SMT. REKHA SHARMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
ABAIL/1099/2025 · 2025-09-26
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 167209 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1099 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्रािथनी के िवद्वान अिधवक्ता श्री गौरव उपाध्याय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री सत्येन्द्र श्रीवास्तव को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 438 दं०प्र०सं० द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 19 सन 2014 अन्तगर्त धारा 409 भा०द०िव० थाना मालीपुर िजला अम्बेडकरनगर में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण िदनांक 21.01.2014 को िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ िजसमें यह कहा गया िक प्रािथनी की राइस िमल ने अनुबंध का उल्लंघन करते हुए िनधार्िरत से कम मात्रा के चावल का सम्प्रदान िकया।
4. प्रारंभ में प्रािथनी ने प्रथम सूचना िरपोटर् की वैधता को चुनौती देते हुए इस न्यायालय के समक्ष यािचका संख्या 10475 MB 2013 प्रस्तुत की थी िजसमें पािरत अंतिरम आदेश िदनांक 11.11.2013 द्वारा प्रािथनी की िगरफ्तारी पर रोक लगायी गयी थी िकन्तु आरोप-पत्र प्रस्तुत होने के उपरान्त उक्त यािचका िनरस्त हो गयी। वसूली आदेश की वैधता को अनेक चावल िमलों द्वारा चुनौती दी गयी थी तथा इस संबंध में कोई कायर्वाही नहीं हुई। िदनांक 25.06.2020 को शासन ने प्रश्नगत वसूली के संबंध में िकसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कायर्वाही पर रोक लगा दी थी।
5. प्राथर्ना-पत्र के समथर्न में शपथ-पत्र प्रािथनी के पुत्र ने प्रस्तुत िकया है तथा शपथ-पत्र में यह कहा गया है िक प्रािथनी अपनी अस्वस्थता के कारण शपथ-पत्र देने में असमथर् है। प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्रािथनी एक िनदोर्ष मिहला है एवं उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक िववेचना में आरोपों की पुिष्ट हुई है तथा आरोप-पत्र िदनांक 10.01.2016 को प्रस्तुत िकया जा चुका है।
7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् चावल के संप्रदान के संबंध में Versus Counsel for Applicant(s) : Sandeep Kumar Shukla, Gaurav Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Smt. Rekha Sharma .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko.
And Another .....Opposite Party(s)
हुए अनुबंध की शतोर्ं के उल्लंघन के संबंध में िलखाई गई है; इस संबंध में वसूली की दीवानी प्रिक्रयाएँ भी चलती रहीं एवं शासन ने स्वयं एक स्तर पर आकर ऐसे सभी प्रकरणों में उत्पीड़नात्मक कायर्वाही पर रोक लगी दी थी; प्रािथनी एक मिहला है िजसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है एवं प्रािथनी ने िववेचना में सहयोग करने का आश्वासन िदया है, न्यायालय का मत है िक प्रािथनी अिग्रम जमानत पाने की अिधकािरणी है।
8. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेिदका की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेिदका, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगी। ख- आवेिदका मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगी िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेिदका अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगी; घ- आवेिदका को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेिदका अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगी / धमकी नहीं देगी। च- आवेिदका िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेगी और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगी। September 26, 2025 Ankit ABAIL No. 1099 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench