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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 182145 (ALL)

ALOK MISHRA v. KISHORE AND COMPANY THRU. PROPRIETOR LKO.

A227/6076/2025 · 2025-11-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6076 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी सुिमत कु मार ũीवाĥतव को सुना व पśावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस िरट यािचका DZारा यािचकाकताă ने राǸąीय उपभोǘा िववाद िनवारण आयोग DZारा Šथम अपील संćया 1209 वषă 2023 मȅ पािरत िनणăय तथा आदेश िदनांक 08.07.2025 की वैधता को चुनौती दी है। िजसके DZारा अपील आंिशक ɴप से ĥवीकार कर ली गई तथा अपीलाथȃ को िजला उपभोǘा िववाद िनवारण आयोग DZारा पिरवाद संćया 101 वषă 2020 मȅ पािरत िनणăय िदनांक 20.11.2023 DZारा िवपWी/अपीलाथȃ िकशोर एंड कं पनी को बीस लाख ɴपए अनुिचत Dzापार और सेवा मȅ कमी के मद मȅ तथा एक लाख ɴपए मानिसक यंśणा और अवसाद के मद मȅ अदा करने के िनदȆश को घटाकर करके ɴपए पांच लाख कर िदया, के िवɳǪ Šĥतुत की है। 3. राčय उपभोǘा िववाद िनवारण आयोग के िनणăय िदनांक 20.11.2023 मȅ अंिकत है िक िवपWी ने कोई िलिखत कथन Šĥतुत नहȂ िकया तथा उसके िलिखत कथन का अवसर समाĚत िकया गया। इसके उपरांत सुनवाई के समय िवपWी िकशोर एंड कं पनी के ĥवामी ũी िŢज िकशोर के पुś ũी अिभषेक िकशोर ने आयोग के सĞमुख िदनांक 28.02.2022 को उपिĥथत होकर ĥवेċछा से पिरवादी की पĕनी ũीमती राधा िमũा के पW मȅ ɳपए दो लाख पचास हजार Šĕयेक के दो चेक (कु ल रािश ɳपए पांच लाख ) Šĥतुत िकया। 4. राčय आयोग ने अपने िनणăय मȅ कहा िक िवपWी ने िवŌय की ɷई दवाɛ का अिधक मूġय िलया है तथा उसकी ओर ɳपए पांच लाख की Wितपूित ĥवेċछापूवăक जमा की गई है, िजससे यह ĥपǸ हो जाता है िक इस मामले मȅ िवपWी DZारा सेवा मȅ कमी और अनुिचत Dzापार संDzवहार िकया गया है तथा राčय आयोग ने िवपWी को ɳपए बीस लाख अनुिचत Dzापार, मानिसक यंśणा और सेवा मȅ कमी के मद मȅ तथा एक लाख ɴपए मानिसक यंśणा और अवसाद के मद मȅ अदा करने का आदेश िदया। Versus Counsel for Petitioner(s) : Sumit Kumar Srivastava Counsel for Respondent(s) : Alok Mishra .....Petitioner(s) Kishore And Company Thru. Proprietor Lko. .....Respondent(s) 5. Proprietor Lko. .....Respondent(s) 5. राǸąीय उपभोǘा िववाद िनवारण आयोग के समW अपील मȅ पिरवादी DZारा Šĥतुत रसीदȋ की सĕयता को िववािदत िकया गया, िकतु राǸąीय आयोग ने कहा िवपWी ने ऐसा कोई कथन राčय आयोग के समW नहȂ िकया था और इस संबंध मȅ कोई साĨय भी नहȂ िदया था तथा रसीदȅ सही Šतीत होती हȈ। राčय आयोग ने पाया िक पिरवादी ने दवाɛ के Ōय के संबंध मȅ Šाथिमक साĨय Šĥतुत नहȂ िकया था तथा उसने िवपWी के भूतपूवă कमăचािरयȋ के शपथ-पś Šĥतुत िकए थे जो िक िवǶसनीय साĨय नहȂ है। रसीद िदनांक 05.05.2020 ɳपए आठ हजार एक सौ चौतीस के िलए जारी की गई थी िकतु संगत बȈक भुगतान माś पांच हजार एक सौ सैतीस ɳपए का था। राǸąीय आयोग ने यह पाया िक राčय आयोग DZारा िनधाăिरत Wितपूित की रािश मनमाने ढंग से िनयत की गई है तथा इसका कोई तĖयाĕमक आधार नहȂ है और इसको कम करना आवģयक है तथा राčय आयोग ने इसे ɳपए इĆकीस लाख से घटाकर ɳपए पांच लाख कर िदया, जो धनरािश िवपWी के पुś ने पहले से ही ĥवेċछा से अदा कर रखी थी। 6. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने राǸąीय आयोग के िनणăय के उपरोǘ उपपिǥ को गलत िसǪ करने के िलए कोई ठोस तकă नहȂ कर सके तथा इस ęयायालय के समW यह नहȂ दशाă सके िक Wितपूित की धनरािश ɳपए इĆकीस लाख ɴपए तय करने का Ćया वैधािनक आधार है। 7. ऐसी पिरिĥथित मȅ ęयायालय राǸąीय उपभोǘ िववाद िनवारण आयोग के आलोċय िनणăय तथा आदेश मȅ ऐसी कोई śुिट पाती है िजसमȅ ęयायालय की शिǘ का Šयोग करते ɷए हĥतWेप करने की कोई आवģयकता है। यािचका बलहीन है एंव तदनुसार िनरĥत की जाती है। November 10, 2025 Sumit A227 No. 6076 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench