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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 16861 (ALL)

AZAD AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P THROUGH ITS PRINCIPAL SECRETARY (HOME)

BAIL/4070/2025 · 2025-07-21

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:119933 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4070 of 2025 Applicant :- Azad And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P Through Its Principal Secretary (Home) Counsel for Applicant :- Akhilesh Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा, पररिवद्वाददी कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रिद्वाज्य ककी तरिफ सवे ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलदी कद्वा पररिशदीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीणर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदकगण आजद्वाद, ओम ककै लद्वाश एववं रिद्वाजपद्वाल ककी ओरि सवे मसु०अ०सवं० 0025/2024, अवंतगरत धिद्वारिद्वा 420, 467, 468, 471, 120-बदी भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा जनकपसुरिदी, धजलद्वा सहद्वारिनपसुरि मम जमद्वानत परि मसुक करिनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा गयद्वा हकै। 3. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदकगण कको इस प्रकरिण मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हकै , उन्हहोंनवे कधथत अपरिद्वाधि कद्वाररित नहहीं वकयद्वा हकै। आववेदकगण दद्वारिद्वा ऐसद्वा ककोई भदी अपरिद्वाधि कद्वाररित नहहीं वकयद्वा गयद्वा हकै , जकैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा गयद्वा हकै। वतरमद्वान घटनद्वा कको कद्वाररित करिनवे कद्वा आववेदकगण कद्वा न तको ककोई हवेतसुक हकै, न हदी ककोई सरिकोकद्वारि हकै। घटनद्वा कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाकदी नहहीं हकै। आववेदकगण दद्वारिद्वा ककोई धिकोखद्वाधिडदी एववं जद्वालसद्वाजदी नहहीं ककी गयदी हकै। आववेदकगण कद्वा ककोई पझूवर आपरिद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हकै। वतरमद्वान वद्वाद मम सह-अवभयसुकगण बद्वालमद, अरिववन्द एववं रिद्वाजबल ककी जमद्वानत क्रमशशः दद्वाणणण्डिक प्रककीणर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 8739/2025, 8482/2025 एववं 7427/2025 आदवेश वदनद्वावंवकत 17.03.2025, 09.04.2025 एववं 04.03.2025 कको वभन-वभन न्यद्वायपदीठहों दद्वारिद्वा स्वदीकक त हको चसुककी हकै। अतशः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह-अवभयसुकगण सवे आववेदक ककी समद्वान भझूवमकद्वा हकोनवे कवे आधिद्वारि परि आववेदक भदी जमद्वानत प्रद्वाप्त करिनवे कद्वा अधधिकद्वारिदी हकै। पसुनशः उनकद्वा यह भदी कथन हकै वक आववेदकगण ककी तरिफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हकै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रयद्वा मम सहयकोग करिनवे कवे धलए तकैयद्वारि हह औरि जब भदी आवश्यकतद्वा हकोगदी ववे ईमद्वानदद्वारिदी सवे अदद्वालत कवे समक खसुद कको उपलब्धि करिद्वाएवंगवे औरि उन सभदी शतरवं कको स्वदीकद्वारि करिनवे कवे धलए भदी तकैयद्वारि हह जको न्यद्वायद्वालय उन परि अधधिरिकोवपत करिवेगदी। आववेदकगण वनदरष हह तथद्वा ववे इस प्रकरिण मम वद० 08.12.2024 सवे कद्वारिद्वागद्वारि मम वनरुद्ध हह। इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत परि छकोड वदयद्वा जद्वाय। 4. ववदद्वान अपरि शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदकगण कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरिकोधि करितवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदकगण दद्वारिद्वा कद्वाररित अपरिद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभदीरि प्रकक वत कद्वा हकै, इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत परि न छकोडद्वा जद्वाय। 5. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररिप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलदी परि उपलब्धि सद्वारिवद्वान तथ्यहों एववं पररिणस्थवतयहों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करिनवे कवे बद्वाद , सबझूतहों ककी प्रकक वत औरि वकसदी भदी ठकोस ववरिकोधिद्वात्मक सद्वामग्रदी ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रदी सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरिदी रिद्वाय मम आववेदकगण कको जमद्वानत परि मसुक करिनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वारि हकै। 6. अतशः वद्वाद कवे गसुण -दकोष परि वबनद्वा ककोई वटप्पणदी वकए हहए आववेदकगण कको उपरिकोक ववणरत अपरिद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि परि व्यवकगत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरिद्वावश कवे ककोई भदी दको-दको प्रवतभझू प्रस्तसुत करिनवे परि वनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत परि छकोड वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदकगण ववववेचनद्वा यद्वा परिदीकण कवे ददौरिद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यहों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करिमगवे। ii. आववेदकगण अवभयकोजन सद्वावकयहों व पदीवडतद्वा/ वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरिद्वायमगवे /धिमकद्वायमगवे नहहीं। iii. आववेदकगण न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशहों कद्वा पद्वालन करिमगवे, ववे परिदीकण कवे ददौरिद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ परि न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हहोंगवे तथद्वा परिदीकण मम ईमद्वानदद्वारिदी सवे सहयकोग करिमगवे। iv. आववेदकगण जमद्वानत परि ररिहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोग नहदी करिमगवे औरि वकसदी भदी अपरिद्वाधधिक गवतववधधि मम धलप्त नहहीं हहोंगवे न ककोई अपरिद्वाधधिक कक त्य करिमगवे। v. आववेदकगण प्रत्यक यद्वा अप्रत्यक रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यहों सवे पररिवचत वकसदी भदी व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररियहों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दमगवे न हदी उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करिमगवे, धजसकवे कद्वारिण उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यहों कको उजद्वागरि करिनवे सवे ववरित रिहनद्वा पण्डिवेडे़। 7. उपरिकोक शतरवं मम सवे वकसदी कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम, परिदीकण न्यद्वायद्वालय आववेदकगण ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वारि रिद्द करिनवे कको स्वतवंत हकै। Order Date :- 22.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad