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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 178650 (ALL)

SUKANTI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. FOOD AND CIVIL SUPPLY LKO. AND 8 OTHERS

WRIC/11699/2025 · 2025-12-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 11699 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ũी राके श कु मार नायक, राčय सरकार के िवDZान अिधवǘा ũी संदीप ũीवाĥतव तथा गांवसभा के िवDZान अिधवǘा ũी मोहन िसह को सुना तथा पśावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 226 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकतȃ ने उपिजलािधकारी, भीटी, जनपद अĞबेडकरनगर DZारा पािरत आदेश िदनांक 20.08.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा Ŏाम पंचायत आशाजीतपुर अिहरान, िव०ख० कटेहरी, तहसील भीटी , जनपद अĞबेडकरनगर की उिचत दर ɭकान िवपWी संćया 8 को आवंिटत कर दी गयी, की वैधता को चुनौती दी गयी है। 3. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ने कथन िकया िक पूवă मȅ उǘ ɭकान यािचकाकतȃ के भाई ũी राजू को आवंिटत थी, िजनकी मृĕयु िदनांक 12.01.2023 को हो गयी। उसके उपराęत यािचकाकतȃ ने ɭकान आवंटन हेतु Šाथăना-पś िदया िकęतु यािचकाकतȃ को ɭकान आवंिटत न करते ɷए यह िवपWी संćया 8 को आवंिटत कर दी गयी। 4. राčय सरकार के िवDZान ĥथायी अिधवǘा ने यािचका का िवरोध करते ɷए कहा िक शासनादेश िदनांक 05.08.2019 DZारा Ŏामीण Wेś की उिचत दर ɭकानȋ की चयन, िनयुिǘ एवं आरWण के संबंध मȅ Dzवĥथा िनिदǸ की गयी है िजसमȅ यह Šािवधान है िक उिचत दर िवŌे ता की मृĕयु के उपराęत 30 िदन के भीतर उसके आिũत DZारा उिचत दर ɭकान के आवंटन हेतु मृतक आिũत होने के Šमाण-पś तथा पिरवार के अęय बािलग सदĥयȋ के अनुमित Šमाण-पś सिहत उपिजलािधकारी को Šाथăना-पś Šĥतुत िकया जायेगा। इस हेतु पिरवार का ताĕपयă उǥर Šदेश आवģयक वĥतु (िवतरण के िविनयम का िनयंśण) आदेश 2016 के अनुसार होगा, जो िनĞनवत् है ;- (i) पिरवार का मुिखया, (ii) पित / पĕनी, िविधक ɴप से अपनाये गये दǥक संतान सिहत, Versus Counsel for Petitioner(s) : Rakesh Kumar Nayak Counsel for Respondent(s) : C.S.C., Mohan Singh Sukanti .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Food And Civil Supply Lko. And 8 Others .....Respondent(s) (iii)- संतान जो पिरवार के मुिखया का पूणă ɴप से आिũत हो, (iv) अिववािहत, िविधक ɴप से पृथक और िवधवा बेटी, और (v) पिरवार के मुिखया पर पूणă ɴप से आिũत माता-िपता। 5. उǘ आदेश मȅ मृतक की बहन पिरवार की पिरभाषा मȅ सिĞमिलत नहȂ थी। िवDZान ĥथायी अिधवǘा ने ęयायालय को सूिचत िकया िक शासनादेश िदनांक 27.06.2024 DZारा मृतक पर िनभăर अिववािहत बहन को भी शासनादेश िदनांक 05.08.2019 मȅ विणत पिरवार की पिरभाषा मȅ सिĞमिलत कर िलया है िकęतु Šĥतुत Šकरण मȅ मूल ɭकानदार की मृĕयु िदनांक 12.01.2023 को ɷई थी। शासनादेश िदनांक 05.08.2019 मȅ विणत Dzवĥथा के अनुसार ɭकानदार की िवधवा ने ɭकान आवंटन हेतु 30 िदन के अंदर Šाथăना-पś Šĥतुत िकया गया िकęतु वह माś आठवȂ कWा तक पîी ɷई थी तथा इस कारण से ɭकान आवंटन हेतु अहă नहȂ थी। 6. यǯिप यािचका मȅ यह कथन िकया गया है िक यािचकाकतȃ मृतक ɭकानदार की बेरोजगार ĥनातक अिववािहत बहन है तथा उसने िदनांक 09.02.2023 को ɭकान आवंटन के हेतु Šाथăना- पś िदया, यािचका के साथ माś Šाथăना-पś की Šित संलĈन है एवं Šाथăना-पś वाĥतव मȅ िदये जाने के संबंध मȅ कोई साĨय संलĈन नहȂ है। िवDZान ĥथायी अिधवǘा ने कहा िक िदनांक 09.02.2023 को कोई भी आवेदन यािचकाकतȃ DZारा नहȂ िदया गया। यािचका के साथ यािचकाकतȃ एवं मृतक ɭकानदार के िपता बशेनू DZारा यािचकाकतȃ को ɭकान आवंटन के संबंध मȅ िदये गये Šाथăना-पś िदनांक 12.08.2025 एवं मृत ɭकानदार की िवधवा ũीमती लिलता DZारा िदये गये Šाथăना-पś िदनांक 28.09.2024 की Šित संलĈन है िकęतु उǘ Šाथăना-पśȋ को भी वाĥतव मȅ िदये जाने के संबंध मȅ कोई साĨय नहȂ संलĈन हȈ। 7. ऐसी पिरिĥथित मȅ िदनांक 27.03.2025 को Ŏाम सभा की खुली बैठक मȅ िवपWी संćया 8 को उिचत दर ɭकान का आवंटन करने हेतु Šĥताव पािरत िकया गया िजसके आधार पर िदनांक 20.08.2025 को आवंटन आदेश पािरत हो गया। 8. ɭकानदार की मृĕयु के िदनांक 12.01.2023 को मृत ɭकानदार की अिववािहत बहन शासनादेश िदनांक 05.08.2019 मȅ दी गयी पिरवार की पिरभाषा मȅ सिĞमिलत नहȂ थी तथा उसने िवपWी संćया 8 को पहले ɭकान का आवंटन िकये जाने तक अपने पW मȅ ɭकान आवंटन हेतु कोई Šाथăना-पś नहȂ िदया। 9. तėनुसार, Šģनगत आदेश िदनांक 26.08.2025, िजसके DZारा उिचत दर ɭकान िवपWी संćया 8 को आवंिटत की गयी, मȅ कोई अवैधािनकता नहȂ है। 10. यािचका बलहीन है, तėनुसार, िनरĥत की जाती है। December 10, 2025/Ankit WRIC No. 11699 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench