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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 17562 (ALL)
SHASHI PRAKASH SINGH @ RAJU YADAV v. STATE OF U.P.
BAIL/4573/2025 · 2025-05-13
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 17562 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:79724 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4573 of 2025 Applicant :- Shashi Prakash Singh @ Raju Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ajay Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक शशश प्रकमाश सससिंह उरर रमाजजू यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 410/2024, अन्रररर धमारमा (109), 115(2) बब.एन.एस, रमानमा लमालपमुर पमाणण्डिवेयपमुर, सजलमा वमारमारसब मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर शकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे शवदमान असधवक्तमा एवसिं शवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन शकयमा।
3. आववेदक कवे शवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर शकयमा शक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवसिं रजर्जी ढसिंर सवे झजूठमा रसिं समायमा रयमा हहै , उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं शकयमा हहै। उन्हहोंनवे न्यमायमालय कमा ध्यमान शवववेचक दमारमा ममुकदममा कवे ससिंदवेहब ररन रमुपमा पमुत मसिंरलमा प्रसमाद रमुपमा कवे बयमान ककी ओर आकक ष्ट शकयमा सजसमम उसकवे दमारमा करन शकयमा रयमा शक सच्चमाई यह हहै शक मम, शदनमासिंक 24.11.2024 कको ममुनमा यमादव नवे ममुझवे व शशश प्रकमाश सससिंह कको बमुलमाकर कहमाहाँ शक आज रमासिंव मम बमारमार आनवे वमालब हहै, रमाहाँव मम चहल पहल रहवेरब, ममौकमा अच्छमा हहै आज इसकको सबक ससखमानमा हहै। शकसब बहमानवे सवे चन्दन कको समार लवेकर शशश प्रकमाश ससह कवे कमरवे पर लवे चलमा जमाए, आज मम इसकको छकोण्डिजूसिंरमा नहहीं। रमार कको मम और चन्दन अकरमा दवेशब शरमाब कवे ठवेकवे पर शरमाब पब रहवे रवे, जहमाहाँ ममुनमा यमादव भब वहमाहाँ आ रयमा। शरर मम और ममुनमा यमादव पजूवर मम बनमायब रयब यकोजनमा कवे रहर चन्दन कको लवेकर शशश प्रकमाश सससिंह कवे कमरवे पर पहहहाँचवे , जहमाहाँ शशश प्रकमाश सससिंह पहलवे सवे ममौजजूद रवे। कमरवे कवे अन्दर बहैठकर सभब लकोरहों शरमाब शपयमा और ममुनमा यमादव व चन्दन कवे बबच हमारमापमाई हकोनवे लरब। जब चन्दन अत्यसधक नशवे मम हको रयमा रब ममुनमा यमादव नवे अपनवे समार लमायवे रयवे शपस्टल सवे चन्दन कको जमान सवे ममारनवे कवे सलए उसकवे ससर मम रकोलब ममार दब। सजससवे वह रम्भबर रूप सवे घमायल हको रयमा और उसकवे सर सवे कमारकी खमुन बहनवे लरमा और चन्दन बवेहकोश हको रयमा।
5.
उक्त बयमान अवलकोकन सवे यह दशशरर हकोरमा हहै शक ररमाकसरर घटनमा मम आववेदक ककी ककोई शवशशष्ट भजूशमकमा नहहीं हहै। ररमाकसरर घटनमा मम ममुख्य भजूशमकमा ममुनमा यमादव ककी हहै। उनकमा करन हहै शक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन शदयमा रयमा हहै शक वह कमानजून ककी प्रशक्रियमा मम
सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे शवचमारर न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शररसिं कको स्वबकमार करनवे कवे सलए भब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोशपर करवेरब। आववेदक शनदरष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम शद० 17.12.2024 सवे कमारमारमार मम शनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ शदयमा जमाय।
6. शवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे शवदमान असधवक्तमा कवे रकर कमा प्रबल शवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर शकयमा शक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ससिंजवेय एवसिं रसिंम्भबर प्रकक शर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
7. आववेदक कवे शवदमान असधवक्तमा कवे रकरसिं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्यहों एवसिं पररणस्रशरयहों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबजूरहों ककी प्रकक शर और शकसब भब ठकोस शवरकोधमात्मक समामग्रब ककी अनमुपणस्रशर एवसिं उपलब्ध समामग्रब सवे छवेड़छमाड़ ककी ससिंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
8. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर शबनमा ककोई शटप्परब शकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वशररर अपरमाध मम ससिंबसिंसधर न्यमायमालय ककी सन्रमुशष्ट पर व्यशक्तरर बसिंध -पत एवसिं उसब धनरमाशश कवे दको प्रशरभजू प्रस्रमुर करनवे पर शनम्नसलसखर शररसिं कवे समार जममानर पर छकोड़ शदयमा जमाय।
1. आववेदक शवववेचनमा यमा परबक्षर कवे दमौरमान अशभयकोजन समाक्ष्यहों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अशभयकोजन समाशक्षयहों व पबशड़रमा/ शशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशहों कमा पमालन करवेरब, वह परबक्षर कवे दमौरमान शबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए शनयर शरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसिंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहब करवेरमा और शकसब भब अपरमासधक रशरशवसध मम सलप नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5.
आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यहों सवे पररशचर शकसब भब व्यशक्त
यमा पमुसलस असधकमाररयहों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यहों कको उजमारर करनवे सवे शवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शररसिं मम सवे शकसब कवे उलसिंघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर शनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरसिंत हहै। Order Date :- 14.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad