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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7085 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीिक्षत वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 436/2024 अन्तगर्त धारा 107/ 64 बी.एन.एस. एवं 66ई/ 67 आई.टी. एक्ट एवं 3/4, 16/17 पाक्सो एक्ट, थाना लोिहया नगर, िजला मेरठ में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। उक्त वाद में िववेचक द्वारा जब वायरल वीिड़यों को ध्यान से अवलोकन िकया गया तो पता चला िक इंस्टाग्राम आईडी tanu27352 का उपयोग पीिड़ता द्वारा िकया गया था और वह सह-आरोपी व्यिक्त आयुष कसाना की आईडी, जो िक ayushkasana0080 थी, के साथ बातचीत कर रही थी और उक्त अवलोकन से यह स्पष्ट है िक उक्त वीिडयो को स्क्रीन िरकॉिडग ऐप का उपयोग करके उक्त इंस्टाग्राम आईडी ayushkasana0080 वाले व्यिक्त द्वारा िरकॉडर् िकया गया था साथ ही सह अिभयुक्त अंकु र कसाना की आईडी @ankur_kasana_fafunda के नाम से भी पीिड़ता की कई तस्वीरें और वीिडयो सोशल मीिडया पर पोस्ट िकए हैं और बचाव पक्ष ने स्वयं स्वीकार िकया है। सहअिभयुक्त अंकु र कसाना के िखलाफ उक्त साक्ष्य को दिशत करते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा िदनांक 05.05.2025 को जमानत िनरस्त कर दी गयी थी। परन्तु उक्त सहअिभयुक्त अंकु र कसाना की जमानत उच्चतम न्यायालय द्वारा िदनांक 15.10.2025 को स्वीकार कर ली गयी। इसप्रकार आवेदक की भूिमका भी सहअिभयुक्त अंकु र कसाना के समान है इसिलए आवेदक भी समानत के आधार पर जमानत पाने का अिधकारी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी Versus Counsel for Applicant(s) : Mohit Kumar Baisla, Rahul Mishra, Rajan Mishra Counsel for Opposite Party(s) : Aniruddh Tiwari, Arvind Nath Verma, Ashutosh Singh, G.A., Manish Dev, Neetu, Varun Dev Sharma Ayush Kasana .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 29.09.2024 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य प्रश्नगत प्रकरण में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
1. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
1. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
1. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
1. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 29, 2025 S.Mishra BAIL No. 7085 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad