SMT. RUKMANI AND 2 OTHERS v. CIVIL JUDGE J.D. MOHAMMADI KHERI AND ANOTHER
/7062/2025 · 2025-12-12
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 175953 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 7062 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकताăगण के िवDZान अिधवǘा ũी सवȆश कु मार वमाă को सुना तथा पśावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताăगण ने िसिवल जज (अवर खĔड), मोहĞमदी, खीरी, को मूल वाद संćया 29 सन 2024 के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश िदये जाने का अनुरोध िकया है।
3. यािचका मȅ िसिवल जज (अवर खĔड), मोहĞमदी, खीरी को िवपWी बनाया गया है, जबिक सािवśी देवी बनाम िजला जज, गोरखपुर, (1999) 2 SCC 577 एवं जोगेęŝिसहजी िवजयिसहजी बनाम गुजरात राčय, (2015) 9 SCC 1, मȅ माननीय उċचतम ęयायालय ने यह अवधािरत िकया है िक ęयायालय / ęयायािधकरणȋ को यािचकाɛ मȅ िवपWी नहȂ बनाया जा सकता। तėनुसार यह यािचका पWकार के कु संयोजन से ɮिषत है।
4. उपरोǘ मूल वाद बेचेलाल, जो यािचकाकतȃ संćया 1 के पित एवं यािचकाकताă संćया 2 तथा 3 िपता थे, ने िदनांक 23.01.2024 को Šĥतुत िकया था तथा उसी िदनांक को वादी के पW मȅ अĥथायी िनषेधाXा आदेश पािरत हो गया था। मूल वादी बेचेलाल की मृĕयु होने के पdzात यािचकाकताăगण िदनांक 11.02.2025 को Šितĥथािपत ɷए। Šितवादी परशुराम ने िदनांक 20.09.2025 को Šितवाद-पś Šĥतुत िकया है। इस ĥतर पर यािचकाकताăगण वाद के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश देने ɷए इस ęयायालय के समW आये हȈ।
5. यह तĖय सवăिविदत है िक सभी ęयायालय कायă की अिधकता से जूझ रहे हȈ तथा ęयायालयȋ मȅ काफी पुराने Šकरण लंिबत हȈ। ऐसी पिरिĥथित मȅ, जबिक वाद माś वषă 2024 मȅ Šĥतुत िकया गया है, वाद मȅ यािचकाकताăगण के पW मȅ अĥथायी Dzादेश Šभावी है एवं अभी Šकरण मȅ माś Versus Counsel for Petitioner(s) : Sarvesh Kumar Verma Counsel for Respondent(s) :
Smt. Rukmani And 2 Others .....Petitioner(s) Civil Judge J.D. Mohammadi Kheri And Another .....Respondent(s)
Šितवाद-पś Šĥतुत ɷआ है तथा वाद िबęɭ भी िवरिचत नहȂ ɷए हȈ, वाद के शीŏ िनĥतारण का िनदȆश देने का कोई औिचĕय नहȂ है।
6. तėनुसार, यािचका िनरĥत की जाती है। December 12, 2025 Ankit A227 No. 7062 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench