M/S MAYA PHARMACY THRU. PROPRIETOR SHASHI PAL SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. FOOD SAFETY AND DRUG ADMINISTRATION LKO. AND 4 OTHERS
WRIC/10525/2025 · 2025-12-03
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 175582 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW WRIT - C No. - 10525 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. राčय सरकार की तरफ से Šित शपथ-पś Šĥतुत िकया िजसे अिभलेख पर िलया जाए।
2. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी िवनीत कु मार पाĔडेय तथा राčय सरकार के िवDZान ĥथायी शासकीय अिधवǘा ũी राɷल शुĆला को सुना।
3. इस िरट यािचका के माĘयम से यािचकाकताă ने खाǯ सुरWा एवं औषिध Šशासन सहायक आयुǘ (औषिध)/औषिध अनुXापन अिधकारी, कानपुर मंडल, कानपुर DZारा पािरत कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 की वैधता को चुनौती दी है, िजसके DZारा यािचकाकताă का औषिध लाइसȅस संćया UP75200000414, औषिध लाइसȅस संćया UP75210000414, औषिध लाइसȅस संćया UP7520B000504 तथा औषिध लाइसȅस संćया UP7521B000503 को िनरĥत कर िदया गया, उǘ कायाăलय आदेश मȅ अंिकत है िक िदनांक 04.04.2024 को औषिध िनरीWक, इटावा DZारा एक Dzिǘ अिभषेक पाल की उपिĥथित मȅ यािचकाकताă फमă का िनरीWण िकया गया। िनरीWण के समय Šितǹान मȅ िनĞनिलिखत अिनयिमतताएं पाई गəः-
"1. िनरीWण के समय Šोपराइटर / फामाăिसĥट उपिĥथत नही पाया गये, जो िक सुमन िवǯापीठ कालेज मȅ िŠिसपल के ɴप मȅ कायăरत है।
2. औषिध लाईसेęस Šितǹान मȅ Šमुख ĥथान पर Šदिशत नही पाया गया है।
3. Šितǹान DZारा औषिधयȋ के िबŌय हेतु सेल इęवाइस/कै श मीमो जारी नहȂ िकये जा रहे थे।
4. कालातीत औषिधयȋ को रखने हेतु पृथक जगय िनधाăिरत पर लेिवल लगा नही पाया गया है। 5 िसǢूल एच-1, औषिधयȋ के िबŌय अिभलेख / रिजĥटर नहȂ पाया गया।
6. पशुिचिकĕसा औषिधयȋ को रखने हेतु पृथक जगय िनधाăिरत नहȂ की गयी है।
7. िनरीWण आćया मे Ōम संćया-16 (नमूना सं०- Versus Counsel for Petitioner(s) : Vineet Kumar Pandey, Dharmendra Singh Counsel for Respondent(s) : C.S.C. M/S Maya Pharmacy Thru. Proprietor Shashi Pal Singh .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Food Safety And Drug Administration Lko. And 4 Others .....Respondent(s)
ETW/RJT/APR/2024/02 Trifol Cap. व नमूना सं०- ETW/RJT/APR/2024/03 Emofex Cap.) एवं 18 पर अंिकत औषिधयȋ के Ōय-िवŌय अिभलेख मौके पर Šĥतुत नहȂ िकये गये।"
4. उǘ कायाăलय आदेश मȅ अंिकत है िक पाई गई किमयȋ के संबंध मȅ कारण बताओ नोिटस िदनांक 22.07.2024 िनगăत िकया गया, िजस पर जवाब फमă DZारा Šĥतुत नहȂ िकया गया है।पूवă मȅ फमă संचालक शशी पाल िसह ने अपने पś िदनांक 10.04.2024 Šĥतुत िकया िजसमȅ िदया गया जवाब असंतोषजनक है।
5.
यािचकाकताă ने कथन िकया है िक कारण बताओ नोिटस िदनांक 22.07.2024 का उǥर यािचकाकताă ने अपने पś िदनांक 04.08.2024 DZारा िदया था जो पś पंजीकृ त डाक के माĘयम से भेजा गया था। यािचकाकताă ने उǘ आदेश के िवɳǪ िनयम 66 (2) औषिध एवं Šसाधन िनयमावली, 1945 के अंतगăत अपील Šĥतुत की िजसमȅ उसने ĥपǸ ɴप से यह कहा िक कारण बताओ नोिटस िदनांक 22.07.2024 के उǥर मȅ यािचकाकताă ने अपना ĥपǸीकरण संबंिधत अिभलेखȋ के साथ िदनांक 04.08.2024 को रिजĥटडă डाक के माĘयम से भेज िदया था। अपील के संदभă मȅ औषिध िनरीWक ने Šĥतरवार िटĚपणी Šĥतुत की िजसमȅ यह कहा गया िक यािचकाकताă ने अपने िदनांक 04.08.2024 के साथ औषिध अनुXिĚत, आधार काडă व इनवॉइस की Šितिलिप संलĈन कर कारण बताओ नोिटस िदनांक 22.07.2024 के संदभă मȅ अपना ĥपǸीकरण Šĥतुत िकया था जो िक असंतोषजनक व बलहीन पाया गया।
6. उपरोǘ से यह ĥपǸ है िक कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 मȅ अंिकत यह कथन िक यािचकाकताă-अनुXापी ने कारण बताओ नोिटस िदनांक 22.07.2024 का जवाब Šĥतुत नहȂ िकया है, गलत है।
7. औषिध एवं Šसाधन सामŎी िनयमावली, 1945 के िनयम 66 मȅ यह Šावधान है िक औषिध अनुXिĚत कारण बताओ नोिटस देने के उपरांत ही िनलंिबत अथवा िनरĥत की जा सकती है। जब यािचकाकताă ने कारण बताओ नोिटस का उǥर Šĥतुत िकया था, िजस उǥर की ŠािĚत अपील के संदभă मȅ Šĥतुत की गई िलिखत िटĚपणी मȅ ĥवीकार की गई है, यािचकाकताă के औषिध अनुXिĚत का िनलंबन यह कहते ɷए करना िक यािचकाकताă ने कारण बताओ नोिटस का कोई उǥर नहȂ िदया, पूणăतया अवैधािनक है।
8.
आलोċय कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 मȅ यह अंिकत है िक यािचकाकताă ने पूवă मȅ एक पś िदनांक 10.04.2024 से जवाब िदया था जो जवाब असंतोषजनक है, भी अनुिचत है, Ćयȋिक यिद यािचकाकताă-अनुXापी ने कोई उǥर िदया तो उसको माś एक शĜद असंतोषजनक कह कर अĥवीकार नहȂ िकया जा सकता तथा जवाब मȅ उठाए गए िबɭɛ की समीWा करते ɷए एक मुखिरत आदेश पािरत िकया जाना अिनवायă है।
9. यािचकाकताă DZारा कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 के िवɳǪ Šĥतुत अपील िदनांक 02.07.2025 के आदेश से िनरĥत कर दी तथा अपीलीय अिधकारी ने यािचकाकताă DZारा कहे गए तĖयȋ को माś अंिकत कर िदया, िकतु िबɭवार समीWा िकए िबना माś एक शĜद से ĥपǸीकरण को असंतोषजनक कह िदया।
10. उपरोǘ पिरिĥथितयȋ मȅ इस ęयायालय का यह सुिनिdzत मत है िक यािचकाकताă के औषिध अनुXिĚत कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 DZारा िबना उसके ĥपǸीकरण मȅ उठाए WRIC No. 10525 of 2025 2
गए िबɭɛ पर िवचार िकए ɷए िनरĥत की गई है तथा अपीलीय अिधकारी ने भी यािचकाकताă के ĥपǸीकरण मȅ उठाए गए िबɭɛ के गुण-दोष पर कोई समीWा नहȂ की है। िजस कारण से उǘ दोनȋ आदेश िविध मȅ संभाDz नहȂ है।
11. तदनुसार, िरट यािचका स्वीकार की जाती है। अपील आदेश िदनांक 02.07.2025 व अनुXिĚत िनरĥतीकरण का कायाăलय आदेश िदनांक 13.11.2024 िनरĥत िकए जाते है। Šकरण इस िनदȆश के साथ ŠितŠेिषत िकया जाता है िक यािचकाकताă के ĥपǸीकरण िदनांक 04.08.2024 मȅ (इस यािचका के साथ संलĈनक संćया 8 के ɴप मȅ संलĈन है) उठाए गए िबɭɛ पर सĞयक िवचार करते ɷए िविध के अनुसार पुनः एक नवीन मुखिरत आदेश Šकरण के गुण-दोष पर शीŏतापूवăक पािरत करȅ। आदेश पािरत करने के पूवă यािचकाकताă को सुनवाई का समुिचत अवसर िदया जाएगा तथा यािचकाकताă कायăवाही मȅ अपना सहयोग सुिनिdzत करȅगे।
12.
यािचकाकताă ने िजला अिधकारी इटावा को िदनांक 27.11.2024 को एक Šाथăना-पś देकर जनपद इटावा मȅ चल रही नकली एवं ĥटेरॉडल दवाइयȋ की िबŌी के संबंध मȅ एक िशकायत करके एक टीम बनाकर फजȃवाíे एवं ţǸाचार की जांच करवाने का अनुरोध िकया है िजसके पिरपेĨय मȅ कायăवाही की गई तथा गुĚता फामाă एंड कं पनी पर छापा मारा गया िकतु इस संबंध मȅ छापे के समय फमă से संबंिधत अिभलेख Šĥतुत नहȂ िकए गए। यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा का कथन है िक छापे की उǘ कायăवाही से यह िसǪ हो गया गुĚता फामाă वाĥतव मȅ Dzवसाय कर रही थी। यिद गुĚता फामाă के पास आवģयक अिभलेख नहȂ थे तो इसके िलए गुĚता फामाă के संचालक के िवɳǪ ही कायăवाही की जा सकती है तथा यािचकाकताă को इस संदभă मȅ दिĔडत नहȂ िकया जा सकता है।
13. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने कहा िक यािचकाकताă को यह सब िबɭ उठाते ɷए पुनः एक ĥपǸीकरण Šĥतुत करने की अनुमित दी जाए तथा उसका Šकरण पूवă अिधकारी से िभęन कोई अिधकारी िनणȃत करȅ।
14. तदनुसार, यह आदेश िकया जाता है िक यािचकाकताă इस आदेश की ितिथ से एक सĚताह के भीतर अपना ĥपǸीकरण आयुǘ औषिध को Šĥतुत करके Šकरण के िनĥतारण के िलए िकसी अęय अिधकारी को नािमत करने हेतु Šाथăना-पś देगा िजस संबंध मȅ औषिध आयुǘ समुिचत आदेश पािरत करȅ। इसके उपरांत Šकरण मȅ दो सĚताह के भीतर यािचकाकताă को सुनवाई का उिचत अवसर देते ɷए नवीन आदेश पािरत िकया जाए। December 3, 2025 Sumit WRIC No. 10525 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench