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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 166513 (ALL)

SHRAVAN KUMAR AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 2 OTHERS

CRLR/1078/2025 · 2025-09-22

Saurabh Lavania

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL REVISION No. - 1078 of 2025 Court No. - 11 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J. 1. Heard learned counsel for the revisionists, learned A.G.A. for the State and perused the record. 2. The present criminal revision has been filed seeking following main relief(s) :- "Wherefore, it is most respectfully prayed that this Hon'ble Court may become pleased to set aside the impugned order dated 22.08.2025 passed by learned Principal Judge, Family Court Barabanki in Cri. Misc. Case No.1098/2021 and also against the order dated 22.08.2025 passed by learned Principal Judge, Family Court Barabanki in Cri. Misc. Case No. 620/2022 filed under section 125(3) Cr.P.C. Police Station-Asandra, District- Barabanki in Sheela Devi Vs. Shravan Kumar by which the Learned Trial Court has allowed the application of opposite party no. 2 filed under section 125(3) Cr.P.C. and issued the Arrest Warrant and recovery warrant for payment of Rs.83,000, and also challenging the notice issued to the revisionist no.2, vide order dated 22.08.2025, after summoning the Lower Court record in the interest of justice. It is further prayed this Hon'ble Court may graciously be pleased to stay the impugned orders dated 22.08.2025 passed by learned Principal Judge, Family Court Barabanki in Cri. Misc. Case No. 1098/2021 as well as in Cri. Misc. Case No. 620/2022 filed under section 125(3) Cr.P.C. till the pendency of this revision in the interest of justice." 3. From the perusal of the record, it is apparent that the main order dated 23.11.2021 passed in exercise of power under Section 125 Cr.P.C. in Criminal Misc. Case No.9 of 2017 (Sheela Devi Vs. Shrawan Kumar) has been challenged in Criminal Revision No. 227 of 2022 (Shravan Kumar Vs. State of U.P. and another) and in the instant revision only the consequential order dated 22.08.2025 passed by the Additional Principal Judge-II, Family Court, Barabanki (in short "Family Court") in proceedings initiated in terms of Section 125 (3) Cr.P.C., registered as Case No.1098/2021 has been challenged. By this order the application of the revisionist (Application No.Ba-69) praying therein to permit the revisionist to pay Rs.83,000/- in 06 installments has been rejected. The order dated 22.08.2025 is extracted herein under :- Versus Counsel for Revisionist(s) : Upendra Prakash Pathak Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shravan Kumar And Another .....Revisionist(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 2 Others .....Opposite Party(s) "Order dated 22.08.25 पत्रावली पेश हुई। पत्रावली िवपक्षी श्रवण कु मार तथा जमानती रमराजा की तरफ से प्रस्तुत प्राथर्ना पत्र ब 69 (त्रुिटवश िपछली ितिथ के आदेश पत्र में ब-63 उिल्लिखत है) पर आदेश हेतु िनयत है। िवपक्षी श्रवण कु मार व जमानती रमराजा द्वारा प्राथर्ना पत्र ब-69 इस आशय का प्रस्तुत िकया गया है िक प्राथीर्जन उक्त वाद के िवपक्षी श्रवण कु मार की जामीदार है और श्रवण कु मार के िवरुद्ध पूवर् में न्यायालय द्वारा गुजारा भत्ता प्राथर्ना पत्र की ितिथ से िदये जाने का आदेश का पािरत िकया गया था िजसके अनुक्रम में गुजारा भत्ता बकाया हो गया था और श्रवण कु मार जो बेरोजगार व बीमार व्यिक्त है, जो गुजारा भत्ता अदा नहीं कर पाया था जो जेल चला गया था िजस पर प्रािथन व अन्य ने जमानत ली थी और जेल से छू टने के बाद श्रवण कु मार बीमारी के कारण कहीं से कोई आय न होने के कारण धनरािश एकित्रत नहीं कर पाया था और 5,000/- रुपये वािदनी के खाते में जमा िकया था और िदनांक 30.06.2025 को 2,000/- रुपये नकद न्यायालय पर िदया गया श्रवण कु मार बीमार होने के कारण िदनांक 04.07.2025 को नहीं आ सका था और न्यायालय द्वारा श्रवण के । वेरुद्ध आर०डब्ल्यू० व ए०डब्ल्यू० आदेश पािरत करते हुए प्रािथनी व अन्य को नोिटस जारी की गयी है, िजसकी सूचना होने पर प्रािथनी न्ययालय के समक्ष आयी है और गुजारे भत्ते की रकम 83,000/- रुपये शेष बची है िजसे प्रािथनी व अन्य व श्रवण कु मार के पास कोई आय का साधन नहीं है िजस कारण एकमुश्त 83,000/- रुपये प्रािथनीजन द्वारा अदा करना संभव नहीं है, इसिलए आदेश िदनांक 04.07.2025 िरकाल/िनरस्त कर न्यायिहत में गुजारा भत्ता की बकाया धनरािश 6 िकस्तों में अदा िकये जाने का आदेश पािरत िकया जाना आवश्यक है िजससे प्रािथनीनज व श्रवण मेहनत मजदूरी करके गुजारा भत्ता 6 िकस्तों में अदा कर सके । अतः प्राथर्ना की गई है िक एकपक्षीय आदेश को िनरस्त कर प्राथीर्जनों को बकाया गुजारा भत्ता 83,000/- रुपया 6 िकस्तों में अदा करने का आदेश िदये जाने की कृ पा की जावे। प्रािथनी की ओर से आपित्त प्रकट करते आपित्त पत्र िदनांिकत 29.07 2025 प्रस्तुत कर कथन िकया गया िक मा० न्यायालय द्वारा िदनांक 04.07.2025 को पत्रावली में बकाया भरण पोषण धनरािश (पत्रावली जो एक्शन प्लान की है) अदा करने हेतु िवपक्षी के स्वयं व उसके जमानतदारों के िवरुद्ध नोिटस / वसूलीयाबी वारण्ट/िगरफ्तारी वारण्ट जारी िकया गया था िफर भी िवपक्षी द्वारा अब तक उक्त पत्रावली में भुगतान नहीं िकया गया है। िवपक्षी श्रवण कु मार एक हुनरमंद व्यिक्त है। असन्द्रा बाजार में ही (असन्द्रा से नई सड़क के बीच मुख्य मागर् पर) लगभग 15 दुकाने िनिमत है जो िक िवपक्षी द्वारा िकराये पर दी गयी हैं व िवपक्षी के पास लगभग 4 बीता खेितहर भूिम है, जानबूझकर भरण पोषण धनरािश अदा न करना पड़े इसिलए मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर िदनांक 17.07.2025 को िवपक्षी द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर प्राथर्ना पत्र िदया गया है जो िक िनरस्त िकये जाने योग्य है। अतः प्राथर्ना पत्र ब-69 िनरस्त करते हुए संपूणर् भुगतान एकसाथ िकये जाने का आदेश िदये जाने की प्राथर्ना की गई है। प्राथर्ना पत्र पर उभयपक्ष को सुना जा चुका है। पत्रावली का अवलोकन िकया। जहां तक प्राथर्ना पत्र ब-69 का प्रश्न है तो पत्रावली के अवलोकन से िविदत होता है िक िवपक्षी ने पत्रावली में भुगतान न करने तथा पत्रावली की कायर्वाही िवलंिबत करने का हरसंभव हथकं डा अपनाया जबिक पत्रावली एक्शन प्लान की है िजसका मा० उच्चत्तम न्यायालय व मा० उच्च न्यायालय के अनुगर अत्यंत शीघ्रता से िनस्तारण िकया जाना है। िवपक्षी को िदनांक 18.12.2024 को जमानत पर िरहा करने का आदेश भी पािरत िकया गया था िजसमें यह भी CRLR No. 1078 of 2025 2 शतर् थी िक िवपक्षी बकाया धनरािश दो िकस्तों में न्यायालय में जमा करेगा तथा िवपक्षी ने इस संबंध में अंडरटेिकग भी न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इसके बाद भी िवपक्षी की तरफ से बकाया धनरािश का भुगतान नहीं िकया गया तथा िदनांक 06.03.2025 को माह माचर् 2025 में 45,000/- रुपये अदा करने का आश्वासन िदया गया परंतु इसके पश्चात भी उसके द्वारा धनरािश नहीं अदा की गई। िदनांक 19.05.2025 को भी न्यायालय द्वारा िवपक्षी को िदनांक 27.06.2025 के पूवर् बकाया धनरािश अदा करने का अंितम अवसर िदया गया अन्यथा िदनांक 18.12.2024 के आदेशानुसार वसूली की अिग्रम कायर्वाही िकये जाने की चेतावनी दी गई। इसके बावजूद भी िवपक्षी द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन नहीं िकया गया। तब न्यायालय द्वारा िदनांक 04.07.2025 को िवपक्षी के िवरुद्ध वसूली वारंट तथा िगरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश पािरत िकया गया। इसके पश्चात िदनांक 17.07.2025 को प्राथर्ना पत्र ब-69 प्रस्तुत िकया गया। इस प्रकार िवपक्षी लगातार न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा त्था उसका आचरण न्यायालय को धोखा देने वाला है। पत्रावली एक्शन प्लान की है िजसका यथाशीघ्र िनस्तारण िकया जाना है। अतः समस्त तथ्य एवं पिरिस्थितयों के दृिष्टगत प्राथर्ना पत्र ब-69 स्वीकार िकया जाने योग्य नहीं है। तद्रुसार प्राथर्ना पत्र ब-69 िनरस्त िकया जाता है।" 4. Upon due consideration of the aforesaid including that the main order dated 23.11.2021 of Family Court has not been stayed by this Court, as appears from the order of the court dated 28.03.2022, annexed at page 32 of the paper book, this court does not find any illegality in the impugned order dated 22.08.2025. Accordingly, the criminal revision is rejected. September 22, 2025 ML/- CRLR No. 1078 of 2025 3 (Saurabh Lavania,J.) Digitally signed by :- MUNNA LAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench