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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 169553 (ALL)
RAM SWAROOP v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/12670/2024 · 2025-05-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 169553 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26391 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 12670 of 2024 Applicant :- Ram Swaroop Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Dheeraj Awasthi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Srees Kumar Srivastava Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिश्रीरज अविस्रश्री , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ऋवषि कक मप्रार शश्रीविप्रास्तवि ककी तरफ सके उपसस्रत अधधिविकप्रा कक ० वशविप्रानश्री वतविप्रारश्री कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्तात पस्तकत इस पप्रारर्तानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 246 सन 2024 अन्तगर्तात धिप्रारप्रा 115(2), 103(1), 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा सफकीपकर धजलप्रा उनप्रावि मम जमप्रानत ककी पप्रारर्तानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 01.10.2024 कको समय 10:40 कको पप्रारर्थी, उसकके पकत तरप्रा पपौत कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्ता मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वदनप्रासंक 01.10.2024 कको समय करश्रीब 9 बजके सकबहि खसूसंरप्रा गप्राड़नके कके वविविप्राद कको लकेकर अवभयककगण नके वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वपतप्रा कको लप्राठश्री-डण्डके सके बकरश्री तरहि मप्रारप्रापश्रीरप्रा। जब वशकप्रायतकतप्रार्ता तरप्रा उसककी मप्रामाँ उनकको बचप्रानके गयके तको उन्हिम भश्री मप्रारप्रा पश्रीरप्रा। मप्रारपश्रीर मम धसर पर आई चकोर ककी विजहि सके वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वपतप्रा बकेहिकोश हिको गयके धजन्हिम सरकप्रारश्री एम्बकलकेन्स सके सप्रामकदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कके न्द सफकीपकर लके जप्रायप्रा गयप्रा जहिप्रामाँ सके उन्हिम धजलप्रा अस्पतप्राल भकेज वदयप्रा गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगर्तात वदयके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार्ता नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्ता कके करननों कप्रा समरर्तान वकयप्रा तरप्रा
उसनके यहि कहिप्रा वक उसके स्वियसं कको ज्यप्रादप्रा चकोर नहिहीं आयश्री रश्री इसधलए पकधलस कके कहिनके कके बप्राद भश्री उसनके अपनश्री वचवकत्सककीय परश्रीकण नहिहीं करप्रायप्रा।
5. ममृतक ककी मप्रामाँ नके अपनके बयप्रान मम कहिप्रा वक मप्रारपश्रीर मम आयश्री चकोर सके विहि भश्री बकेहिकोश हिकोकर वगर पड़श्री रश्री तरप्रा पररविप्रारविप्रालनों एविसं अन्य लकोगनों नके बप्राद मम पप्रानश्री कके छहींरप्रा मप्रारकर उसके उठप्रायप्रा तको कक छ समय बप्राद उसके हिकोश आयप्रा। उनकप्रा कहिनप्रा रप्रा वक अवभयककगण पसूरप्रा तप्रालप्राब कब्जप्रा करनप्रा चप्राहितके हिह जबवक उनकके पवत खसूसंरप्रा अपनश्री जगहि पर गप्राड़ रहिके रके।
6. वविविकेचक नके पप्रारर्थी तरप्रा उसकके पकत ककी वनशप्रानदकेहिश्री पर कधरत रूप सके एक खकेत कके वकनप्रारके झप्रावड़यनों सके खकलके स्रप्रान सके 2 लवठयप्रासं बरप्रामद ककी। बरप्रामदगश्री वकसश्री स्वितसंत सप्राकश्री ककी उपसस्रवत मम नहिहीं ककी गयश्री हिहै।
7.
घरनप्रा मम पप्रारर्थी एविसं उसकके पकत कको भश्री चकोरम आयहीं। पप्रारर्थी कके वचवकत्सककीय परश्रीकण मम धसर कके उपर फरप्रा हिहआ घप्रावि , बप्राई कलप्राई तरप्रा बप्रायके ककोहिनश्री एविसं हिप्रार मम ददर्ता बतप्रायप्रा गयप्रा। सभश्री चकोरम तप्राजश्री रश्री , सप्रामप्रान्य पकमृ वत ककी एविसं कठकोर एविसं कक न्द विस्तक सके कप्राररत ककी गयश्री रश्री। पप्रारर्थी कके पकत कको दप्रावहिनके कप्रान कके पप्रास एक फरप्रा हिहआ घप्रावि कप्राररत हिहआ तरप्रा यहि चकोर भश्री तप्राजश्री, सप्रामप्रान्य पकमृ वत ककी कठकोर एविसं कक न्द विस्तक सके कप्राररत हिहई रश्री।
8. ममृतक कके शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम धसर पर दप्रावहिनश्री तरफ 8 सके.मश्री. 6 x सके.मश्री. ककी ससूजन पप्रायश्री गयश्री तरप्रा ममृत्यक कप्रा कप्रारण चकोर कके कप्रारण ककोमप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा। शवि पर वकसश्री अन्य चकोर कप्रा वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा।। ममृतक ककी पत्नश्री अनश्रीतप्रा कके वचवकत्सककीय परश्रीकण मम दप्रावहिनके घकरनके पर एक वछलप्रा हिहआ घप्रावि तरप्रा बप्रायम हिप्रार मम ददर्ता बतप्रायप्रा गयप्रा।
9. पप्रारर्तानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोषि हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
10. पस्तकत पकरण मम सहि-अवभयकक वशविपप्राल पप्रासश्री कको इस न्यप्रायप्रालय
दप्रारप्रा जमप्रानत पप्रारर्तानप्रा पत ससंख्यप्रा 2928 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 08.04.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चकककी हिहै।
11. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपनों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरकोप -पत वदनप्रासंवकत 17.12.2024 पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै।
12. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , जबवक घरनप्रा मम दकोननों पकनों कके एक सके अधधिक व्यवकयनों कको चकोरम आयश्री हिह तरप्रा पप्रारर्थी कको स्वियसं भश्री घरनप्रा मम चकोरम आयहीं हिह; घरनप्रा 3 अवभयककगण दप्रारप्रा कप्राररत करनप्रा कहिप्रा गयप्रा जबवक ममृतक कको मप्रात धसर पर ससूजन ककी चकोर आयश्री; घरनप्रा ससंपधत्ति कको लकेकर हिहए झगड़के मम अचप्रानक घवरत हिहई ; वविविकेचनप्रा पसूणर्ता हिको चकककी हिहै ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै एविसं सहि-अवभयकक वशविपप्राल पप्रासश्री कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चकककी हिहै तरप्रा पप्रारर्थी वदनप्रासंक 01.10.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी भश्री जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
13. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्तानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
14.
आविकेदक रप्रामस्विरूप कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहिनों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्ता दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 6.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench