SUNIL KUMAR VERMA @ RAJAN VERMA v. SMT. BARMHA DEVI SHUKLA
A227/6670/2025 · 2025-12-05
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 177616 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 177616 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6670 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. पुनरीिWत पुकार पर भी यािचका पर बल देने के िलए कोई उपिĥथत नहȂ है। यह यािचका िदनांक 4/11/2025 को Šĥतुत की गई थी तथा पूवă मȅ अनेक ितिथयȋ पर यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा की अनुपिĥथित के कारण सुनवाई नहȂ हो पाई थी। िदनांक 2/12/2025 को यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा की अनुपिĥथित मȅ Šकरण की सुनवाई एक अंितम बार ĥथिगत करते ɷए यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा को Šकरण मȅ तकă करने का अवसर िदया गया था, िकतु आज भी न तो इस यािचका पर बल देने के िलए कोई उपिĥथत है और न ही ĥथगन की कोई Šाथăना की गई है। अतः ęयायालय िवDZान अपर मुćय ĥथाई अिधवǘा ũी राɷल शुĆला को सुनकर यािचका का िनĥतारण करने के िलए अŎसर होती है।
2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताă ने िवDZान िसिवल जज (Šवर खंड), लखनऊ को मूल वाद संćया 2471 सन 2018 के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश देने का अनुरोध िकया है।
3. उपरोǘ वाद िवपWी ने यािचकाकताă के िवɳǪ ĥथाई िनषेधाXा हेतु Šĥतुत िकया था। वाद मȅ अिभकथन पूणă हो चुके है। िदनांक 24/07/2025 को Šकरण मĘयĥथता हेतु संदिभत िकया गया है।
4. यािचका मȅ कहे गए कथनȋ मȅ ऐसा Šतीत नहȂ होता है िक यािचकाकताă के िवɳǪ कोई अĥथाई िनषेधाXा Šभावी है। यह सवăिविदत है िक सभी ęयायालय काम की अिधकता से जूझ रहे हȈ।
5. ऐसी पिरिĥथित मȅ, जबिक वाद िवपWी ने Šĥतुत िकया है, यािचकाकताă के िवɳǪ कोई ĥथगन आदेश Šभावी होने का कथन नहȂ िकया गया है एवं Šकरण मĘयĥथता हेतु संदिभत िकया गया है, इस ĥतर पर वाद के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश देने का कोई औिचĕय नहȂ है। Versus Counsel for Petitioner(s) : Shankar Lal Pandey, Abhishek Shukla Counsel for Respondent(s) :
Sunil Kumar Verma @ Rajan Verma .....Petitioner(s) Smt. Barmha Devi Shukla .....Respondent(s)
6. तदनुसार, यािचका िनरĥत की जाती है। December 5, 2025 Himanshu A227 No. 6670 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench