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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 170116 (ALL)

VIKKY RASTOGI @ VIKAS RASTOGI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO

BAIL/13080/2024 · 2025-05-06

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26463 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 13080 of 2024 Applicant :- Vikky Rastogi @ Vikas Rastogi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko Counsel for Applicant :- Gauri Suwan Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री गगौरश्री ससुविन पप्राण्डम तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशसुमप्रान विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा ( . . . .) B N S S मम पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नने मसुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 123 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 103(1), 61(2), 238 एविअं 191 बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा हिसनगअंज, धजलप्रा लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राअंक 27.09.2024 कको तश्रीन नप्रावमत व्यवकयय, धजसमम पप्रारर्थी समममधलत नहिहीं हिहै, तरप्रा एक अन्य व्यवक कने वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा कप्रा छकोरप्रा भप्राई शनेरखप्रान वदनप्राअंक 14.09.2024 कको लगभग 10-11 बजने वदन मम घर सने वनकलप्रा तरप्रा विप्रापस नहिहीं आयप्रा। वदनप्राअंक 16.09.2024 कको उसककी गसुमशसुदगश्री कने सअंबअंधि मम वशकप्रायतकतर्थी नने पप्रारर्मानप्रा पत वदयप्रा रप्रा। वदनप्राअंक 23.09.2024 कको शप्राम 6 बजने हिसन गअंज पसुधलस दप्रारप्रा इअंवदरप्रा नगर कनेत कने कसु करहैल जअंगल मम नर कअं कप्राल ककी ससूचनप्रा वमलनने पर वशकप्रायतकतप्रार्मा कसु करहैल जअंगल मम पहिहहुँचप्रा। कअं कप्राल कने पप्रास वशकप्रायतकतप्रार्मा कने भप्राई कप्रा विकोरर पहिचप्रान पत एविअं कअं कप्राल कने पहैर मम स्रश्रील ककी प्लनेर पडश्री रश्री जको वक उसने पसूविर्मा मम आई चकोर कने कप्रारण डडॉक्रर कने दप्रारप्रा डप्रालश्री गई रश्री धजस आधिप्रार पर वशकप्रायतकतप्रार्मा नने कअं कप्राल ककी पहिचप्रान अपनने भप्राई कने रूप मम वकयप्रा। वशकप्रायतकतप्रार्मा नने कहिप्रा वक उसकप्रा भप्राई शरप्राब पश्रीनने कप्रा आदश्री रप्रा तरप्रा नप्रावमत अवभयसुकगण उसकने सप्रार नशप्रा करतने रने और उसश्री वविविप्राद कने कप्रारण नप्रावमत अवभयसुकय नने उसककी हित्यप्रा ककी। 4. शवि वविच्छनेदन आख्यप्रा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक शवि कअं कप्राल रूप मम पररविवतर्मात हिको रहिप्रा रप्रा , हिवड्डियय सने कडने उत्तक जसुडने हिहए रने, शवि मम ककीडने पड गए रने तरप्रा बदबसू आ रहिश्री रश्री। ममृत्यसु कप्रा कप्रारण नहिहीं जप्रानप्रा सकप्रा। 5. वविविनेचक कको वदए गए अपनने बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नने यहि कहिप्रा वक पप्रारर्थी ममृतक कप्रा दकोस्त रप्रा तरप्रा ममृतक तरप्रा पप्रारर्थी अन्य लकोगय सने आधिप्रार कप्राडर्मा लनेकर अन्य व्यवकयय कने सप्रार वमलकर बबकय सने लकोन वदलप्रानने वि दसुकप्रानय सने फप्राईनमस करप्राकर सप्रामप्रान बनेचनने कप्रा कप्राम करतने रने। पहैसय कने वविविप्राद कको लनेकर अवभयसुकगण नने उसककी हित्यप्रा करकने शवि फम क वदयप्रा। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कने सप्रार पस्तसुत पसूरक शपर पत कने पस्तर 8 मम चप्रार अन्य पकरणय मम पप्रारर्थी ककी सअंधलप्ततप्रा दशप्रार्माई गई हिहै, धजसमम सने सभश्री चप्रार मसुकदमय मम उसने जमप्रानत वमल चसुककी हिहै। 7. पस्तसुत पकरण मम सहि-अवभयसुक बमृजनेश शमप्रार्मा तरप्रा अवमत कसु मप्रार सकोनश्री कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत सअंख्यप्रा 2395 सनन् 2025 एविअं 1634 सनन् 2025 मम पप्राररत आदनेश वदनप्राअंक 21.03.2025 तरप्रा 26.03.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चसुककी हिहै। 8. उपरकोक तथ्यय कने दृवष्टिगत रखतने हिहए जबवक शवि ककी पहिचप्रान मप्रात उसकने पप्रास पडने विकोचर पररचय पत कने आधिप्रार पर हिहई हिहै तरप्रा डश्रीएनए परश्रीकण नहिहीं वकयप्रा गयप्रा; वशकप्रायत परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम नप्रावमत नहिहीं हिहै तरप्रा वविविनेचनप्रा कने दगौरप्रान वदए गए बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नने मप्रात पकरण मम पप्रारर्थी ककी सअंधलप्ततप्रा कप्रा शक जप्रावहिर वकयप्रा हिहै एविअं इसकने अवतररक पप्रारर्थी कने वविरुद्ध परम-दृष्टियप्रा ककोई सप्राक्ष्य उपलब्धि नहिहीं तरप्रा सहि -अवभयसुक बमृजनेश शमप्रार्मा तरप्रा अवमत कसु मप्रार सकोनश्री कको जमप्रानत दश्री जप्रा चसुककी हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी भश्री जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानने कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 9. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 10. आविनेदक वविक्ककी रस्तकोगश्री @ वविकप्रास रस्तकोगश्री कको वनमनधलधखत शतरअं कने अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजस्रटनेर/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतसुवष्टि कने अनसुसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनने पर उपरकोक मप्रामलने मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - ( ) i आविनेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कने सप्रार छनेडछप्राड नहिहीं करनेगप्रा; ( ) ii आविनेदक अवभयकोजन पक कने सप्रावकयय पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालनेगप्रा; ( ) iii आविनेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यनेक वतधर पर उपमस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 6.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench