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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 165552 (ALL)

VINAY SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME LKO.

BAIL/8961/2025 · 2025-09-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 8961 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री यदुवंश मिण िसह, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री मनीष िवक्रम िसह चौहान तथा िशकायतकतार् के िवद्वान अिधवक्ता श्री रिव शंकर िमश्रा को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 95 सन 2025 अन्तगर्त धारा 109(1), 126(2), 191(2), 191(3), 190, 117(2), 115(2), 352, 351(3), 288 बी०एन०एस० थाना उदयपुर िजला प्रतापगढ़ में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 23.06.2025 को प्राथीर् सिहत 12 नािमत व्यिक्तयों तथा 7-8 अन्य व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में यह कहा गया है िक उक्त ितिथ को समय 01:30 बजे िदन में जब िशकायतकतार् के घर के लोग खेत से वापस आ रहे थे, रास्ते में रंिजशन अिभयुक्तगण ने उन पर हमला कर िदया। सह-अिभयुक्तगण द्वारा गोिलयां चलाने का कथन िकया गया है िजससे तीन लोगों को चोटें आयीं तथा एक अन्य व्यिक्त का हाथ टूट गया िकन्तु प्राथीर् के िवरुद्ध कोई िवशेष कथन नहीं िकया गया है। 4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है। 5. इस घटना के संबंध में प्राथीर् की तरफ से सह-अिभयुक्त वीरभान की पत्नी ने एक प्रथम सूचना िरपोटर् संख्या 96 सन 2025 िदनांक 25.06.2025 को 7 नािमत व्यिक्तयों तथा 8-10 अन्य व्यिक्तयों के िवरुद्ध यह कहते हुए िलखाई थी िक पुरानी रंिजश के कारण सभी व्यिक्तयों ने चतुरभान िसह के मकान पर हमला कर िदया िजसमें कई व्यिक्तयों को चोटें आयीं, घर में रखे सामान को तोड़ फोड़ िदया गया तथा 20,000/- रुपये नगद व कु छ गहने लूट िलये गये। प्राथीर् की तरफ से सह-अिभयुक्त िशव प्रताप िसह द्वारा आत्मरक्षाथर् लाइसेन्सी बन्दूक से हवाई फायर करने का कथन भी िकया गया। 6. घटना में सह-अिभयुक्त वीरभान िसह को भी तीन चोटें आयीं हैं। Versus Counsel for Applicant(s) : Yaduvansh Mani Singh, Ravi Kant Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Ravi Shankar Mishra Vinay Singh .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Lko. .....Opposite Party(s) 7. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से िशकायतकतार् के बयान की प्रित अिभलेख पर प्रस्तुत की गयी है िजसमें उसने कहा िक घटना स्थल सह-अिभयुक्त वीरभान के घर के सामने का है। 8. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक घटना वीरभान के घर के सामने हुई िजससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है िक िशकायतकतार् पक्ष के लोगों ने पहले हमला िकया था तथा प्राथीर् पक्ष ने मात्र आत्मरक्षा की थी। प्राथीर् पक्ष के द्वारा िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में दूसरे पक्ष के मीर आलम एवं मो० िरजवान को इस न्यायालय द्वारा जमानत पर िरहा िकया जाने का आदेश हो चुका है। 9. प्राथीर् िदनांक 24.06.2025 से न्याियक अिभरक्षा में है। 10. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण िववेचना अभी प्रचिलत है। 11. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक प्रथम सूचना िरपोटर् 12 नािमत व्यिक्तयों तथा 7- 8 अन्य व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई थी िजसमें प्राथीर् के िवरुद्ध कोई कथन नहीं िकया गया है; घटना के संबंध में प्राथीर् पक्ष से भी कु छ व्यिक्तयों को चोटें आयीं हैं, घटना स्थल प्राथीर् पक्ष के एक व्यिक्त के घर के सामने का है; घटना की प्रथम सूचना िरपोटर् प्राथीर् पक्ष की तरफ से भी िलखाई गई है तथा उस प्रकरण में दो अिभयुक्तों को जमानत िमल चुकी है; प्राथीर् िदनांक 24.06.2025 से न्याियक अिभरक्षा में िनरुद्ध है; प्राथीर् के िवरुद्ध कोई िविशष्ट आरोप नहीं लगाये गये हैं, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 12. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 13. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 22, 2025 Ankit BAIL No. 8961 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench