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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 1813 (ALL)

DHARMENDRA v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/45034/2025 · 2026-03-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 45034 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतăमान दािĔडक Šकीणă जमानत Šाथăना पś आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 259/2025 , अęतगăत धारा 137(2), 87, 65(2) भारतीय ęयाय संिहता एवं धारा 5(M)/6 पाĆसो एĆट, थाना शेरगî, िजला बरेली मȅ जमानत पर मुǘ करने हेतु Šĥतुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवDZान अिधवǘा के ĥथान पर उनके सहयोगी िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया। 3. सुनवाई के दौरान सीलबंद िलफाफा खोला गया, िजसमȅ पीिíता का आयु परीWण Šपत है। इसे पśावली पर रखा जाय। 4. आवेदक के िवDZान अिधवǘा ने तकă Šĥतुत िकया िक आवेदक को इस Šकरण मȅ गलत एवं फजȃ ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहȂ िकया है। यहां Šासंिगक तĖय यह है िक किथत पीिíता DZारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरWा संिहता के बयान मȅ आवेदक के साथ ĥवेċछा से जाने व िववाह करने लेने तथा पित-पĕनी की तरह रहने का कथन िकया गया है। इससे पिरलिWत हो रहा है िक वह सहमित देने वाली पWकार है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुǘ िकये जाने योĈय है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिíता के आयु परीWण Šपś के अनुसार उसकी आयु सोलह वषă है , जो माननीय उċचतम ęयायालय के Šितपािदत आदेश के अनुŌम मȅ एक-दो वषă ऊपर नीचे माना जा सकता है। आवेदक व पीिíता के भावी भिवĤय को देखते ɷए आवेदक जमानत पर मुिǘ िकये जाने योĈय ɸं। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आǶासन िदया गया है िक वह कानून की ŠिŌया मȅ सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवģयकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समW खुद को उपलĜध कराएगा और उन सभी शतȍ को ĥवीकार करने के िलए भी तैयार है जो ęयायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदȌष है तथा वह इस Šकरण मȅ िद० 18.09.2025 से कारागार मȅ िनɳǪ है। इसिलए, आवेदक को जमानत पर छोí िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Manoj Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dharmendra .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) 5. िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा ने अिभयुǘ के जमानत का Šबल िवरोध करते ɷए तकă Šĥतुत िकया िक अिभयुǘ DZारा कािरत अपराध संXेय एवं गंभीर Šकृ ित का है, इसिलए अिभयुǘ को जमानत पर न छोíा जाय। 6. उभय पW के िवDZान अिधवǘा के तकȍ के पिरŠेĨय एवं पśावली पर उपलĜध सारवान तĖयȋ एवं पिरिĥथितयȋ का समŎ ɴप से अवलोकन करने के बाद, सबूतȋ की Šकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधाĕमक सामŎी की अनुपिĥथित एवं उपलĜध सामŎी से छेíछाí की संभावना न होने के तĖय को देखते ɷए मेरी राय मȅ आवेदक को जमानत पर मुǘ करने का उपयुǘ आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटĚपणी िकए ɷए आवेदक को उपरोǘ विणत अपराध मȅ संबंिधत ęयायालय की संतुिǸ पर Dzिǘगत बंध-पś एवं अिधक धनरािश के दो ĥथानीय Šितभू Šĥतुत करने पर िनĞनिलिखत शतȍ के साथ जमानत पर छोí िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीWण के दौरान अिभयोजन साĨयȋ के साथ छेíछाí नहȂ करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािWयȋ व पीिíता/ िशकायतकताă को डरायेगा/धमकायेगा नहȂ। 2. आवेदक ęयायालय के आदेशȋ का पालन करेगा, वह परीWण के दौरान िबना कोई अनावģयक ĥथगन िलए िनयत ितिथ पर ęयायालय मȅ उपिĥथत होगा तथा परीWण मȅ ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की ĥवतंśता का ɭɴपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध मȅ िलĚत नहȂ होगा न कोई अपरािधक कृ ĕय करेगा। 4. आवेदक ŠĕयW या अŠĕयW ɴप से मामले के तĖयȋ से पिरिचत िकसी भी Dzिǘ या पुिलस अिधकािरयȋ को कोई Šलोभन या धमकी नहȂ देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उęहȅ ęयायालय मȅ तĖयȋ को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 8. उपरोǘ शतȍ मȅ से िकसी के उġलंघन के मामले मȅ, िवचारण ęयायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रǩ करने को ĥवतंś है। March 19, 2026 CP.sahani BAIL No. 45034 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad