RAM PRAVESH YADAV and OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME. LKO and OTHERS
A482/1909/2021 · 2025-12-11
Gautam Chowdhary
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 173408 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW APPLICATION U/S 482 No. - 1909 of 2021 Court No. - 29 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण राम Šवेश यादव एवं अęय की ओर से धारा 482 दं०Š०सं० के अęतगăत यह आवेदन पś, मु०अ०सं० 155/2019 अęतगăत धारा 498ए/ 323/ 504/ 506 भा०दं०िव० एवं 3/4 दहेज Šितषेध अिधिनयम, थाना मिहला थाना, िजला Šतापगî मȅ Šेिषत आरोप पś िद० 27.05.2020 से उǭूत आपरािधक वाद सं० 5627 सन 2020 मȅ अपर िसिवल जज(जू.िड.)/जे.एम. कW सं. 18 Šतापगî, DZारा पािरत ŠसंXान/तलबी आदेश िद० 13.08.2020 के िवɳǪ दायर िकया गया है।
2. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा एवं िवDZान अपर शासकीय अिधवǘा िवǶास सराĥवत को सुना तथा पśावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा के तकȍ को ũवणोपराęत, पśावली के पिरशीलन से ęयायालय ने पाया िक Šथम सूचना िरपोटă मȅ लगाए गए आरोप एक संXेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हȈ और वह आरोप की गयी िववेचना के उपराęत लगाए गए हȈ। उन आरोपȋ को इस ęयायालय DZारा धारा 482 दं०Š०सं० के तहत अपनी शिǘ का Šयोग करते ɷए, जॉच के दौरान एकś की गयी सामŎी के आरोपȋ की शुǪता और िवǶसनीयता का आकलन करने की आवģयकता नहȂ है। इस ĥतर पर आवेदकगण/अिभयुǘगण के िववािदत बचाव पर िवचार नहȂ िकया जा सकता है। तėनुसार आरोप पś या उपरोǘ वाद की कायăवाही को रǩ करने की Šाथăना और पिरणामी कायăवाही अĥवीकृ त की जाती है।
4. इस ĥतर पर, आवेदकगण के िवDZान अिधवǘा का अनुरोध है िक आवेदकगण को अभी तक उपरोǘ मामले मȅ िगरफ् तार नहȂ िकया गया है और पुिलस आवेदकगण को िगरफ् तार करने के Šयास मȅ है, और संबंिधत अवर ęयायालय DZारा आवेदकगण के िखलाफ दĔडाĕमक ŠिŌया जारी की जा सकती है, इसिलए आवेदकगण के जमानत आवेदन पś पर िवचार करने के िलए Versus Counsel for Applicant(s) : Ravindra Prakashojha Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ram Pravesh Yadav And Others .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Secy. Home. Lko And Others .....Opposite Party(s)
संबंिधत अवर ęयायालय को िनदȆश जारी कर िदया जाय।
5. माननीय उċचतम ęयायालय DZारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Apecial Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के Šकरण को आदेश िद० 7-10-2021 DZारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदȆश देते ɷए िनĥतािरत िकया जा चुका है, इसके पdzात् अब संबंिधत अवर ęयायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंिśत करने वाले वैधािनक Šािवधानȋ को Šभािवत िकए िबना, इस ęयायालय DZारा कोई िविशǸ िनदȆश जारी करने की आवģयकता नहȂ है, Ćयȋिक यह अपेWा की जाती है िक संबंिधत िवचारण ęयायालय आवेदक के जमानत Šाथăना पś को िनĥतािरत करते समय माननीय उċचतम ęयायालय DZारा पहले से जारी आवģयक िदशा-िनदȆशȋ को Ęयान मȅ रखेगा।
6. उǘ वाद मȅ यिद कोई अंतिरम आदेश हो तो उसे िनĤŠभावी समझा जाए।
7. उपरोǘ िटĚपिणयȋ के साथ, यह आवेदन पś अिęतम ɴप से िनĥतािरत िकया जाता है। December 11, 2025 S.Mishra A482 No. 1909 of 2021 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench