SANJAY KUMAR DWIVEDI v. STATE OF U.P. THRU. SECY. LAW LKO. AND ANOTHER
/7173/2025 · 2025-12-12
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 177996 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 7173 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी Šभात कु मार िśपाठी तथा िवDZान अपर मुćय ĥथाई अिधवǘा ũी आशीष सĆसेना को सुना तथा पśावली का अवलोकन िकया।
2. िवDZान अपर मुćय ĥथाई अिधवǘा ने Šारंिभक आपिǥ रखी िक इस यािचका DZारा एक िनĤपादन वाद के शीŏ िनĥतारण का अनुरोध िकया गया है। उǥर Šदेश राčय िनĤपादन वाद अथवा मूलवाद मȅ पWकार नहȂ है तथा इस कारण से इस यािचका मȅ भी उǥर Šदेश राčय को िवपWी नहȂ बनाया जा सकता है। यािचका पWकारȋ के कु संयोजन से ɮिषत है।
3. इस तकă के उǥर मȅ यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने ĥवीकार िकया िक उǥर Šदेश राčय को यािचका मȅ śुिटवश िवपWी बना िदया गया है।
4. िनĤपादन वाद यािचकाकताă ने वषă 2013 मȅ Šĥतुत िकया था जो वषă 2019 मȅ िनĤपादन वाद यािचकाकताă के अनुपिĥथित के कारण िनरĥत कर िदया गया था तथा िनरĥतीकरण के आदेश को वापस लेते ɷए Šĥतुत Šाथăना पś अभी भी लिĞबत है।
5. राɷल एस. शाह बनाम िजतȅŝ कु मार गांधी (2021) 6 SCC 418, मȅ माननीय उċचतम ęयायालय ने िनĤपादन वादȋ के संबंध मȅ िनĞनिलिखत िदशा-िनदȆश िनगăत िकए हȈः-:
"42.8. सेĆशन 47 या ऑडăर 21 CPC के तहत अिधकार Wेś का इĥतेमाल करने वाली ęयायालय को िकसी तीसरे पW के अिधकार का दावा करने वाले आवेदन पर यांिśक तरीके से नोिटस जारी नहȂ करना चािहए। इसके अलावा, ęयायालय को ऐसे िकसी भी आवेदन पर िवचार करने से बचना चािहए िजस पर मुकदमे की सुनवाई के दौरान पहले ही िवचार िकया जा चुका हो या िजसमȅ ऐसा कोई मुǩा उठाया गया हो िजसे आवेदक DZारा उिचत सावधानी बरतने पर मुकदमे की सुनवाई के दौरान उठाया और तय िकया जा सकता था।
42.9. ęयायालय को एĈजीĆयूशन की कायăवाही के दौरान सबूत पेश करने की अनुमित के वल असाधारण और ɭलăभ Šकरणȋ मȅ देनी चािहए, जहां तĖय का सवाल िकसी अęय ĕविरत तरीके से तय नहȂ िकया जा सकता है, जैसे िक किमģनर की िनयुिǘ करना या हलफनामे के साथ तĥवीरȅ या वीिडयो सिहत इलेĆŖॉिनक सामŎी Versus Counsel for Petitioner(s) : Prabhaat Kumar Tripathi, Rashi Shukla Counsel for Respondent(s) : C.S.C. Sanjay Kumar Dwivedi .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Secy. Law Lko. And Another .....Respondent(s)
मंगवाना।
42.10.
ęयायालय को सही Šकरणȋ मȅ, जहाँ उसे आपिǥ या िवरोध या दावा िनरथăक या गलत इरादे से िकया गया लगता है, ऑडăर 21 के िनयम 98 के सब-िनयम (2) का इĥतेमाल करना चािहए और साथ ही सेĆशन 35-A के अनुसार मुआवèे का खचă भी देना चािहए।
42.11. सेĆशन 60 CPC के तहत "... फै सले के देनदार के नाम पर या िकसी अęय Dzिǘ DZारा उसके िलए Ŗĥट मȅ या उसकी ओर से" शĜद को उदारता से पîा जाना चािहए तािक इसमȅ कोई भी अęय Dzिǘ शािमल हो सके िजससे उसे िहĥसा, लाभ या संपिǥ िमल सकती है।
42.12. िनĤपादन ęयायालय को Šाथăना पś Šĥतुत करने की ितिथ से छः माह के भीतर िनĤपादन की कायăवाही को िनपटाना होगा, िजसे ऐसी देरी के िलए िलिखत मȅ कारण दजă करके ही बîाया जा सकता है।
42.13. िनĤपादन ęयायालय इस बात से संतुǸ होने पर िक पुिलस की मदद के िबना िडŌी को लागू करना संभव नहȂ है, संबंिधत पुिलस ĥटेशन को उन अिधकािरयȋ को पुिलस सहायता Šदान करने का िनदȆश दे सकता है जो िडŌी को लागू करने की िदशा मȅ काम कर रहे हȈ। इसके अलावा, यिद िकसी लोक सेवक के िखलाफ अपने कतăDzȋ का िनवăहन करते समय कोई अपराध ęयायालय के संXान मȅ लाया जाता है, तो उससे कानून के अनुसार सćती से िनपटा जाना चािहए,"
6. तदनुसार, यह यािचका अितिरǘ िसिवल जज (Šवर खंड), कW संćया 43, लखनऊ को इस िनदȆश के साथ िनĥतािरत की जाती है िक वह िनĤपादन वाद संćया 13 सन् 2013 का िनĤपादन िविधनुसार शीŏतापूवăक राɷल एस. शाह बनाम िजतȅŝ कु मार गांधी (2021) 6 SCC 418, मȅ माननीय उċचतम ęयायालय DZारा िनगăत िनदȆशȋ के आलोक मȅ करना सुिनिdzत करȅ। December 12, 2025 Himanshu A227 No. 7173 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench