Smt. Geeta Pandey v. Raghavendra Dutt Ram Pandey and ORS.
CLRE/47/2025 · 2025-11-13
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 176231 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 176231 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CIVIL REVISION No. - 47 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतȃ के िवDZान अिधवǘा ũी मयंकर िसह तथा िवपWी संćया 1 के िवDZान अिधवǘा ũी योगेश िसह को सुना व पśावली का अवलोकन िकया।
2. िसिवल ŠिŌया संिहता की धारा 115 के अंतगăत Šĥतुत इस पुनरीWण DZारा यािचकाकतȃ ने िसिवल जज Šवर खĔड, गोĔडा DZारा सामाęय वाद संćया 760 वषă 2019 मȅ पािरत आदेश िदनांक 03.09.2025 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा िवचारण ęयायालय ने पुनरीWणकतȃ के Šाथăना-पś (102 ग) िजससे वाद के मूġयांकन के िवɳǪ आपिǥ की गई थी, को िनरĥत कर िदया। Šģनगत वाद मȅ िवपWी संćया 1 ने पुनरीWणकतȃ तथा िवपWी संćया 2 से 5 के िवɳǪ घोषणाĕमक आXिĚत हेतु Šĥतुत िकया िजसमȅ उसने वाद का मूġयांकन ɳ 50,00,000/- (ɳपए पचास लाख) िकया तथा वाद घोषणाĕमक अिधकार हेतु Šĥतुत िकया जाने के कारण अिधकतम ęयाय शुġक दो सौ ɳपए अदा िकया। पुनरीWणकतȃ ने मूġयांकन के िवɳǪ आपिǥ करके कहा िक िववािदत संपिǥ का मूġय बाजार भाव से ɳ 50,00,00,000/- (ɳपए पचास करोí) से अिधक होगा, वादी ने ɳ 50,00,000/- (ɳपए पचास लाख) गलत मूġयांकन करके गलत व अपयाăĚत ęयाय शुġक अदा िकया है।
3. िवDZान िवचारण ęयायालय ने उǘ आपिǥ आलोċय आदेश िदनांक 03.09.2025 से िनĥतािरत की िजसमȅ अंिकत है वादी ने उपरोǘ Šाथăना-पś के िवɳǪ अपनी आपिǥ (कागज सं० -104ग) मȅ कहा है िक Šितवादी संćया 1 ने Šĥतुत वाद के िववािदत संपिǥ सिहत अęय संपिǥ को सĞमिलत करते ɷए सामाęय वाद संćया 43 वषă 1980 Šĥतुत िकया था िजसमȅ संपूणă िववािदत संपिǥ का मूġयांकन ɳ 25,00,000/- (पċचीस लाख ɳपए) िकया था। उपरोǘ वाद िदनांक 31.01.2017 को िनरĥत ɷआ। Šितवादी संćया 1 ने िसिवल जज Šवर खĔड, लखनऊ के ęयायालय मȅ मूल वाद संćया 1035 वषă 2010 Šĥतुत िकया था जो अभी िवचाराधीन है। अतः इसमȅ िववािदत संपिǥ सूची-ब का मूġयांकन ɳ 2,09,096/- (ɳपए दो लाख नौ हजार िछयाęवे) िकया है। वादी ने वषă 2019 मȅ िववािदत संपिǥ का मूġयांकन ɳ 50,00,000/- (ɳपए पचास लाख) पयाăĚत िकया है। Versus Counsel for Revisionist(s) : Mayankar Singh Counsel for Opposite Party(s): Vaibhav Mishra, Sameer Kumar Singh, Yogesh Singh Smt. Geeta Pandey .....Revisionist(s) Raghavendra Dutt Ram Pandey And Ors. .....Opposite Party(s)
4.
.....Opposite Party(s)
4. आपिǥ मȅ यह भी कहा गया है िक उċच ęयायालय ने िदनांक 16.09.2020 को वाद का शीŏ िनĥतारण देने का िनदȆश िदया था तथा इसके पdzात पुनरीWणकतȃ DZारा Šĥतुत दीवनी पुनरीWण वाद संćया 28 वषă 2023 मȅ पािरत आदेश िदनांक 12.07.2023 से वाद का िनĥतारण 18 माह मȅ करने का िनदȆश िदया था। Šितवादी संćया 1 ने मूġयांकन की आपिǥ माś वाद के िवĥतारण मȅ िवलंब करने की िनयत से Šĥतुत की है।
5. िवचारण ęयायालय ने यह पाया िक Šितवादी-पुनरीWणकतȃ ऐसा कोई साĨय Šĥतुत नहȂ सकी िजससे िववािदत संपिǥ का मूġयांकन करने के िलए कमीशन जारी करना ęयायिहत मȅ आवģयक हो एवं वाद का मूġयांकन कम Šतीत नहȂ होता है एवं पयाăĚत Šतीत होता है।
6. उपरोǘ आदेश की वैधता को चुनौती देते ɷए पुनरीWणकतȃ ने वाद वषă 1980 मȅ Šĥतुत िकया था िजस समय संपूणă संपिǥ का मूġयांकन ɳ 25,00,000/- (पċचीस लाख ɳपए) था। वतăमान मȅ संपिǥ के बाजार भाव काफी बî गए हȈ तथा वषă 2019 मȅ Šĥतुत वाद के िलए तĕसमय Šचिलत बाजार भाव को ɯिǸगत रखते ɷए संपिǥ का मूġयांकन ɳ 50,00,00,000/- (ɳपए पचास करोí) से अिधक है।
7. उǘ तकă का िवरोध करते ɷए िवपWी संćया 1 के िवDZान अिधवǘा ने माननीय उċचतम ęयायालय DZारा भारत भूषण गुĚता बनाम Šताप नारायण वमाă 2022 Vol. 8 SCC 333 के िनणăय का आũय िलया िजसमȅ माननीय उċचतम ęयायालय ने यह अवधािरत िकया है िक वाद के मूġयांकन हेतु संपिǥ का बाजार भाव संगत नहȂ है।
8. ęयायालय फीस अिधिनयम, 1870 की धारा 7 (iv) (ग) के अनुसार तĖयाĕमक आXिĚत, जहां अनुवतȃ अनुतोष भी मांगा गया हो, वाद का मूġयांकन मांगे गए अनुतोष के मूġय पर िनभăर करेगा तथा वादी यह कथन करके िक वह मांगे गए अनुतोष का मूġयांकन िकतना कर रहा है।
9. चूंिक Šĥतुत Šकरण मȅ कोई अनुवतȃ अनुतोष नहȂ मांगा गया है, वाद के मूġयांकन के अनुसार ęयायालय शुġक नहȂ अदा िकया जाना है तथा वादी ने ęयायालय शुġक अिधकतम दो सौ ɳपए माś अदा कर िदया है। ऐसी पिरिĥथित मȅ, जबिक वाद का मूġयांकन बîने से न तो ęयायालय के Wेśािधकार पर Šभाव पíेगा न ही देय ęयायालय शुġक पिरवितत होगा, वादी की ęयायालय शुġक के संबंध मȅ की गई आपिǥ िनरथăक है।
10. डॉ.
सुशील सूरी बनाम हरीश सूरी एवं अęय 2023 (2 ADJ) 552 मȅ इस ęयायालय ने यह अवधािरत िकया है िक जहां ęयायालय को अिसिमत आिथक Wेśािधकार ŠाĚत हो, Šितवादी को वादी DZारा िकए गए वाद के मूġयांकन के संबंध मȅ आपिǥ करने का कोई िनिहत अिधकार नहȂ है तथा वादी DZारा िकया गया वाद का मूġयांकन सही माना जाना चािहए। जहां ęयायालय को ĥवयं यह Šतीत हो िक िकया गया मूġयांकन मनमाना, तकă िवहीन तथा ŠĕयWयता घटाया ɷआ हो, ęयायालय इस संबंध मȅ उिचत आदेश पािरत कर सकता है, िकतु पिरवादी को इस संबंध मȅ कोई अिधकार नहȂ है। Šĥतुत Šकरण मȅ भी वाद िसिवल जज Šवर खĔड के ęयायालय मȅ संिĥथत िकया गया है िजसे असीिमत आिथक Wेśािधकार ŠाĚत हȈ ऐसी पिरिĥथित मȅ Šितवादी को मूġयांकन के संबंध मȅ आपिǥ करने का कोई अिधकार नहȂ है।
11. Šĥतुत Šकरण मȅ वाद मȅ माś घोषणाĕमक आXिĚत मांगी गई है िजस पर अिधकतम देय ęयायालय शुġक दो सौ ɳपए माś है। CLRE No. 47 of 2025 2
12. उपरोǘ िववेचना के आलोक मȅ यह ęयायालय इस िनिdzत मत का है िक िवचारण ęयायालय ने वाद के मूġयांकन के संबंध मȅ Šितवादी संćया 1 की आपिǥ िनरĥत करने मȅ कोई śुिट अथवा अवैधािनकता कािरत नहȂ की है तथा िवचारण ęयायालय के आलोċय आदेश िदनांक 03.09.2025 मȅ िकसी हĥतWेप की आवģयकता नहȂ है।
13. पुनरीWण बलहीन है तथा अंगीकरण के ĥतर पर ही िनरĥत िकया जाता है। . (Subhash Vidyarthi,J.) November 13, 2025 Sumit CLRE No. 47 of 2025 3
Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench