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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 173708 (ALL)

MUKESH SHUKLA v. INDRA DEVI AND ANOTHER

A227/6470/2025 · 2025-11-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW MATTERS UNDER ARTICLE 227 No. - 6470 of 2025 Court No. - 17 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ũी अशोक कु मार यादव को सुना व पśावली का अवलोकन िकया। 2. भारतीय संिवधान के अनुċछेद 227 के अंतगăत Šĥतुत इस यािचका DZारा यािचकाकताă ने िसिवल जज (अवर खĔड), रामसनेहीघाट, कोटă नं० 14, बाराबंकी को मूल वाद संćया 173 वषă 2023 मȅ पािरत आदेश िदनांक 15.05.2025 की वैधता को चुनौती दी है िजसके DZारा यािचकाकताă-वादी का Šाथăना-पś अंतगăत आदेश 39 िनयम (1) Dzवहार ŠिŌया संिहता िनरĥत कर िदया गया। 3. उǘ आदेश के िवɳǪ यािचकाकताă ने Šकीणă Dzवहार अपील संćया 20 वषă 2025 Šĥतुत की थी िजसे जनपद ęयायाधीश बाराबांकी ने अपने िनणăय तथा आदेश िदनांक 13.08.2025 के माĘयम से िनरĥत कर िदया एवं इस यािचका के माĘयम से उपरोǘ दोनȋ आदेशȋ की वैधता को चुनौती दी है। 4. उपरोǘ वाद यािचकाकताă ने ĥथायी िनषेधाXा के अनुतोष हेतु Šĥतुत िकया तथा वाद-पś की Šित यािचका के साथ संलĈन नहȂ की गई है। 5. यािचकाकताă DZारा उपिĥथत अĥथायी िनषेधाXा Šाथăना-पś मȅ यह कहा िक िववािदत संपिǥ यािचकाकताă के मकान का सहन है िजसे वादी अपने मकान के पूरब तरफ िĥथत इंटरलॉिकग रोड पर घर से िनकलकर जाने के िलए राĥते के ɳप मȅ भी Šयोग करता है। िववािदत संपिǥ की माप लगभग 40ंx40 फीट है िजसकी सीमाएं िनĞन Šकार हȈः- पूरब- इंटरलॉिकग रोड पिdzम- मकान वादी उǥर- अरिवęद िमũा का मकान Versus Counsel for Petitioner(s) : Ashok Kumar Yadava, Abhaya Pandey Counsel for Respondent(s) : Mukesh Shukla .....Petitioner(s) Indra Devi And Another .....Respondent(s) दिWण- ĥथान Šितवादी का 6. Šितवादीगण के ĥथान को वादी ने खĔडर ĥवɴप तक बताया है वादी ने यह भी कहा िक Šितवादी संćया 1 ने अपने एक पुś (Šितवादी संćया 2) को अपना अंश दे िदया है तथा Šितवािदनी संćया 1 के पित अपने अęय पुśȋ के साथ अयोĘया मȅ िनवास करते हȈ। वादी भी लखनऊ मȅ िनवास करता है तथा पैśक ĥथान पर आता-जाता रहता है। वादी का ɮसरा भाई मनीष अपनी मां के साथ गांव मȅ Šģनगत संपिǥ से पिdzम िदशा मȅ थोíी ɮर ɮसरे मकान मȅ रहता है। वादी की 3-4 माह की अनुपिĥथित का लाभ उठाकर Šितवादीगण ने वादी की Dzिǘगत संपिǥ पर 10फीट बîाकर एक दीवार खíी कर कĜजा कर िदया है। Šितवादीगण ने अपनी आपिǥ मȅ कहा िक वादी का िववािदत संपिǥ से कोई संबंध नहȂ है। िववािदत संपिǥ कभी भी वादी का सहन नहȂ रही है। Šितवादीगण ने वादी की िकसी संपिǥ पर िकसी Šकार का िनमाăण नहȂ कराया तथा वादी DZारा कहा िनमाăण Šितवादीगण ने अपनी संपिǥ पर कराया है। 7. िवचारण ęयायालय ने आयुǘ आćया का वणăन िकया है िजससे वादी का कĜजा िसǪ नहȂ होता। अतः िवचारण ęयायालय ने पाया िक वादी ŠथमɯǸया वाद िसǪ नहȂ कर पाया। इसी आधार पर सुिवधा का संतुलन व अपूरणीय Wित भी वादी के िवɳǪ तय की गई। 8. अपीलीय ęयायालय ने भी िवचारण ęयायालय के आदेश को पुǸ कर िदया। 9. आलोċय आदेशȋ की वैधता को चुनौती देते ɷए यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा ने तकă िदया िक आयुǘ DZारा िनरीWण के समय वादी ने Šģनगत संपिǥ पर अपने कĜजा होना कहा था िजस तĖय को आयुǘ आćया मȅ अंिकत नहȂ िकया गया है। 10. ĥथानीय िनरीWण के समय आयुǘ को माś ĥथल पर िĥथित को देखकर अपनी आćया देनी होती है तथा आयुǘ को पWकारȋ के बयान लेने, उęहȅ अंिकत करने तथा उसके आधार पर अपना अिभमत देने का कोई अिधकार नहȂ होता है। 11. इस ęयायालय के समW भी िववािदत संपिǥ पर वादी के अĘयासन के संबंध मȅ न तो कोई सामŎी Šĥतुत की गई है और न ही इस संबंध मȅ यािचकाकताă के िवDZान अिधवǘा कोई तकă Šĥतुत कर सके । 12. तदनुसार, ęयायालय इस ĥपǸ मत का है िक आलोċय आदेशȋ मȅ कोई śुिट अथवा अवैधािनकता नहȂ है। यािचका बलहीन है एवं तदनुसार िनरĥत की जाती है। November 15, 2025 Sumit A227 No. 6470 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench