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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 1285 of 2021 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेिदका की ओर से धारा 482 दं०Š०सं० के अęतगăत यह आवेदन पś, मु०अ०सं० 617 सन 2019 अęतगăत धारा 420/ 467/ 468/ 471 भा०दं०िव०, थाना कोतवाली सदर, िजला खीरी मȅ Šेिषत आरोप पś िद० 21.06.2020 से उǭूत आपरािधक वाद सं० 3319 सन 2019 मȅ मुćय ęयाियक मिजĥŖेट लखीमपुर खीरी, DZारा पािरत ŠसंXान/तलबी आदेश िद. 01.10.2020 के िवɳǪ दायर िकया गया है।
2. आवेिदका के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेिदका के िवDZान अिधवǘा के तकȍ को ũवणोपराęत, पśावली के पिरशीलन से ęयायालय ने पाया िक Šथम सूचना िरपोटă मȅ लगाए गए आरोप एक संXेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हȈ और वह आरोप, की गयी िववेचना के उपराęत लगाए गए हȈ। उन आरोपȋ को इस ęयायालय DZारा धारा 482 दं०Š०सं० के तहत अपनी शिǘ का Šयोग करते ɷए, जॉच के दौरान एकś की गयी सामŎी के आरोपȋ की शुǪता और िवǶसनीयता का आकलन करने की आवģयकता नहȂ है। इस ĥतर पर आवेिदका/अिभयुǘा के िववािदत बचाव पर िवचार नहȂ िकया जा सकता है। तėनुसार आरोप पś या उपरोǘ वाद की कायăवाही को रǩ करने की Šाथăना और पिरणामी कायăवाही अĥवीकृ त की जाती है।
4. इस ĥतर पर, आवेिदका के िवDZान अिधवǘा का अनुरोध है िक आवेिदका को अभी तक उपरोǘ मामले मȅ िगरफ् तार नहȂ िकया गया है और पुिलस आवेिदका को िगरफ् तार करने के Šयास मȅ है, और संबंिधत अवर ęयायालय DZारा आवेिदका के िखलाफ दĔडाĕमक ŠिŌया जारी की जा सकती है, इसिलए आवेिदका के जमानत आवेदन पś पर िवचार करने के िलए संबंिधत अवर ęयायालय को िनदȆश जारी कर िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Anuj Dayal Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sarla Verma .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
5. माननीय उċचतम ęयायालय DZारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के Šकरण को आदेश िद० 7-10-2021 DZारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदȆश देते ɷए िनĥतािरत िकया जा चुका है, इसके पdzात् अब संबंिधत अवर ęयायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंिśत करने वाले वैधािनक Šािवधानȋ को Šभािवत िकए िबना, इस ęयायालय DZारा कोई िविशǸ िनदȆश जारी करने की आवģयकता नहȂ है, Ćयȋिक यह अपेWा की जाती है िक संबंिधत िवचारण ęयायालय आवेदक के जमानत Šाथăना पś को िनĥतािरत करते समय माननीय उċचतम ęयायालय DZारा पहले से जारी आवģयक िदशा-िनदȆशȋ को Ęयान मȅ रखेगा।
6. उǘ वाद मȅ यिद कोई अंतिरम आदेश हो तो उसे िनĤŠभावी समझा जाए।
7. उपरोǘ िटĚपिणयȋ के साथ, यह आवेदन पś अिęतम ɴप से िनĥतािरत िकया जाता है।
December 11, 2025 S.Mishra A482 No. 1285 of 2021 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench