Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 167178 (ALL)

VINEET KUMAR VERMA @ SHYAMU VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME SECTT. LKO. AND ANOTHER

NABAIL/1368/2025 · 2025-09-24

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1368 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री ईशान गगर् तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री प्रशांत ित्रपाठी को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 2. धारा 438 दं०प्र०सं०/482, भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 के अंतगर्त प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 0113 सन 2025 अन्तगर्त थारा 420, 506, 467, 468, 471, 120-B भा०द०िव० थाना कोतवाली नगर, िजला बाराबंकी में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 31.01.2025 को प्राथीर् तथा एक अन्य व्यिक्त श्यामू वमार् के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक िशकायतकतीर् ने अिभयुक्तगण से वषर् 2012 में 1000 वगर् फीट का एक भूखण्ड आठ लाख रुपये में क्रय िकया था। िशकायतकतीर् ने उक्त भूखण्ड को अनवार हुसैन को वषर् 2021 में बेच िदया। अनवार हुसैन ने िशकायतकतीर् को बताया िक िवक्रीत भूखण्ड का गाटा संख्या 27 है, जबिक भूखण्ड वास्तव में गाटा संख्या 28 में िस्थत है। प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक भूखण्ड पर उप-िजलािधकारी नवाबगंज बाराबंकी व स्थानीय पुिलस द्वारा िशकायतकतीर् के भूखण्ड को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराकर उसे कब्जा िदया गया था। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है। 5. दो सह-अिभयुक्तों को इस पीठ द्वारा 482 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 1209 वषर् 2025 में पािरत आदेश िदनांक 15.09.2025 Versus Counsel for Applicant(s) : Eshan Garg, Prachi Arya Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vineet Kumar Verma @ Shyamu Verma .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Sectt. Lko. And Another .....Opposite Party(s) द्वारा पूवर् में अिग्रम जमानत दी जा चुकी है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है। 7. िशकायतकतीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने भी प्राथर्ना-पत्र का िवरोध िकया तथा कहा िक जब िशकायतकतीर् से भूखण्ड क्रय करने वाले क्रे ता ने कब्जे के िवषय में आपित्त की तब िशकायतकतीर् ने यह प्रथम सूचना िरपोटर् दजर् कराई। 8. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए जबिक िशकायतकतीर् ने भूखण्ड वषर् 2012 में क्रय िकया था; िशकायतकतीर् ने प्रथम सूचना िरपोटर् में स्वयं ही कहा है िक भूखण्ड पर उसे उप िजलािधकारी नवाबगंज बाराबकी व स्थानीय थाने की पुिलस ने कब्जा िदलाया था; प्रथम सूचना िरपोटर् लगभग 14 वषर् बाद अंिकत कराई गई है एवं दो अन्य सह-अिभयुक्तों को इस पीठ द्वारा पूवर् में 482 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 1209 वषर् 2025 में पािरत आदेश िदनांक 15.09.2025 द्वारा अिग्रम जमानत दी जा चुकी है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् भी अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 9. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 10. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक िवनीत कु मार वमार् उफर् श्यामू वमार् की िगरफ्तारी न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उन्हें संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होंगे। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; NABAIL No. 1368 of 2025 2 ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। . (Subhash Vidyarthi,J.) September 24, 2025 Sumit NABAIL No. 1368 of 2025 3 Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench