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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 28285 of 2024 Court No. - 65
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 126/2024 , अन्तगर्त धारा 376, 326-ए, 506, 304 भा०दं०िव०, थाना पुरनपुर, िजला पीलीभीत में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चन्दन िसह द्वारा अनुपालन शपथपत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। अिभयोगी द्वारा प्रथम सूचना िरपोटर् में आवेदक का पीिड़ता/मृतका के साथ प्रेम-संबंध में होने व बाद में कितपय िववाद हो जाने के उपरांत घटना के तत्समय आवेदक द्वारा पीिड़ता/मृतका को तेजाब िपलाने, िजसके कारण पीिड़ता/मृतका का स्वास्थ्य खराब होने का आक्षेप विणत िकया गया है तथा इलाज के दौरान पीिड़ता/मृतका द्वारा अपने धारा 161 दं०प्र०सं० के बयान में भी आवेदक पर तेजाब िपलाने का अिभकथन िकया गया, िकतु इस मामलें में सुसंगत तथ्य भी यह है िक आवेदक द्वारा किथत पीिड़ता को आवेदक द्वारा कोई तेजाब नहीं िपलाया गया, क्योंिक इसकी पिरपुिष्ट पीिड़ता/मृतका के िवसरा िरपोटर् के अनुसार हो रही है, िजसके पिरक्षण पिरणाम में िवसरा के भागो (1-5) में कोई रासायिनक िवष नहीं पाया गया। िजससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयोजन के िवरूद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 07.04.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए Versus Counsel for Applicant(s) : Ali Hasan, Atul Pandey, Istiyaq Ali Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Arman Ali .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6.
उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 30, 2025 CP.sahani BAIL No. 28285 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad