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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 165399 (ALL)

SURAT @ SURJA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. GOVT. OF U.P. LKO.

/1032/2025 · 2025-09-23

Subhash Vidyarthi

Public Interest Litigationbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1032 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् की तरफ से एक पूरक शपथ पत्र प्रस्तुत िकया गया, िजसे अिभलेख पर िलया जाता है। 2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री दीपक कु मार तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 3. भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 482/438 दं०प्र०सं० के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना- पत्र द्वारा प्राथीर् ने रेन्ज के स संख्या 05 सन 2013-14 अन्तगर्त धारा 9, 27, 31, 35(6), 52, 51(1)(1C)वन्य जीव संरक्षण अिधिनयम एवं भारतीय वन अिधिनयम की धारा 26, थाना बनकटी, िजला लखीमपुर खीरी, में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है। 4. उपरोक्त प्रकरण क्षेत्रीय वन अिधकारी द्वारा प्राथीर् सिहत 54 व्यिक्तयों के िवरुद्ध पंजीकृ त अिभयोग के आधार पर संिस्थत हुआ, िजसमें कहा गया है िक सभी अिभयुक्तगण िदनांक 02.05.2013 को दुधवा टाइगर िरजवर् की बनकटी रेन्ज के कोर जोन में घुस कर लकड़ी काट कर ले गए। 5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में प्राथीर् की 7 अन्य प्रकरणों में संिलप्तता दशार्ई गई है, िजनमें से दो में प्राथीर् का प्रशमन हो गया है तथा अन्य की कायर्वाही अभी प्रचिलत है। 6. किथत अपराध अिधकतम 7 वषर् के कारावास से दंडनीय हैं। 7. उपरोक्त पिरिस्थित में, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है। 8. तदनुसार, अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध Versus Counsel for Applicant(s) : Kapil Dev Srivastava, Deepak Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Surat @ Surja .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Govt. Of U.P. Lko. .....Opposite Party(s) पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। September 23, 2025 Himanshu ABAIL No. 1032 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench