥतुत करȅगे तथा उęहȋने Šित शपथ-पś Šĥतुत िकए िबना यािचका के अंितम िनĥतारण पर सहमित दी। 5. िवपWी संćया-1 के िवDZान अिधवǘा ने यह Šारंिभक आपिǥ रखी िक जब यािचकाकताă Versus Counsel for Petitioner(s) : Syed Aftab Ahmad Counsel for Respondent(s) : Mohammed Hamza Shamim, Mohammad Sayeed, Mohammad Tariq Saeed Shamsuddin Ahmad Khan .....Petitioner(s) U.P. Sunni Central Waqf Board Lko. Thru. Chairman And Another .....Respondent(s) को आलोċय आदेश के िवɳǪ वĆफ अिधिनयम की धारा 64 (4) मȅ अपील Šĥतुत करने का वैधािनक अिधकार ŠाĚत है तथा अपील लंिबत भी है ऐसी पिरिĥथित मȅ संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत यह यािचका पोषणीय नहȂ है। िवपWी संćया-1 के िवDZान अिधवǘा ने इस ęयायालय DZारा कमेटी ऑफ मैनेजमȅट वĆफ मिĥजद नई बĥती बनाम उǥर Šदेश वĆफ िŖĜयूनल तथा दो अęय, अनुċछेद 227 के अंतगăत यािचका संćया 6249 वषă 2025 मȅ पािरत आदेश िदनांक 17.10.2025 का आũय िलया। 6. इस Šारंिभक आपिǥ का उǥर देते ɷए यािचकाकताă के िवDZान अिधकवǘा ने तकă िदया िक वĆफ अिधिनयम की धारा 83(2) मȅ अिधिनयम संćया 14 सन् 2025 के DZारा यह परंतुक जोíा गया है िक यिद ęयायािधकरण अिĥतĕव मȅ न हो अथवा ęयायािधकरण िŌयाशील न हो तो कोई Dzिǘ इस ęयायालय के समW सीधे अपील Šĥतुत कर सकता है। Šĥतुत Šकरण मȅ धारा 64 (4) के अंतगăत अपील Šĥतुत करते समय वĆफ िŌयाशील था िकतु अपील Šĥतुत करने के उपरांत तथा अपील मȅ अंतिरम आदेश होने के पूवă वĆफ ęयायािधकरण के एक सदĥय का सेवाकाल िदनांक 26.09.2025 को समाĚत हो गया। उसके पdzात् वĆफ ęयायािधकरण िŌयाशील नहȂ रह गया। ऐसी पिरिĥथित मȅ यािचकाकताă DZारा Šĥतुत अपील मȅ वĆफ ęयायािधकरण कोई आदेश पािरत नहȂ कर सकता है। यिद अपील Šĥतुत करने के पूवă वĆफ ęयायािधकरण िŌयाशील न रहा होता तो यािचकाकताă धारा 83 (2) के परंतुक के अधीन इस ęयायालय के समW सीधे धारा 64 (4) के अंतगăत अपील कर सकता था, िकतु धारा 64(4) के अंतगăत एक अपील लंिबत रहने के दौरान ɮसरी अपील Šĥतुत करना वैधािनक ɴप से उिचत नहȂ होगा। ęयायािधकरण िŌयाशील न होने के कारण यािचकाकताă वĆफ ęयायािधकरण मȅ अपनी अपील वापस लेने का आदेश भी नहȂ करा सकता है तथा इस कारण से अपील वापस कराकर पुनः इस ęयायालय के समW अपील Šĥतुत करना भी संभव नहȂ है। 7. कमेटी ऑफ मैनेजमȅट वĆफ मिĥजद नई बĥती के Šकरण मȅ इस िबɭ पर कोई समीWा नहȂ की गई है िक वĆफ ęयायािधकरण के समW अपील लंिबत होते ɷए Ćया ɮसरी अपील Šĥतुत िकया जाना वैधािनक ɳप से अनुमęय होगा। अतः उपरोǘ िनणăय इस िबɭ पर बाĘयकारी नहȂ होगा। 8. ऐसी िवशेष पिरिĥथित मȅ, जबिक यािचकाकताă DZारा धारा 64 (4) वĆफ ęयायािधकरण के समW अपील Šĥतुत करने के उपरांत वĆफ ęयायािधकरण िŌयाशील नहȂ रह गया है तथा यािचकाकताă DZारा अनुतोष ŠाĚत करने का कोई माĘयम नहȂ बचा है, भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के DZारा Šदǥ शिǘयȋ के Šयोग से यह यािचका सुनवाई हेतु अंगीकार िकए जाने का पयाăĚत अिधकार हȈ। तदनुसार, िवपWी संćया-1 के िवDZान अिधवǘा की Šारंिभक आपिǥ िनरĥत की जाती है। 9. संWेप मȅ Šकरण के तĖय इस Šकार हȈ िक वĆफ सुहानी बेगम की ĥथापना िदनांक 22.03.1929 को मुसĞमात सुहानी बेगम ने एक पंजीकृ त वĆफ डीड के माĘयम से की थी A227 No. 6936 of 2025 2 तथा वह ĥवयं इसकी Šथम मुतवġली बनȂ और जीवनकाल तक उǘ पद पर रहȂ। उनकी मृĕयु के पdzात् उनकी एक पुśी िनगार बेगम पािकĥतान चली गई तथा ɮसरी पुśी अहमदी बेगम वĆफ की मुतवġली बनी। िदनांक 15.12.1987 को वĆफ बोडă ने आदेश पािरत कर अहमदी बेगम के पुś फरीद अहमद को मुतवġली िनयुǘ िकया तथा यािचकाकताă को सह-मुतवġली िनयुǘ िकया। मुतवġली फरीद अहमद की मृĕयु 2022 मȅ होने के पdzात् यािचकाकताă ने वĆफ का मुतवġली िनयुǘ िकए जाने हेतु Šाथăना-पś िदया। इस पर वĆफ बोडă ने जांच कराई तथा जांच आćया िदनांक 24.01.2023 को Šĥतुत की गई। जांच आćया की Šित सभी संबंिधत Dzिǘयȋ को देकर आपिǥ Šĥतुत करने का अवसर िदया गया। िवपWी संćया 2-जफर अहमद खान ने भी अपनी आपिǥ Šĥतुत की तथा सभी आपिǥयां Ęयान मȅ रखने के पdzात् वĆफ बोडă के अĘयW ने िदनांक 16.06.2023 के आदेश से यािचकाकताă को वĆफ का मुतवġली नािमत कर िदया तथा ũी जफर अहमद खान DZारा मुतवġली बनने हेतु िदए गए Šाथăना-पś को िनरĥत कर िदया। इसके पdzात् ũी जफर अहमद खान ने वĆफ का मुतवġली िनयुǘ होने के िलए यािचकाकताă के िवɳǪ िदनांक 23.07.2024 को आपिǥ Šĥतुत की। िवपWी संćया-1 ने इस Šाथăना-पś पर वĆफ िनरीWक को तीन िदन के अंदर जांच आćया Šĥतुत करने का आदेश िदया। वĆफ िनरीWक ने िदनांक 28.10.2024 को जांच आćया Šĥतुत की िजसमȅ यािचकाकताă DZारा िदनांक 22.10.2024 को िदए गए उǥर की कोई समीWा नहȂ की गई। 10. िदनांक 15.01.2025 को वĆफ बोडă के मुćय कायăपालक अिधकारी ने यािचकाकताă को एक कारण बताओ नोिटस िदया िजसमȅ उसके िवɳǪ 21 आरोप लगाए गए। यािचकाकताă ने कारण बताओ नोिटस का उǥर िदया तथा इसके उपरांत िलिखत बहस भी Šĥतुत की। कारण बताओ नोिटस के उǥर तथा िलिखत बहस की Šितयां पूरक शपथ-पś के साथ संलĈनक संćया 1 तथा 2 के ɴप मȅ संलĈन की गई हȈ। 11. िदनांक 12.07.2025 को वĆफ बोडă ने एक आदेश पािरत करके यािचकाकताă को वĆफ के मुतवġली पद से हटाकर ũी जफर अहमद खान को मुतवġली िनयुǘ कर िदया। उǘ आदेश के िवɳǪ यािचकाकताă ने उǥर Šदेश वĆफ ęयायािधकरण के समW अपील संćया 20 वषă 2025 Šĥतुत की िजस पर िदनांक 10.09.2025 अंगीकरण तथा सुनवाई हेतु िनयत ɷई। िदनांक 15.09.2025 को िवपWी की तरफ से वकालतनामा Šĥतुत ɷआ तथा उसके पdzात् कोरम अपूणă होने के कारण सुनवाई नहȂ हो सकी। 12. आदेश िदनांक 12.07.2025 की वैधता को चुनौती देते ɷए यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने तकă िदया िक यािचकाकताă DZारा कारण बताओ नोिटस के पिरपेĨय मȅ िदए गए उǥर एवं िवĥतृत िलिखत बहस के संबंध मȅ आलोċय आदेश मȅ िसफă इतना कथन िकया गया है िक नोिटस का उǥर संतोषजनक नहȂ है व िदए गए तकă बलहीन हȈ। 13. कारण बताओ नोिटस मȅ यािचकाकताă के िवɳǪ लगाए गए आरोपȋ के संबंध मȅ यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने तकă िदया िक आरोप पूरी तरह से िनराधार थे। A227 No. 6936 of 2025 3 यािचकाकताă िदनांक 16.06.2023 को मुतवġली िनयुǘ िकया गया तथा इसके पूवă फरीद अहमद मुतवġली थे। आरोप संćया-4 यह था िक मुतवġली के DZारा वĆफ का ऑिडट लगभग 25-30 साल से नहȂ कराया गया है, जबिक यािचकाकताă लगभग दो वषă से मुतवġली था तथा इसके पहले फरीद अहमद मुतवġली थे। यǯिप पूवă मुतवġली के समय यािचकाकताă सह- मुतवġली था िकतु पूवă अविध का आरोप मुतवġली के िवɳǪ था न िक सह-मुतवġली के िवɳǪ और मुतवġली का पद फरीद अहमद धािरत करते थे न िक यािचकाकताă। यािचकाकताă DZारा मुतवġली ɴप मȅ वĆफ की एक ɭकान पर कĜजा करने का आरोप था िजस संबंध मȅ यािचकाकताă का कथन यह है िक वह मुतवġली होने के साथ-साथ वĆफ का लाभाथȃ भी है तथा अęय लाभाथȃ भी वĆफ संपिǥयȋ से लाभ उठा रहे हȈ। माś मुतवġली होने के कारण यािचकाकताă का मुतवġली के लाभाथȃ होने का अिधकार समाĚत नहȂ हो जाता है। 14. िबना आरोपȋ एवं उसके संबंध मȅ िदए गए ĥपǸीकरण की समीWा िकए ɷए इस ĥतर पर माś इतना ĥपǸ होता है िक यािचकाकताă DZारा कारण बताओ नोिटस के उǥर मȅ कहे गए िबɭ एवं िदए गए तकȍ पर िवचार िकए िबना आलोċय आदेश िदनांक 12.07.2025 पािरत िकया गया जो िविध मȅ संधायă नहȂ है। 15. तदनुसार, यह यािचका स्वीकार की जाती है। िवपWी संćया 1 -उǥर Šदेश सुęनी सȅŖल वĆफ बोडă DZारा पािरत आदेश िदनांक 12.07.2025, िजसके DZारा यािचकाकताă को वĆफ संćया 54 (Ex-II) वĆफ सुहानी बेगम के मुतवġली पद से हटाकर ũी जफर अहमद को मुतवġली िनयुǘ िकया गया, िनरĥत िकया जाता है। 16. िवपWी संćया 1 को यािचकाकताă के िवɳǪ एक नए िसरे से कारण बताओ नोिटस िनगăत करते ɷए धारा 64 के अंतगăत कायăवाही करने की छू ट रहेगी, यिद ऐसा िकया जाए तो यािचकाकताă को सुनवाई का उिचत अवसर िदया जाएगा तथा उसके DZारा उठाए गए िबɭɛ की उिचत समीWा के उपरांत ही नवीन आदेश पािरत िकया जाएगा। December 8, 2025 Sumit A227 No. 6936 of 2025 4 (Subhash Vidyarthi,J.) 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