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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 168087 (ALL)

SHAKEEL @ MONU v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. OF HOME LKO AND 3 OTHERS

BAIL/11811/2024 · 2025-03-18

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:15738 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 11811 of 2024 Applicant :- Shakeel @ Monu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Of Home Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Saurabh Mishra,Indra Pratap Singh,Narendra Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A.,Alok Mishra Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नरकेन्द्र गगुपप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कगु मप्रार वतविप्रारश्री कलो सगुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सगुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तगुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मगुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0319 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 354(A), 376, 511, 352, 452, 323 भप्रा०दसं०ससं० एविसं धिप्रारप्रा 7/8 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा ससंधिप्रानप्रा धजिलप्रा सश्रीतप्रापगुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. उपरलोक पकरण वशकप्रायतकतप्रार दप्रारप्रा वदनप्रासंक 12.06.2024 कलो धिप्रारप्रा 156(3) दसं०प०ससं० कके असंतगरत वदयके गयके पप्राररनप्रा-पत कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी तरप्रा 3 अन्य व्यकयधों कके वविरुद्ध असंवकत हिहआ, धजिसमम कहिप्रा गयप्रा वक वदनप्रासंक 05.06.2024 कलो सप्रायसं 7:30 बजिके जिब वशकप्रायतकतप्रार ककी 12 विरर्थीय पगुतश्री शशौच कके धलए गप्रासंवि कके वकनप्रारके एक खकेत मम गयश्री रश्री तलो विहिप्राहाँ पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतप्रार ककी पगुतश्री कके सप्रार बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा पयप्रास वकयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा ककी चश्रीख -पगुकप्रार सगुनकर खकेत सके आ रहिके शमशगुदश्रीन नके शलोर मचप्रायप्रा धजिस पर वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नश्री वि बड़िश्री पगुतश्री मशौकके पर गयश्री एविसं पप्रारर्थी मशौकके सके भप्राग गयप्रा। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तगुत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा कलोई पपूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 5. रप्राज्य सरकप्रार दप्रारप्रा पप्राररनप्रा-पत कके वविरलोधि मम पवतशपर -पत पस्तगुत वकयप्रा गयप्रा हिहै धजिसमम वविविकेचनप्रा कके दशौरप्रान ससंकधलत सप्राक्ष्यधों तरप्रा आरलोप-पत वदनप्रासंवकत 06.10.2024 ककी पवत ससंलग्न ककी गयश्री हिहै। यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा तरप्रा उसकके पररविप्रारश्रीजिन नके अपनके बयप्रानधों मम घटनप्रा कप्रा समररन वकयप्रा हिहै वकन्तगु परम सपूचनप्रा ररपलोटर मम असंवकत सप्राकश्री शमशगुदश्रीन नके कहिप्रा हिहै वक उसनके झगड़िप्रा -फसप्राद हिलोतके दकेखप्रा रप्रा वकन्तगु वशकप्रायतकतप्रार ककी पगुतश्री कके सप्रार कलोई छलोड़िछप्राड़ि वि गलत कप्राम करनके कप्रा कक त्य कप्रा पयप्रास उसकके सप्रामनके नहिहीं हिहआ। पश्रीवड़ितप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण कके धलए लके जिप्रायश्री गयश्री तलो उसकके सप्रार गयके पररविप्रारश्रीजिन नके वचवकत्सक कके समक कहिप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा कके सप्रार बलप्रात्कप्रार जिहैसश्री कलोई घटनप्रा नहिहीं हिहई हिहै अततः विहि पश्रीवड़ितप्रा ककी असंदरूनश्री जिप्रासंच नहिहीं करप्रानप्रा चप्राहितके हिल। कके स डप्रायरश्री मम असंवकत हिहै वक पश्रीवड़ितप्रा नके भश्री अपनके सप्रार कगु छ गलत कक त्य हिलोनप्रा नहिहीं बतप्रायप्रा और असंदरूनश्री जिप्रासंच सके मनप्रा कर वदयप्रा। 6. उपरलोक तथ्यधों कलो दृवष्टिगत रखतके हिहए, जिबवक परम सपूचनप्रा ररपलोटर मम शमशगुदश्रीन दप्रारप्रा घटनप्रा दकेखप्रा जिप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा वकन्तगु शमशगुदश्रीन नके मप्रात झगड़िप्रा -फसप्राद हिलोनप्रा कहिप्रा एविसं पश्रीवड़ितप्रा कके सप्रार वकसश्री भश्री पकप्रार कके दगुव्यरविहिप्रार सके इसंकप्रार वकयप्रा ; पश्रीवड़ितप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार वकयप्रा गयप्रा हिहै , वविविकेचनप्रा पपूणर हिलो चगुककी हिहै तरप्रा आरलोप-पत भश्री पस्तगुत हिलो चगुकप्रा हिहै। पप्रारर्थी एवि नवि यगुविक हिहै , धजिसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। पप्रारर्थी वदनप्रासंक 17.09.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 7. तद्नगुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। 8. आविकेदक शककील उफर मलोनपू कलो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतगुवष्टि कके अनगुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जिमप्रानतम पस्तगुत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल कलोटर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिलोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 18.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench