Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 183576 (ALL)

SMT. VIJAY LAXMI TRIPATHI v. RAKESH SINGH AND ANOTHER

A227/6500/2025 · 2025-11-15

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6500 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ने पूरक शपथ-पś Šĥतुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाए। 2. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ũी शेष वमाă की तरफ से उपिĥथत िवDZान अिधवǘा ũी शरद िśवेदी को सुना व पśावली का अवलोकन िकया। 3. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकतȃ ने िवDZान अपर िसिवल जज (Šवर खĔड)/ĕविरत ęयायालय लखनऊ DZारा मूल वाद संćया 149 वषă 2015 के शीŏ िनĥतारण हेतु िनदȆश देने का अनुरोध िकया है। उपरोǘ मूल वाद यािचकाकतȃ ने िदनांक 27.01.2015 को उǨोषणा, शाǶत Dzादेश एवं आXापक Dzादेश हेतु Šĥतुत िकया था। 4. यािचका मȅ मांगे गए अनुतोष एवं पािरत िकए जाने Šĥतािवत आदेश के ɯिǸगत िवपWीगण को नोिटस िनगăत करने की कोई आवģयकता नहȂ है। 5. Šितवादीगण ने िलिखत कथन वषă 2018, 2019 मȅ Šĥतुत कर िदए थे, िकतु अब तक वाद िबɭ भी िवरिचत नहȂ ɷए हȈ। 6. एक पूरक शपथ-पś के माĘयम से Šितवादी संćया 1 DZारा Šĥतुत Šाथăना-पś संलĈनक आदेश 1 िनयम 10 सपिठत धारा 51 Dzवहार ŠिŌया संिहता की Šित Šĥतुत की गई तथा Šाथăना-पś िदनांक 26.09.2025 की Šĥतुत की गई, िजसका िनĥतारण अभी होना है। 7. उपरोǘ तĖयȋ को ɯिǸगत रखते ɷए जबिक वाद एक दशक से अिधक समय से लंिबत है तथा अभी तक िवचारण ęयायालय ने वाद िबɭ भी िवरिचत नहȂ िकए हȈ, यह यािचका इस िनदȆश के साथ िनĥतािरत की जाती है िक िवDZान अपर िसिवल जज (Šवर खĔड)/ĕविरत Versus Counsel for Petitioner(s) : Shesh Verma Counsel for Respondent(s) : Smt. Vijay Laxmi Tripathi .....Petitioner(s) Rakesh Singh And Another .....Respondent(s) ęयायालय लखनऊ DZारा मूल वाद संćया 149 वषă 2015 का िनĥतारण शीŏतापूवăक िविधनुसार िबना िकसी पW को कोई अनावģयक ĥथगन देते ɷए करना सुिनिdzत करȅ। November 15, 2025 Sumit A227 No. 6500 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench