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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 182587 (ALL)

RAM BACHAN SINGH v. ADDITIONAL SESSIONS JUDGE COURT NO. 4 UNNAO

CRLP/1004998/2011 · 2025-11-04

Saurabh Lavania

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. WRIT PETITION No. - 1004998 of 2011 Court No. - 13 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J. 1. Supplementary affidavit filed by the petitioner, is taken on record. 2. Heard Sri Vinod Kumar Singh, learned counsel for the petitioner, learned AGA for the State and perused the record. 3. The instant petition has been preferred seeking following main relief:- "Issue a writ, order or direction in the nature of certiorari thereby quashing the impugned order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and impugned exparte order 23.12.2010 passed by opposite party no.2 contained in annexure no.1 and 2 to the writ petition." 4. By the order dated 23.12.2010, the opposite party no.2/Collector, Unnao, in exercise of power under Section 6A of E.C. Act, confiscated the tractor trolley of the petitioner. The operative portion of the order dated 23.12.2010 is extracted as under:- "मैने पśावली का अĘययन िकया। पśावली पर उपलबध िज०पू०अ० की आćया व उपलĜध साĨयȋ से मै इस मत की ɸँ िक बरामदशुदा गȅɸँ का पिरवहन िवपWी रामबचन के ŖैĆटर Ŗाली DZारा िकया जा रहा था। वाहन की संिलĚतता माś इस तĖय से ही ĥपǸ हो जाती है िक बरामदशुदा माल Šģनगत वाहन पर बरामद िकया गया था। ęयायालय के आदेश िद० 19.07.10 व तɯपरांत पािरत आदेश िद० 05.10.10 DZारा वाहन ĥवामी को वाहन पर पिरवहन िकये जा रहे खाǯाęन की बाजारी कीमत से अनिधक धनरािश अथă दĔड के ɴप मȅ जमा करने का िवकġप भी उसे िदया गया िकतु वाहन ĥवामी ने उǘ िवकġप का लाभ ŠाĚत करने मȅ कोई ɴिच नहȂ िदखाई वरन् वह आपिǥ िद० 1.07.10 Šĥतुत करने के उपरांत ęयायालय से अनुपिĥथत हो गया उसे ęयायालय DZारा अथăदĔड की धनरािश जमा करने हेतु पयाăĚत अवसर िदया गया। इस मामले मȅ वाहन ĥवामी ने अपने दाियĕवȋ का िनवाăहन नहȂ िकया है, और यह Šथम ɯǸया िसǪ है िक बरामदशुदा खाǯाęन वाहन ŖैĆटर Ŗाली से ही बरामद िकया गया है। ऐसी िĥथित मȅ बरामदशुदा वाहन ŖैĆटर Ŗाली को राčय सरकार के पW मȅ अंतगăत धारा 6ए ई०सी०एĆट मȅ जĜत िकये जाने व लोक नीलामी DZारा िनĥतािरत िकया जाना मȈ उिचत पाती ɸँ। अतः मु०अ०सं० 494/10 धारा 3/7 ई०सी०एĆट थाना को० पुरवा मȅ बरामदशुदा वाहन ŖैĆटर Ŗाली को खाǯाęन की अवैध कालाबाजारी मȅ संिलĚत पाये जाने के कारण धारा 6ए ई०सी०एĆट के अंतगăत राčय सरकार के पW मȅ Versus Counsel for Petitioner(s) : Vinod Kumar Singh Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Ram Bachan Singh .....Petitioner(s) Additional Sessions Judge Court No. 4 Unnao .....Respondent(s) जĜत िकया जाता है । बरामदशुदा वाहन ŖैĆटर Ŗाली के िनĥतारण हेतु उप िजलामिजĥŖेट, पुरवा को िनयुǘ िकया जाता है। उप िजला मिजĥŖेट, पुरवा को िनदȆिशत िकया जाता है िक वह वाहन का संभागीय पिरवहन अिधकारी उęनाव से तकनीकी परीWण DZारा मूġयांकन करा लȅ। उनके DZारा जो मूġयांकन बताया जाय उसे आधार मूġय िनधाăिरत करते ɷये लोक नीलामी DZारा वाहन का िनĥतारण सुिनिdzत करȅ। िजसमȅ इस बात का अिनवायă ɴप से Ęयान रखा जाय िक यिद वाहन के पंजीकृ त ĥवामी ĥवयं वाहन को आधार मूġय पर ŠाĚत करने हेतु आवेदन करे तो Šथम िवकġप उęहȅ ही Šदान िकया जाय। इस हेतु उęहȅ एक माह पूवă िलिखत सूचना भी ŠाĚत करा दी जाय। अęयथा की िĥथित मȅ वाहन के िनĥतारण हेतु लोकनीलामी सुिनिdzत की जाय और ŠाĚत धनरािश को िनधाăिरत मद मȅ जमा कराकर अनुपालन आćया इस ęयायालय मȅ एक माह के अंदर Šĥतुत की जाय। आदेश की Šित पुिलस अधीWक उęनाव उप िजलामिज० पुरवा िज०पू०अिधकारी उęनाव व Š०िन०को० पुरवा को इस िनदȆश के साथ भेजी जाती है िक वह आदेश के अनुपालन मȅ की जाने वाली समĥत अŎेतर कायăवाही करȅ। आवģयक कायăवाही के उपरांत पśावली अिभलेखागार मȅ सुरिWत की जाय ।" 5. Thereafter, the petitioner preferred an appeal no. 7 of 2011 before the Additional Sessions Judge, Court No.4, Unnao (in short 'Appellate Court'). The Appellate Court vide order dated 25.07.2011, dismissed the appeal and affirmed the order dated 23.12.2010, with some modifications. The operative portion of order dated 25.07.2011 reads as under:- "8-आवģयक वĥतु अिधिनयम के तहत उǥर Šदेश शेडयूल कमोिडटीज िडĥटीĜयूशनआडăर 2004 उǥर Šदेश शासन DZारा जारी िकया गया है. इसके शȅǢूल मȅ गेɸं चावल, दाल व चीनी आिदखाǯाęन का संदभă िदया गया है। इस िवतरण आदेश 2004 के आदेश 22 के तहत सWम Šािधकारी को यह अिधकािरता दी गयी है िक वह पिरसर के साथही साथ िकसी भी वाहन की भी जांच करे, िजसके सĞबęध मȅ उęहȅ ऐसा करना उपयुǘ लगता है । 9.वतăमान Šकरण की पिरिĥथितयां यह है िक िद० 24.4.10 को ही रात मȅ Šģनगत ŖैĆटर पर फू ड कारपोरेशन के गोदाम से उठान िकये गये चावल गेɸं िमलने के बाद कोटेदार कु सुमा िसह के घर पर तलाशी ली गयी और वहां जो ĥटाक अिनयिमतता पायी गयी उसके आधार पर उप िजला मिजĥŖेट ने यह सĞभावना Dzǘ िकया िक रात मȅ गोदाम से उठाये जा रहे माल की काला बजारी की सĞभावना थी । 10- इस सĞबęध मȅ Šकरण से सĞबिęधत मामला िनिdzत ɳपसे सWम ęयायालय मȅ िवचाराधीन है और यह गुणदोष का िवषय है िक िकन पिरिĥथितयȋ मȅ कोटȅदार DZारा भेजȅ गये ŖैĆटरपर िनयत समय के बाद रात 11 बजे उठान गġले की जा रही थी िकęतु मामले की कु ल पिरिĥथित को देखते ɷये कलĆटर उęनाव अपना जो यह िनĤकषă िनकालािक पकडा गया गġला वŖैĆटर Ŗाली जĜत िकये जाने के िबęɭ पर सुनवाई उिचत है और इसी कम मȅ नोिटस की कायăवाही िकया तो यह नहȂ कहा जा सकता िक सWम Šािधकारी ने िबना िकसी आधार के कायăवाही िकया । 11- पुनः पśावली का पिरशीलन यह ĥपǸ कर रहा है िक आवģयक वĥतु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत कायăवाही करने के बाद ŖैĆटर पर लदे गġले की बाजारी कीमत ɳपया 72,450-00 अथăदĔड के ɳपमȅ जमा िकये जाने के का आदेश िकया गया था, जो अपीलाथȃ DZारा जमा नहȂ िकया गया । अतः यह भी ĥपǸ हȋ रहा है िक इस सĞबęध मȅ अपीलाथȃ को सुनवाई का पूरा अवसर भी िदया गया । 12- िकęतु जैसािक िनणăय िविध (2007) 3 एस०सी०सी० (िक०) 14 कै लाश Šसाद गनाम ĥटȅट आफ झारखĔड मȅ माननीय उċचतम ęयायालय ने एक अęय िनणăय िविध (2000) 3 एस०सी०सी० 306 िडĚटी किमģनर बनाम ɳडोġफ फनाăęडीज का संदभă सहमित के साथ िदया जĜत िकये जा रहे वाहन का मूġयांकन करते ɷये अथăदĔड जमा िकये जाने का आदेश कलĆटर DZारा िदया जाना था,न िक इसपर लदे गġले के मूġयांकन के आधार पर । CRLP No. 1004998 of 2011 2 13- िकęतु यह एक पैसा आधार नहȂ है िक िजसके कारण यह अपील ĥवीकार की जा सके , Ćयȋिक आवģयक वĥतु अिधिनयम की धारा 6 सी मȅ दी गयी Dzवĥथा के अनुसार अपील की कायăवाही मȅ कलेĆटर के आदेश की पुिǸ की जा सकती है या उसे उपाęतिरत (मोडीफाई) िकया जा सकता है या उसे बाितल करते ɷये आदेश पािरत िकया जा सकता है। 14- कलĆटर उęनाव DZारा जो Šģनगत वाहन का मूġयांकन न करके गġले के मूġयांकन के आधार पर अथăदĔड जमा करने का आदेश िदया था. उसे इस अपील की कायăवाही मȅ उपाęतिरत िकया जा सकता है । 15- चूंिक आवģयक वĥतु अिधिनयम की धारा 6ए के तहत जारी कायăवाही मȅ अपीलाथȃ हािजर ɷआ था. उसको सुनवाई का पूरा अवसर िदया गया था इस सĞबęध मȅ उǘ अिधिनयम की धारा 6 बी की शतȍ का पालन करते ɷये कायăवाही की गयी थी, इसिलये यह नहȂ कहा जा सकता िक कलेĆटर उęनाव को Šģनगत आदेश पािरत करने की अिधकािरता नहȂ थी या उęहोनȅ एक पWीय ɳपसे आदेश पािरत िकया। यह भी नहȂ कहा जा सकता िक आवģयक वĥतु अिधिनयम के Šािवधान का उġलंघन करते ɷये Šģनगत आदेश पािरत िकया। 16- Šģनगत अपील मȅ जो आधार िलये गये हȈ, वे बलहीन हȈ और अपील ĥवीकार िकये जाने योĈय नहȂ है, िकęतु जैसािक उपर कहा गया है िक जĜत िकये जाने वाले वाहन का मूġयांकन करते ɷये अथăदĔड जमा करने का अवसर अपीलाथȃ को िदये जाने के बाद ही इस ŖैĆटर की लोक नीलामी कराने की कायăवाही िकया जाना ęयायोिचत होगा ।" 6. The aforesaid order(s) has been challenged on the ground that in fact no offence was committed by the petitioner. To support the aforesaid submission, the learned Counsel for the petitioner placed reliance on the order dated 28.05.2025, annexed with the supplementary affidavit of the petitioner dated 21.07.2025, passed by Chief Judicial Magistrate, Purwa, Unnao (in short 'Magistrate') in Misc. Case No. 12 of 2023 arising out of Case Crime No. 494 of 2010 under Section 3/7 of E.C. Act, Police Station- Purwa, District-Unnao, whereby the Magistrate accepted the final report. The order dated 28.05.2025 reads as under:- "िविवध वाद पेश ɷआ। वादी अनुपिĥथत। पśावली के अवलोकन से िविदत होता है िक िववेचक के DZारा िववेचना करने के उपराęत मु०10सं0-494/2010 धारा 3/7 ई०सी०एĆट थाना पुरवा, िजला उęनाव के Šकरण मȅ अिęतम िरपोटă Šेिषत की गयी। िजस पर ęयायालय DZारा वादी मुकदभा को नोिटस Šेिषत की गयी, परęतु वादी का ĥपǸ पता न चल पाने के कारण उसपर नोिटस का तामीला नहȂ हो सका है। पśावली के अवलोकन से िविदत होता है िक ęयायालय DZारा वादी को नोिटस के तामीला हेतु िजलापूित अिधकारी जनपद उęनाव तथा अपर पुिलस अधीWक दिWणी / नोडल अिधकारी जनपद उęनाव को पś Šेिषत िकये गये। अपर पुिलस अधीWक दिWणी / नोडल अिधकारी जनपद उęनाव से इस आशय की आćया ŠाĚत ɷई है िक "वादी के बारे मȅ कोई जानकारी नहȂ हो सकी है।" अिęतम िरपȌट ęयायालय मȅ वषă 2011 से लिĞबत है। िकसी अęय Dzिǘ DZारा भी कोई Šोटेĥट Šाथăनापś Šĥतुत भी Šĥतुत नहȂ िकया गया है। मैने पśावली का सĞयक अवलोकन कर िलयः । िववेचना मȅ Šथम ɯǸया कोई śुिट Šतीत नहȂ होती है। अतः नामले के तĖय एंव पिरिĥथितः। को ɯिǸगत रखते ɷए अिęतम आćया सं0 21/2010 ĥवीकार िकये जाने योĈय है।" 7. It is also stated that tractor trolley is in possession of the petitioner in terms of order of Appellate Court dated 18.01.2011, which reads as under:- "सुना। फौज०अपील अंगीकृ त की जाती है एवं पंजीकृ त की जावे। िवपWी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वाĥते सुनवाई िनयत कर िनगăत होवे। अवर ęयायालय का अिभलेख तलब हो। CRLP No. 1004998 of 2011 3 Šाथăनापś 6ख समिथत शपथपś 7ख पर सुना। िवपWी को नोिटस ितिथ 14.02.11 वाĥते आपिǥ व िनĥतारण िनयत कर िनगăत होवे। अथăदĔड मु0-72,450/- का 1/3 भाग सĞबिęधत ęयायालय मȅ 15 िदन के अęदर जमा करने पर Šģनगत ŖैĆटर की नीलामी िनयत ितिथ तक ĥथिगत की जाती है।" 8. It is also stated that in view of the final report submitted and accepted by the Magistrate concerned vide order dated 28.05.2025, this petition is liable to be allowed and the amount deposited by the petitioner for the purposes of releasing the vehicle in terms of order dated 18.01.2011 is liable to released in favour of the petitioner. 9. Sri S.P. Tiwari, learned A.G.A. based upon the counter affidavit filed today, which is taken on record, does not dispute the aforesaid aspect of the case. 10. Considering the order of Magistrate dated 28.05.2025, which has not been refuted by the side opposite, this Court finds that interference in the impugned order(s) is required. 11. Accordingly, the present petition is allowed and the order dated 25.07.2011 passed by opposite party no.1 and order 23.12.2010 passed by opposite party no.2, are hereby set aside. Let amount, if, deposited by the petitioner in terms of order dated 18.01.2011 passed by Appellate Court, quoted above, in compliance of which tractor trolley in issue, is in possession of the petitioner, as stated, be returned to the petitioner. No order as to costs. November 4, 2025 Jyoti/- CRLP No. 1004998 of 2011 4 (Saurabh Lavania,J.) Digitally signed by :- JYOTI RAJWANI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench