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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 2024 of 2021 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण मोहन शमाă एवं अęय की ओर से धारा 482 दं०Š०सं० के अęतगăत यह आवेदन पś, पिरवाद सं. 25/2014 अęतगăत धारा 498ए/ 323 भा०दं०िव० एवं धारा 3/4 दहेज Šितषेध अिधिनयम, थाना पचदेवरा, िजला हरदोई के जूडीिसयल मिजĥŖेट, हरदोई कW सं. 01 , DZारा पािरत ŠसंXान/तलबी आदेश िद० 16.06.2014 के िवɳǪ दायर िकया गया।
2. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा रिव ũीवाĥतव को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा के तकȍ को ũवणोपराęत, पśावली के पिरशीलन से ęयायालय ने पाया िक पिरवाद मȅ लगाए गए आरोप एक संXेय अपराध के कािरत होने का खुलासा करते हȈ और वह आरोप 200 व 202 दं.Š.सं. के बयान से पिरलिWत होता है। उन आरोपȋ को इस ęयायालय DZारा धारा 482 दं०Š०सं० के तहत अपनी शिǘ का Šयोग करते ɷए, बयान और आरोपȋ की शुǪता और िवǶसनीयता का आकलन करने की आवģयकता नहȂ है। इस ĥतर पर आवेदकगण के िववािदत बचाव पर िवचार नहȂ िकया जा सकता है। तėनुसार उपरोǘ वाद की कायăवाही को रǩ करने की Šाथăना और पिरणामी कायăवाही अĥवीकृ त की जाती है।
4. इस ĥतर पर, आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा का अनुरोध है िक आवेदकगण को अभी तक उपरोǘ मामले मȅ िगरफ् तार नहȂ िकया गया है और पुिलस आवेदकगण को िगरफ् तार करने के Šयास मȅ है, और संबंिधत अवर ęयायालय DZारा आवेदकगण के िखलाफ दĔडाĕमक ŠिŌया जारी की जा सकती है, इसिलए आवेदकगण के जमानत आवेदन पś पर िवचार करने के िलए संबंिधत अवर ęयायालय को िनदȆश जारी कर िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Alok Kumar Mishra, Anil Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Munni Devi And Anr. .....Applicant(s) State Of U.P. And Anr. .....Opposite Party(s)
5. माननीय उċचतम ęयायालय DZारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के Šकरण को आदेश िद० 7-10-2021 DZारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदȆश देते ɷए िनĥतािरत िकया जा चुका है, इसके पdzात् अब संबंिधत अवर ęयायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंिśत करने वाले वैधािनक Šािवधानȋ को Šभािवत िकए िबना, इस ęयायालय DZारा कोई िविशǸ िनदȆश जारी करने की आवģयकता नहȂ है, Ćयȋिक यह अपेWा की जाती है िक संबंिधत िवचारण ęयायालय आवेदक के जमानत Šाथăना पś को िनĥतािरत करते समय माननीय उċचतम ęयायालय DZारा पहले से जारी आवģयक िदशा-िनदȆशȋ को Ęयान मȅ रखेगा।
6. उǘ वाद मȅ यिद कोई अंतिरम आदेश हो तो उसे िनĤŠभावी समझा जाए।
7. उपरोǘ िटĚपिणयȋ के साथ, यह आवेदन पś अिęतम ɴप से िनĥतािरत िकया जाता है। December 11, 2025 S.Mishra A482 No. 2024 of 2021 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench