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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19420 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 172/2025, अन्तगर्त धारा 70(1)/ 351(2) बी.एन.एस., थाना इन्द्रापुरम, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चन्दन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक का उक्त मुकदमें से कोई भी लेना देना नहीं है। प्रथम सूचना िरपोटर् में घटना िदनाँक 08.02.2025 समय 19.00 बजे जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् िदनाँक 10.02.2025 समय 15.52 बजे पंजीकृ त करायी है। प्रथम सूचना िरपोटर् को देरी से िलखाने का कोई भी कारण नही बताया है। आवेदक यशोदा हॉिस्पटल वसुन्धरा गािजयाबाद में एडिमन के पद पर कायर्रत है तथा वादनी भी उपरोक्त अस्पताल में जॉब करती है चूंिक आवेदक उपरोक्त अस्पताल का एडिमन इंचाजर् है इसी कारण वादनी आये िदन अपने आपको उपरोक्त अस्पताल में उच्च पद पर िनयुक्त करने का दबाव देती थी। आवेदक वादनी को समझाता िक िकसी को भी उच्च पद िनयुक्त करने का उसका कोई क्षेत्रािधकार नहीं है। अभी आपकी कोई योग्यता भी नहीं है, आपकी उम्र भी 19 वषर् है तथा अभी आपको इस अस्पताल में नौकरी करते हुये मात्र 3 माह ही हुये है और ना ही आपको कोई अनुभव है। इस कारण मैं आपकी कोई मदद नही कर सकता। आवेदक िदल्ली का िनवासी है तथा वादनी मधुबनबापूधाम गािजयाबाद में िनवास करती है दोनों का रास्ता एक दम िवपिरत है। इस कारण आवेदक का वादनी को घर छोडने का आरोप सरासर बेबुिनयाद है। वादनी के द्वारा चलती हुयी कार में अपने साथ घटना का होना बताया है जबिक िजस रोड की घटना बतायी है वह काफी व्यस्त रहने वाली रोड है तथा शाम के समय अकसर उस रोड पर हमेशा जाम की िस्थित रहती है इस कारण से घटना का होना नामुमिकन है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी Versus Counsel for Applicant(s) : Ajay Singh Yadav, Gautam, Nafees Ahmad Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ajeet Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 11.02.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक पीिडता द्वारा अपनी तहरीर में कथन िकया गया है िक अजीत ने वािदनी को जबरदस्ती पीछे वाली सीट पर लेटाया तथा िकस िकया तथा वािदनी के कपड़े उतारने लगे। वािदनी िचल्लाती रही, लेिकन दोनों में वािदनी को नहीं छोड़ा तथा वािदनी के साथ में अजीत ने वािदनी का पेंट खोलकर वािदनी का बलात्कार िकया है। वािदनी बेहोशी की हालत में थी। वािदनी अपने कपड़े भी ठीक नहीं कर पा रही थी। वािदनी को पेंट भी अजीत ने पहनाया तथा वािदनी को डराते हुए धमकी दी िक अगर िकसी से कहोगी, तो हम कहीं का नहीं छोड़ेंगे। पीिडता द्वारा अपने धारा 180 बी०एन०एस० के बयानों में कथन िकया है िक "अजीत मेरे बराबर में पीछे व िजतेंद्र गाड़ी चला रहा था। िवश्वकमार् चौक से सब्जीमंडी जाने वाले रास्ते पर अजीत ने मेरा बलात्कार िकया। अजीत व िजतेंद्र ने मुझे बोला िक यिद िकसी को बताया, तो तुझे जान से मार देंगे।' पीिड़ता द्वारा अपने धारा 180 बी०एन०एस० के बयानों में कथन िकया है िक 'िजतेंद्र व अजीत ने मुझे अभद्र बातें कहीं, अजीत ने मेरे कपड़े उतारे, मेरा शटर् उपर की, मेरी छाती पर िकस की, िफर मेरी पेंट आिद उतारी, िफर मेरे साथ बलात्कार िकया। अजीत ने मुझे मोहननगर पर उतारा था तथा धमकी दी िक अगर िकसी को बताया, तो तुम्हार िजदगी बरबाद कर देंगें पीिड़ता द्वारा अपनी तहरीर, बयान धारा धारा 180 बी०एन०एस० व 183 बी०एन०एस० में अिभयुक्त अजीत बलात्कार करना बातया गया है। अिभयुक्त द्वारा अिभयुक्त द्वारा आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता द्वारा अपने धारा 180/183 बी.एन.एस.एस उक्त घटना में आवेदक की मुख्य भूिमका स्पष्ट की गयी है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 27, 2025 S.Mishra BAIL No. 19420 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad