SARYU PRASAD TIWARI IN ADHAR CARD SARU PRASAD TIWARI IN FIR SARJU PRASAD TIWARI AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1292/2025 · 2025-09-25
Subhash Vidyarthi
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 165690 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1292 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता श्री अिनल कु मार पांडेय तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना- पत्र द्वारा प्राथीर्गण ने मुकदमा अपराध संख्या 0203 सन 2025 अन्तगर्त धारा 191(2), 191(3), 190, 109, 110, 117(2), 115(2), 352, 351(2), 125 बी०एन०एस०, थाना बाजार शुक्ल, िजला अमेठी, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. िदनांक 20/07/2025 को, प्राथीर्गण सिहत आठ नािमत व्यिक्तयों एवं तीन अज्ञात व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक जब िशकायतकतार् सुबह अपने धान के खेत पर खाद डलवाने गया तो सभी अिभयुक्तगण एक राय होकर लोहे की रॉड, लाठी, डंडा एवं अवैध असलहा से जान से मारने की िनयत से हमला कर िदया, िजसमें िशकायतकतार् पक्ष के पांच लोगों को चोटें आई। एक व्यिक्त के हाथ में हड्डी टूटना कहा गया है, िकतु उन्होंने एक्सरे जाँच नहीं कराई है। एक व्यिक्त के अंगूठे की हड्डी टूटी हुई है। इसके अितिरक्त, अन्य कोई चोट गंभीर प्रकृ ित की नहीं है। घटना में प्राथीर् पक्ष से भी तीन व्यिक्तयों को चोटें आने का कथन िकया गया है, िजसमें से एक व्यिक्त अस्पताल में भतीर् रहा तथा एक अन्य व्यिक्त की चोट प्रपत्र पत्रावली पर उपलब्ध है।
4. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर्गण िनदोर्ष हैं तथा शपथ पत्र के माध्यम से प्राथीर् संख्या 1 की दो प्रकरण में संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें से एक में िववेचक ने अंितम आख्या प्रस्तुत कर दी है तथा दूसरे में उसको कोई नोिटस/समन प्राप्त नहीं हुआ है। प्राथीर् संख्या 2 की चार प्रकरणों में संिलप्तता दशार्ई गई है, िजसमें से एक प्रकरण में उसे जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है तथा एक प्रकरण में उसकी अपील लंिबत है तथा अन्य दो Versus Counsel for Applicant(s) : Anil Kumar Pandey, Arvind Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Saryu Prasad Tiwari In Adhar Card Saru Prasad Tiwari In Fir Sarju Prasad Tiwari And Another .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s)
प्रकरणों में उसे कोई समन प्राप्त नहीं हुआ है।
5.
प्राथीर्गण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक यद्यिप घटना के संबंध में प्राथीर् पक्ष की तरफ से िदनांक 20/07/2025 को थाने पर िलिखत प्राथर्ना पत्र िदया गया था, पुिलस ने तत्परता से प्राथीर् की िरपोटर् नहीं िलखी तथा पुिलस अधीक्षक को प्राथर्ना पत्र िदए जाने के पश्चात िदनांक 29/07/2025 को प्राथीर्गण की तरफ से प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 216 चार व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखी गई है।
6. िवद्वान अपर प्रशासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में कई व्यिक्तयों को गंभीर चोटें आई हैं तथा िववेचना अभी भी लिम्बत है।
7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रकरण में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं तथा प्राथीर् पक्ष के लोगों को आई चोटों का उल्लेख प्रथम सूचना िरपोटर् में नहीं है, िजससे यह प्रतीत होता है िक प्रथम सूचना िरपोटर् में समस्त तथ्य उिल्लिखत नहीं िकए गए हैं, प्राथीर् पक्ष की िरपोटर् भी तत्परता से नहीं िलखी गई तथा पुिलस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद प्राथीर् पक्ष की िरपोटर् िलखी गई है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर्गण प्रकरण में अिग्रम जमानत पाने के अिधकारी हैं।
8. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
9.
उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदकगण की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदकगण, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होंगे। ख- आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदकगण अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेंगे; घ- आवेदकगण को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेंगे / धमकी नहीं देंगे। NABAIL No. 1292 of 2025 2
च- आवेदकगण िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगे।
September 25, 2025 Himanshu NABAIL No. 1292 of 2025 3 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench