ARSHI KHAN THRU. HER NEXT FRIEND ARYAN KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
/352/2025 · 2025-09-23
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 166734 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 352 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. यािचकाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री िवकास पांडेय तथा िवद्वान अितिरक्त शासकीय अिधवक्ता प्रथम श्री राजेश कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय संिवधान के अनुच्छेद 226 के अन्तगर्त 21 वषीर्य मिहला, अशीर् खान, की तरफ से उसके िमत्र आयर्न कु मार के माध्यम से प्रस्तुत इस बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका में कहा गया है िक अशीर् खान को उसके िपता, िसराज अली (िवपक्षी संख्या 4) ने अपनी अवैध अिभरक्षा में िनरुद्ध कर रखा है। यािचका में कथन िकया गया है िक अशीर् खान आयर्न कु मार के साथ िलिवग िरलेशनिशप में रह रही थी तथा उसके िपता ने उसे आयर्न कु मार से अलग कर िदया है एवं आयर्न कु मार को आशंका है िक उसकी मिहला िमत्र को िवपक्षी संख्या 4 ने छु पा िदया है या मार डाला है, िजससे उसे अपनी मिहला िमत्र का पता नहीं चल पा रहा है।
3. यािचका आयर्न कु मार के माध्यम से प्रस्तुत की गई है तथा आयर्न कु मार एवं अशीर् खान में कोई वैधािनक संबंध नहीं है। अशीर् खान अपने िपता की अवैध अिभरक्षा में है ऐसा सुिनिश्चत कथन नहीं िकया गया है तथा यह, संदेह व्यक्त िकया गया है िक उसे छु पा िदया गया है या मार िदया गया है। ऐसी िस्थित में संदेह के आधार पर बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका पोषणीय नहीं है। आयर्न कु मार ने पुिलस को इस संबंध में एक प्राथर्ना पत्र दे रखा है िजस पर पुिलस उिचत कायर्वाही न करे ऐसा संदेह करने का कोई युिक्तयुक्त आधार नहीं है।
4. तदनुसार, यह बंदी प्रत्यक्षीकरण यािचका िनरस्त की जाती है।
September 23, 2025 Himanshu Versus Counsel for Petitioner(s) : Vikas Pandey, Rajeev Krishna Pandey Counsel for Respondent(s) : G.A. (Subhash Vidyarthi,J.) Arshi Khan Thru. Her Next Friend Aryan Kumar .....Petitioner(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others .....Respondent(s) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench