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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 171313 (ALL)

BADAL v. State of U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/36529/2024 · 2025-10-29

Public Interest Litigationbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 36529 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 112/2024 , अन्तगर्त धारा 363, 376 भा०दं०िव० एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट, थाना एक्प्रेसवे, िजला गौतम बुद्ध नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के सहयोगी िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के सहयोगी िवद्वान िद्वतीय पूरकशपथ पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेदक एक वषर् से अिधक समय कारागार में िनरूद्ध है, िकतु अिभयोजन साक्षी सं०1/सूचनाकतार् मामलें के सत्र परीक्षण में उपिस्थत नहीं हो रहा है, िजसके कारण उसके िवरूद्ध जमानतीय अिधपत्र भी िनगर्त िकया जा चुका है। किथत पीिड़ता के द्वारा अपने 161 दं०प्र०सं के बयान में आवेदक के साथ स्वेच्छा से जाने व पित-पत्नी के रूप रहने का कथन िकया गया है, िकतु अपने धारा 164 दं०प्र०सं० के बयान अपने पिरजनों के दबाव में आवेदक के िवरूद्ध िदया गया है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक व पीिड़ता का िववाह हो चुका है, िजसका िववाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अनुलग्नक-7 पर संलग्न है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक किथत पीिड़ता व आवेदक पित-पत्नी है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 23.07.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर Versus Counsel for Applicant(s) : Kapil Tyagi, Vivek Singh Counsel for Opposite Party(s) : Dhirendra Bahadur Singh, G.A. Badal .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। 6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 30, 2025 CP.sahani BAIL No. 36529 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad