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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 180442 (ALL)

GUL ZAIDI v. LEARNED ADDL. PRIN. JUDGE FAMILY COURT, COURT NO 6 LKO. AND ANOTHER

A227/6591/2025 · 2025-11-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6591 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ũी मोहĞमद इरफान िसǩीकी को सुना व पśावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकतȃ ने िवDZान Šधान ęयायाधीश, पािरवािरक ęयायालय-संćया 6, लखनऊ को मूल वाद संćया 473 वषă 2024 की सुनवाई आभासी (virtual) माĘयम से करने का िनदȆश देने का अनुरोध िकया है। 3. यािचका के साथ संलĈन पािरवािरक ęयायालय DZारा पािरत आदेश िदनांक 25.10.2024 मȅ अंिकत है िक Šितवादी ने ĥवयं के संयुǘ राčय अमेिरका मȅ िनवास करने के कारण आभासी (virtual) माĘयम से उपिĥथत होने का अनुरोध िकया, िजस पर वािदनी की तरफ से अनापिǥ नहȂ की गई तथा उपरोǘ Šाथăना-पś ĥवीकृ त कर िलया गया। 4. जब पािरवािरक ęयायालय ĥवयं ही आभासी माĘयम से सुनवाई हेतु आदेश कर चुका है तो पुनः इसी आशय से पािरवािरक ęयायालय को िनदȆश देने का कोई औिचĕय नहȂ है। 5. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ने तकă िदया िक उपरोǘ होने के बाद भी पािरवािरक ęयायालय वाद की सुनवाई नहȂ कर रहा है तथा िदनांक 25.02.2024 के बाद से वाद पś पर कोई भी आदेश पािरत नहȂ ɷआ है। कहे गए तकă के संबंध मȅ यािचका मȅ कोई भी कथन नहȂ िकया गया है तथा ऐसी पिरिĥथित मȅ यह अिवǶसनीय है िक एक वषă से अिधक की अविध तक वाद के आदेश पś पर कोई भी आदेश अंिकत न ɷआ हो। 6. ऐसी पिरिĥथित मȅ यािचका मȅ िकसी हĥतWेप का कोई उिचत आधार नहȂ है। यािचका बलहीन है, तदनुसार, िनरĥत की जाती है। . (Subhash Vidyarthi,J.) November 15, 2025 Sumit Versus Counsel for Petitioner(s) : Mohammad Irfan Siddiqui Counsel for Respondent(s) : Gul Zaidi .....Petitioner(s) Learned Addl. Prin. Judge Family Court, Court No 6 Lko. And Another .....Respondent(s) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench