ZISHAN ALI v. DISTRICT JUDGE PRATAPGARH AND ANOTHER
A227/6396/2025 · 2025-11-04
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 182041 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6396 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने कहा िक उęहȋने śुिटवश िवपWी संćया 1- िजला जज, Šतापगî को यािचका मȅ िवपWी बना िदया है तथा उęहȋने िवपWी संćया 1 का नाम िवपWी के ɴप मȅ यािचका से हटाने का मौिखक अनुरोध िकया है, िजसे ĥवीकार िकया जाता है। यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा वांिछत संशोधन यािचका मȅ तुरंत समावेिशत करȅ। कायाăलय को आदेश िदया जाता है िक वह इस ęयायालय के अिभलेखȋ/कं Ěयूटर िसĥटम मȅ भी वांिछत संशोधन करȅ।
2. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी िववेक कु मार को सुना तथा पśावली का अवलोकन िकया।
3. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अęतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताă ने जनपद ęयायाधीश Šतापगî को दीवानी पुनरीWण संćया 44 सन् 2022, के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश देने का अनुरोध िकया है।
4. Šाथăना पś के साथ संलĈन पुनरीWण के आदेश पś से Šतीत होता है िक पुनरीWण िदनांक 15.07.2022 को Šĥतुत िकया गया तथा उसी िदनांक को सुनवाई हेतु अंगीकृ त िकया गया। Šĕयथȃ ęयायालय के समW उपिĥथत हो गया, इसिलए उसे नोिटस िनगăत करने की आवģयकता नही है इसके उपरांत भी अनेकȋ ितिथयȋ को सुनवाई ĥथिगत होती रही है एवं पुनरीWण की कायăवाही सĞपूणă नहȂ हो पाई है।
5. ऐसी पिरिĥथित मȅ वाद का शीŏ िनĥतारण ęयायिहत मȅ आवģयक Šतीत होता है।
6. तदनुसार, यािचका िनĥतािरत की जाती है तथा जनपद ęयायाधीश Šतापगî को Versus Counsel for Petitioner(s) : Vijay Kumar, Vivek Kumar Counsel for Respondent(s) :
Zishan Ali .....Petitioner(s) District Judge Pratapgarh And Another .....Respondent(s)
यह िनदȆश िदया जाता है िक दीवानी पुनरीWण संćया 44 सन् 2022 का िनĥतारण लघु ितिथयां िनयत करते ɷए िविधनुशार शीŏतापूवăक करना सुिनिdzत करȅ।
November 4, 2025 Himanshu A227 No. 6396 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench